NPS Scheme: केंद्र सरकार लोगों की रिटायरमेंट की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नेशनल पेंशन स्कीम चलाती है। इस स्कीम की मदद से खाताधारकों को पेंशन फंड के साथ-साथ एन्युटी का भी लाभ मिलता है। केंद्र में मोदी 3.0 सरकार बनने के बाद केंद्रीय कर्मचारियों के लिए इस स्कीम से जुड़ी हुई बड़ी खुशखबरी आ गई है।

50 फीसदी पेंशन की गारंटी का रखा गया प्रस्ताव
दरअसल, नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली भारतीय जनता पार्टी सरकार ने राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) के तहत केंद्रीय कर्मचारियों को मिलने वाली पेंशन में बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों की आखिरी बेसिक सैलरी पर 50 फीसदी पेंशन की गारंटी का प्रस्ताव रखा है।
आसान भाषा में कहें तो, यदि आपका 50,000 रुपये महीने के अंतिम वेतन पर रिटायर होते हैं तो, आपको 20 से 25 हजार रुपये प्रति महीने पेंशन के रूप में दिया जाएगा। ऐसे में NPS के तहत केंद्रीय कर्मचारियों के अंतिम वेतन के 40 से 50 प्रतिशत के बराबर पेंशन की गारंटी होगी।
इस कमेटी का किया गया गठन
आपको बता दें कि पिछले साल मार्च 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार ने वित्त सचिव टीवी सोमनाथन के नेतृत्व में एक समिति गठित की थी, जिसका लक्ष्य था गैर-अंशदायी पुरानी पेंशन योजना (OPS) पर लौटे बिना राष्ट्रीय पेंशन योजना यानी NPS के तहत पेंशन लाभ में सुधार के तरीके खोजना था।
यह समिति तब बनाई गई थी, जब देश के कई राज्यों ने राष्ट्रीय पेंशन योजना को लागू करने से इनकार कर दिया था और पुरानी पेंशन व्यवस्था OPS की प्रक्रिया शुरू कर दी थी।
इस समिति को रिपोर्ट सौंपने के लिए कोई निश्चित समय सीमा तय नहीं की गई थी। इस समिति में वित्त मंत्रालय के एक्सपेंडीचर डिपार्टमेंट विभाग में स्पेशल सेग्रेटरी राधा चौहान, एनी मैथ्यू और पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण के चेयरपर्सन दीपक मोहंती शामिल थे।
87 लाख एंप्लाइज को मिलेगा बेनिफिट
नेशनल पेंशन स्कीम के तहत केंद्रीय कर्मचारियों के आखिरी वेतन के 40 से 50 फीसदी के बराबर पेंशन की गारंटी होगी। हालांकि, कुल सेवा काल और पेंशन फंड से आपके द्वारा की गई किसी भी तरह की निकासी को एडजस्ट किया जाएगा। इस पेंशन गारंटी को पूरा करने के लिए पेंशन फंड में किसी भी तरह की कमी को केंद्र सरकार के बजट से पूरा किया जाएगा।
गौरतलब है कि अगर नेशनल पेंशन सिस्टम लागू होता है तो 1 जनवरी 2004 से नेशनल पेंशन स्कीम में रजिस्टर्ड 87 लाख से ज्यादा केंद्रीय कर्मचारियों को इसका फायदा मिलेगा।
वित्त मंत्रालय के एक बयान के मुताबिक डीए दरों में बढ़ोतरी के साथ यह रकम बढ़ती रहती है। मंत्रालय ने यह भी जानकारी दी है कि ओपीएस वित्तीय रूप से टिकाऊ नहीं है क्योंकि यह अंशदायी नहीं है और सरकारी खजाने पर बोझ बढ़ता रहता है।
इतना कर सकते हैं एनपीएस में निवेश
नेशनल पेंशन स्कीम के अंतर्गत न्यूनतम निवेश की सीमा 6000 रुपये है। यदि न्यूनतम सीमा जितना निवेश नहीं किया जाता है तो अकाउंट फ्रीज कर दिया जाता है और फिर अकाउंट डिफ्रीज करवाने के लिए 100 रुपये की पेनल्टी भी देनी होगी।
इस स्कीम में पंजीकरण करने के लिए एनपीएस पेंशन फंड के वेबसाइट पर जाकर पंजीकरण प्रक्रिया को पूरा करना होगा।


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