National payment Corporation of India: आपको बताते चलें कि एनसीपीआई यानी नेशनल पेमेंट्स कारपोरेशन ऑफ़ इंडिया द्वारा यूपीआई को सेकेंडरी मार्केट के लिए 1 जनवरी से शुरू किया जाने वाला है। पहले इस फैसिलिटी को इक्विटी कैश स्टेटमेंट में बीटा फेज में चलाया जाएगा और इसकी टेस्टिंग की जाएगी। यह जानकारी एनसीपीआई द्वारा जारी किए गए बयान में दी गई है।
डिजिटल पेमेंट फैसिलिटी किसी एक स्पेसिफिक अमाउंट को ब्लॉक करने के लिए या फिर स्टॉक मार्केट में ट्रेडिंग के लिए मल्टीपल डेबिट ट्रांजैक्शन की भी सहूलियत देगा। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने कहा है कि बीटा फेज में यह फैसिलिटी सिर्फ कुछ पायलट कस्टमर को दी जाएगी।

आपकी जानकारी के लिए बता दें की यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस यानी यूपीआई पूरे देश में पैसा ट्रांसफर करने का एक बेहतरीन और सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला माध्यम है। आईपीओ एप्लीकेशन में भी यह अब पेमेंट करने के लिए एक प्रमुख विकल्प बन चुका है। इसमें आपके पैसे सुरक्षित रहते हैं और बड़ी आसानी से कभी भी ट्रांसफर किए जा सकते हैं।
यह सुविधा, मौजूदा सुविधा एप्लिकेशन सपोर्टेड बाय ब्लॉक्ड अमाउंट (एएसबीए) के समान है, जिसे बाजार नियामक सेबी और बैंकिंग नियामक आरबीआई द्वारा अनुमोदित किया गया है। एएसबीए ने इश्यू बंद होने और शेयरों की लिस्टिंग के बीच की अवधि को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
आपको बताते चले कि एनपीसीआई के अनुसार, इस लॉन्च को की स्टेकहोल्डर से पूरा सपोर्ट मिला है। जिसमें कॉरपोरेशन का क्लीयरेंस, स्टॉक एक्सचेंज, डिपॉजिटरीज, स्टॉक ब्रोकर, बैंक और अपि एप्लीकेशन प्रोवाइड शामिल हैं।
गौरतलब है कि पायलट फेज में निवेशक बैंक अकाउंट में फंड को ब्लॉक कर सकते हैं। जो सिर्फ क्लीयरिंग कॉरपोरेशन के द्वारा ट्रेड कंफर्मेशन की सेटलमेंट के दौरान कटेगा।
आपको बताते चलें कि क्लीयरिंग कॉरपोरेशन इस इस पर आउट को डायरेक्टली प्रक्रिया करेंगे और उसे एक ही दिन के अंदर सेटल कर देंगे और ट्रांजैक्शन भी कंप्लीट कर दिया जाएगा। यह सब टी प्लस वन सेटलमेंट के आधार पर हो रहा है। जिसके तहत स्टॉक खरीदने या बेचने के 1 दिन के अंदर पैसों का सेटलमेंट हो जाता है। फिलहाल स्टॉक बचने के बाद आपको दो दिन तक सेटलमेंट के लिए इंतजार करना पड़ता है।
आपकी जानकारी के लिए बताते चले कि सेकेंडरी मार्केट में अगर यूपीआई एप्लीकेशन के जरिए पेमेंट किया जाने लगा तो लोगों की रुचि इसमें बढ़ेगी और इससे शेयर और स्टॉक मार्केट में लोगों का इन्वेस्टमेंट भी बढ़ सकता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि आजकल लगभग 40 प्रतिशत लोग पेमेंट करने के लिए यूपीआई का इस्तेमाल करते हैं और अगर ऐसे में सेकेंडरी मार्केट में यूपीआई को लाया जाता है, तो इसका जबरदस्त प्रभाव देखने को मिल सकता है।
सेकेंडरी मार्केट में यूपीआई की टेस्टिंग सिर्फ कुछ कस्टमर के साथ की जा रही है। अगर यह प्रक्रिया सफल होती है तो इसे व्यापक तौर पर लॉन्च किया जाएगा और सभी इसका फायदा उठा सकेंगे। हालांकि फिलहाल आईपीओ एप्लीकेशन के लिए यूपीआई सबसे ज्यादा लोकप्रिय पेमेंट का तरीका बना हुआ है। यही कारण है कि विशेषज्ञों द्वारा उम्मीद जताई जा रही है किया सेकेंडरी मार्केट में भी बेहतर परफॉर्मेंस दे सकता है और लोगों के लिए इन्वेस्टमेंट को काफी ज्यादा सरल और आसान बना सकता है।
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