नयी दिल्ली। किसान क्रेडिट कार्ड किसानों के लिए शुरू की गयी एक कर्ज योजना है। इस योजना की शुरुआत भारतीय बैंकों ने की थी, जिसके तहत किसानों को बहुत आसानी से 50000 रुपये से 3 लाख रुपये तक का लोन मिल जाता है। मगर इस योजना के तहत नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स यानी एनपीए या फंसे हुए कर्ज में काफी बढ़ोतरी हुई है। इस योजना के तहत देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई के पिछले तीन सालों में एनपीए दोगुने हो गये हैं। इसका एक बड़ा कारण है पिछले 4 सालों में विभिन्न सरकारों द्वारा चलायी गयीं कर्ज माफी योजनाएं। इसके अलावा अर्थव्यवस्था में सुस्ती, ग्रामीण क्षेत्रों में दबाव और कम कीमत वसूली भी किसान क्रेडिट योजना के तहत बढ़े एनपीए की बड़ी वजह हैं। किसानों को फसल पर उचित मूल्य न मिल पाने से उनकी आय में कमी आयी, जिसका असर उनके लोन चुकाने की क्षमता पर पड़ता है।
कितना बढ़ा है एसबीआई का एनपीए
आंकड़ों के मुताबिक 2016-17 में एसबीआई का एनपीए अनुपात 8 फीसदी था, जो सितंबर 2019 तक बढ़ कर 16 फीसदी हो गया। मूल्य में देखें तो एसबीआई के फंसे हुए लोन करीब 17,000 करोड़ रुपये पर पहुँच गये हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 37 लाख करोड़ रुपये की कुल संपत्ति के साथ एसबीआई देश का सबसे बड़ा बैंक है। सभी बैंको, सहकारी बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों की कुल एनपीए में देखें तो एसबीआई की अकेले इनमें 15 फीसदी हिस्सेदारी है। इस लिहाज से एक अनुमान के मुताबिक किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत पूरे बैंकिंग सेक्टर के एनपीए 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक हैं।
किसान क्रेडिट कार्ड के बकाया लोन में यूपी सबसे आगे
किसान क्रेडिट कार्ड के तहत इस समय इंडस्ट्री का 7.09 लाख करोड़ रुपये का लोन बकाया है, जो 2017-18 में 6.68 लाख करोड़ रुपये था। इसमें सबसे अधिक लोन उत्तर प्रदेश का है। उत्तर प्रदेश में इस योजना के तहत 1.09 लाख करोड़ रुपये का लोन बकाया है। इसके अलावा 81,070 करोड़ रुपये के साथ राजस्थान दूसरे, 64,725 करोड़ रुपये के साथ मध्य प्रदेश तीसरे और 57,073 करोड़ रुपये के साथ पंजाब चौथे नंबर पर है। इसके आगे महाराष्ट्र में 55,934 करोड़ रुपये और गुजरात में 44,998 करोड़ रुपये का लोन बकाया है।
1998 में शुरू हुई थी किसान क्रेडिट कार्ड योजना
किसान क्रेडिट कार्ड योजना की शुरुआत 1998 में की गयी थी। इस योजना के तहत किसानों को 6 महीनों तक के लिए 4 फीसदी और वार्षिक 7 फीसदी की दर पर ब्याज मिलता है। एक साल के अंदर ही लोन चुकाने पर ब्याज दर पर 3 फीसदी की छूट मिलती है। इस किसान क्रेडिट कार्ड से किसान अपनी फसल का बीमा भी करवा सकते हैं। किसी कारण से फसल नष्ट होने पर किसानों को मुआवजा भी मिलता है, जिनमें बाढ़ और सूखा शामिल है। इस योजना में 5 साल के लिए 3 लाख रुपये तक का लोन लिया जा सकता है।
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