UP : अब दिव्यांगजनों को सरकार की तरफ से मिलने वाली शादी अनुदान की राशि के लिए ज्यादा परेशान होने की आवश्यकता नहीं होगी। इसके लिए उन्हें ज्यादा भागदौड़ भी नहीं करना होगा।
उत्तर प्रदेश के मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर शादी का पंजीकरण रजिस्ट्रार कार्यालय में कराने के बाद प्रमाण पत्र लेने की भी आवश्यकता नहीं पड़ेगी। अब दिव्यांगजनों को शादी का कार्ड दिखाकर ही अनुदान की राशि मिल जायेगी।

मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार दिव्यांगजन सशक्तिकरण के लिए कई सुविधाएं देती है। अब उत्तर प्रदेश के दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग ने दिव्यांगजनों को सहूलियत देने के लिए नियमों को शिथिल किया है।
उप निदेशक दिव्यांगजन सशक्तिकरण ऋतुराज की तरफ से बताया गया है कि 15,000 रु से 35,000 रु की धनराशि दिव्यांगजनों को शादी अनुदान के लिए मिलती है। लड़का और लड़की दोनों ही दिव्यांग है तो फिर प्रोत्साहन राशि 35 हजार की व्यवस्था की गई हैं।
बरेली में 8 दिव्यांगों को 2 लाख और वही अगर हम बदायूं की बात करें, तो बदायूं में दो दिव्यांग जोड़ों को 70,000 रु प्रोत्साहन राशि दी गई है। अगर पीलीभीत की बात करें, तो फिर एक दिव्यांग को 15,000 रु, शाहजहांपुर में पांच दिव्यांगों को 95,000 रु प्रोत्साहन राशि दी गई है।
बरेली मंडल में 79 हजार 334 दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग में आवेदन के बाद पेंशन योजना का फायदा ले रहे हैं। सीएमओ से जारी दिव्यांग प्रमाण पत्र के बाद ही उनको पेंशन की सुविधा मुहैया कराई गई है।
इसमें बदायूं में 20373, बरेली में 20476, पीलीभीत में 17452 दिव्यांगों को पेंशन दी जा रही है। वही, शाहजहांपुर की बात करें तो फिर शाहजहांपुर में 19 हजार 635 दिव्यांगों को पेंशन दी जा रही है।
वर्तमान फाइनेंशियल ईयर में 2 हजार 488 आवेदन प्राप्त हुए थे। इसमें 1 हजार 446 लोग पात्र पाए गए हैं। इनको पेंशन जारी कर दी गई है।


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