नयी दिल्ली। टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) ने टेलीकॉम कंपनियों से पिछले महीने प्रीपेड मोबाइल ग्राहकों की वैलिडिटी अवधि बढ़ाने को कहा था, ताकि उन्हें 21 दिन के लॉकडाउन के बीच रिचार्ज की चिंता किए बिना लगातार मोबाइल सेवाएं मिलती रहें। इसके बाद इन कंपनियों ने यह सेवा अपने ग्राहकों को उपलब्ध भी करवाई। बल्कि टेलीकॉम कंपनियों ने अपने ग्राहकों को कुछ फ्री टॉकटाइम भी दिया। मगर अब ट्राई ने ने एयरटेल, वोडाफोन आइडिया, रिलायंस जियो और एमटीएनएल को फटकार लगाई है। दरअसल वैलिडिटी बढ़ाने की सुविधा सभी प्रीपेड ग्राहकों को नहीं दी जा रही है। इसीलिए ट्राई ने टेलीकॉम कंपनियों से सवाल किया है कि इस सुविधा का लाभ सभी प्रीपेड ग्राहकों को क्यों नहीं मिल रहा है। देश भर में बहुत से 2जी प्रीपेड ग्राहकों ये सुविधा नहीं मिली, जिससे वे मोबाइल के जरिए बातचीत नहीं कर पा रहे हैं। लॉकडाउन के कारण वे रिचार्ज भी नहीं करवा पा रहे हैं।
ट्राई का टेलीकॉम कंपनियों को निर्देश
यह सुनिश्चित करने के लिए कि मोबाइल ग्राहक मुश्किल समय में कनेक्टेड रहे ट्राई ने टेलीकॉम कंपनियों को सभी ग्राहकों को अनइंटरप्टेड सेवाएं प्रदान करने के लिए सुधारात्मक उपाय करने का निर्देश दिया है। इससे सभी प्रीपेड मोबाइल ग्राहकों की फ्री में वैलिडिटी बढ़ाई जाएगी और वे बिना रिचार्ज करवाए बुनियादी मोबाइल सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। इससे पहले वोडाफोन आइडिया और भारती एयरटेल ने अपने ग्राहकों के प्रीपेड प्लान की वैधता को 17 अप्रैल 2020 तक बढ़ा दिया था। भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया के इस फैसले से क्रमश: लगभग 8 करोड़ और 10 करोड़ ग्राहकों को फायदा मिला।
फ्री टॉकटाइम भी दिया
सरकारी टेलीकॉम कंपनी बीएसएनएल ने अपने प्रीपेड प्लानों की वैलिडिटी 20 अप्रैल 2020 तक बढ़ा दी। टेलीकॉम कंपनियों ने ग्राहकों फ्री में 10 रुपये का टॉकटाइम भी दिया था। हालांकि ट्राई ने प्रीपेड योजनाओं की वैलिडिटी का विस्तार न करने और लॉकडाउन अवधि के दौरान कनेक्टिविटी की समस्या का सामना कर रहे 2जी ग्राहकों को रिचार्ज सुविधाएं प्रदान करने के लिए टेलीकॉम को डांटा है। ट्राई ने टेलीकॉम कंपनियों को इस काम तेजी लाने के लिए लेटर भेजे हैं। ट्राई ने इन कंपनियों से जवाब भी मांगा है।
एजीआर मामला भी लटका
देश के 1.3 अरब लोग लॉकडाउन में हैं। ऐसे में करोड़ों लोग घरों में जीवन गुजार रहे हैं और घरों से ही काम कर रहे हैं। ऐसे में टेलीकॉम सेवाओं को जारी और एक्टिवेट बनाये रखना सरकार की प्रमुख जिम्मेदारी बन गयी है। इसलिए दूरसंचार विभाग ने एजीआर बकाया संबंधित मामलों को अस्थायी रूप से साइड कर दिया है और टेलीकॉम सेक्टर इन्फ्रास्ट्रक्चर पर ध्यान केंद्रित करने का निर्णय लिया है। इसलिए दूरसंचार विभाग ने एजीआर बकाया संबंधित मामलों को अस्थायी रूप से साइड कर दिया है।


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