नई दिल्ली, जनवरी 15। बहुत जल्द कारों में ज्यादा एयरबैग्स लगाए जाएंगे। इससे कारें ज्यादा सेफ होंगी। सरकार इसके लिए नियम लागू करने जा रही है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि आठ लोगों तक ले जाने वाले मोटर वाहनों के लिए न्यूनतम छह एयरबैग अनिवार्य करने के लिए जीएसआर अधिसूचना के मसौदे को मंजूरी दे दी है। इससे भारत में कारें पहले से अधिक सिक्योर होंगी।
को-पैसेंजर एयरबैग
गडकरी ने यह भी कहा कि सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने पहले ही 1 जुलाई 2019 से नया नियम लागू किया था, जिसके तहत ड्राइवर एयरबैग अनिवार्य कर दिया गया है। वहीं फ्रंट को-पैसेंजर एयरबैग को भी अनिवार्य कर दिया गया है, जिसके लिए इस साल 1 जनवरी से प्रभावी है। आगे और पीछे के दोनों ओर बैठे लोगों के सामने और पीछे टक्करों के प्रभाव को कम करने के लिए, यह निर्णय लिया गया है कि एम1 वाहन श्रेणी में 4 अतिरिक्त एयरबैग अनिवार्य किए जाएंगे।
बहुत जरूरी है नियम
केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि सभी आउटबोर्ड यात्रियों को कवर करने वाले दो साइड या साइड टोरसो एयरबैग और दो साइड कर्टेन या ट्यूब एयरबैग को नए यात्री वाहनों में लगाना अनिवार्य किया गया है। गडकरी के अनुसार भारत में मोटर वाहनों को पहले से कहीं अधिक सुरक्षित बनाने के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इससे सभी सेगमेंट में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, चाहे वाहन की कीमत या टाइप कुछ भी हो।
1 जनवरी से लागू नया नियम
इस साल 1 जनवरी से ड्यूल फ्रंट एयरबैग अनिवार्य हो गए हैं, लेकिन यह ड्राइवर और फ्रंट के को-पैसेंजर की फ्रंट-इफेक्ट सुरक्षा के लिए है। नया नियम जो नए वाहनों के लिए साइड कर्टेन एयरबैग को अनिवार्य बनाएगा, साइड इफेक्ट के मामले में भी सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत उन टॉप देशों में से एक है जहां हर साल खतरनाक रूप से बड़ी संख्या में सड़क दुर्घटनाएं होती हैं।
होती हैं मौतें
इन सड़क हादसों में बड़ी संख्या में मौतें और गंभीर चोटें आती हैं। जबकि यातायात उल्लंघन को दुर्घटनाओं के पीछे प्रमुख कारणों के रूप में जिम्मेदार ठहराया जाता है। मगर अपर्याप्त सुरक्षा उपाय, विशेष रूप से छोटे एंट्री लेवल के वाहनों में, से भी बड़ी संख्या में मौतें होती हैं।
महंगी हो सकती हैं कारें
सरकार के नये नियम से कारें महंगी भी होंगी। छह एयरबैग वाली कार की कीमत 50,000 रुपये अधिक तक बढ़ सकती है, जो लगभग 3 लाख-3.5 लाख रुपये से शुरुआती कीमत वाली कारों की कीमत में काफी बड़ा उछाल होगा। यह बात दिलचस्प है कि मारुति सुजुकी, रेनॉल्ट और निसान जैसी कार निर्माताओं के पास एक भी कार नहीं है जो दो से अधिक एयरबैग के साथ आती हो। ज्यादातर कार निर्माता जो छह एयरबैग की पेशकश करते हैं, वे केवल 10 लाख रुपये से ऊपर की कीमत वाले मॉडल और वेरिएंट में ऐसा करते हैं। दूसरी चिंता यह है कि अतिरिक्त एयरबैग लगाने में कारों में बहुत अधिक रीइंजीनियरिंग की जरूरत होगी। मगर लोगों की सेफ्टी ज्यादा अहम है।


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