नयी दिल्ली। बीएसएनएल और एमटीएनएल के ग्राहकों के लिए अच्छी खबर है। दरअसल सरकार इन दोनों कंपनियों को जल्द ही 4जी स्पेक्ट्रम दे सकती है। इन दोनों कंपनियों के रिवाइवल यानी हालत सुधारने के लिए सरकार ने 69,000 करोड़ रुपये के पैकेज का ऐलान किया हुआ है। अब सरकार ने इस पैकेज के जल्दी से लागू और निगरानी करने के लिए सात सदस्यीय मंत्री समूह का गठन किया है। इस समिति में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, संचार, सूचना प्रौद्योगिकी तथा कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद, गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, वाणिज्य व उद्योग तथा रेल मंत्री पीयूष गोयल तथा तेल, प्राकृतिक गैस तथा इस्पात मंत्री धर्मेद्र प्रधान शामिल हैं। ये उच्च-स्तरीय समूह बीएसएनएल और एमटीएनएल के पुनरुद्धार पर हाल ही में लिए गए फैसलों के सुचारू कार्यान्वयन में तेजी लाएगा, जिसमें 4जी स्पेक्ट्रम दिया जाना और संपत्ति की बिकवाली के जरिये पूँजी जुटाना शामिल है। 4जी स्पेक्ट्रम मिलने से बीएसएनएल रिलायंस जियो, एयरटेल और वोडाफोन को भी टक्कर दे सकेगी। बीएसएनएल के प्लान सस्ते होते हैं, जो इन कंपनियों पर भारी पड़ सकते हैं। हाल ही में इन तीनों कंपनियों ने अपने प्लान महंगे भी किये हैं।
क्या है रिवाइवल पैकेज
सरकार ने अक्टूबर में 69000 करोड़ रुपये के राहत पैकेज का ऐलान किया था, जिसके तहत घाटे में चल रही बीएसएनएल और एमटीएनएल का विलय भी शामिल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने महानगर टेलीफोन निगम यानी एमटीएनएल, जो मुंबई और नई दिल्ली में सेवाएं प्रदान करती है, के बीएसएनएल के साथ विलय को मंजूरी दे दी थी। बीएसएनएल दिल्ली और मुंबई के अलावा देश के बाकी हिस्सों में सेवा देती है। इसके अलावा इस पैकेज से इनकी कारोबारी व्यवहार्यता, कार्यबल, बॉन्ड जारी करना, मुद्रीकरण और 4जी स्पेक्ट्रम आवंटन किया जायेगा। योजना में कंपनियों के कर्मचारियों को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना यानी वीआरएस देना भी शामिल है।
92000 कर्मियों ने ली स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पिछले कुछ हफ्तों से दोनों कंपनियों ने वीआरएस योजना शुरू कर रखी है। इस योजना के तहत दोनों कंपनियों के 92,700 कर्मचारियों ने आवेदन किया है। दरअसल इस योजना का मकसद घाटे और कर्ज में चल रही दोनों सरकारी कंपनियों के वार्षिक वेतन बिल में 8800 करोड़ रुपये की बचत करना है। वहीं अगले तीन सालों में इन दोनों की कुछ संपत्तियों को बेच कर करीब 37,500 करोड़ रुपये जुटाये जाने की उम्मीद है। बता दें कि एमटीएलएन ने पिछले 10 में से 9 सालों में घाटे की जानकारी दी है। वहीं बीएसएनएल 2010 से ही घाटे में है।
रिलायंस जियो को टक्कर देना आसान नहीं
वैसे 4जी आने के बाद भी बीएसएनएल रिलायंस जियो का मुकाबला कर सके ये मुश्किल है। जियो के ग्राहकों की संख्या किसी भी टेलीकॉम कंपनी से अधिक है। जियो ग्राहकों का आधार 35 करोड़ से अधिक है। हाल ही में जियो ने 2020 हैप्पी न्यू ईयर प्लान शुरू किया है, जिसमें 2020 रुपये के रिचार्ज पर एक साल के लिए अनलिमिटेड वॉयस कॉल के अलावा, रोजाना 1.5 जीबी डेटा और 100 एसएमएमस मिलेंगे। सभी जियो ऐप का मुफ्त इस्तेमाल भी आप कर सकेंगे।
यह भी पढ़ें - 2020 मुकाबला : अमेजन, फ्लिपकार्ट को टक्कर देने को तैयार है रिलायंस
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