Stock Market Outlook: शेयर बाजार में नए साल के शुरुआत के साथ जोरदार हलचल देखने को मिल रहा है. बाजार को लेकर ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म नोमुरा ने पॉजिटिव आउटलुक जारी किया है. 2025 में भारत के शेयर बाजारों के लिए सतर्क आउटलुक तय किया है, जिसमें करेक्शन केस में दिसंबर तक निफ्टी इंडेक्स के 23,784 तक पहुंचने का अनुमान जताया गया है. जबकि बुल केस में 25712 तक का अपसाइड लेवल दिया है.
ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक मार्केट अगले साल के दौरान -8% से +9% की संभावित रिटर्न रेंज को दर्शाता है, जिसमें आय में गिरावट के रिस्क और थोड़े हाई वैल्युएशंस को ध्यान में रखा गया है.
निफ्टी का अर्निंग
निफ्टी का मौजूदा ट्रेडिंग लेवल एक साल के आगे की आम सहमति आय के 19.4 गुना पर है, जो तीन साल के औसत 19.2 गुना के करीब है. ऐतिहासिक रूप से 2021 से 2024 तक बाजार ने 17 से 23 गुना आय के बीच कारोबार किया. प्री-कोविड लेवल (2017-2019) में 16-19 गुना की रेंज के साथ औसतन 17.7 गुना देखा गया. नोमुरा के सायन मुखर्जी ने बताया कि अर्निंग ग्रोथ में मंदी और इक्विटी रिस्क प्रीमियम में संभावित बढ़त जल्द ही इन मल्टीपल को कम कर सकती है.
नोमुरा की स्ट्रैटेजी और टॉप सेक्टर
नोमुरा निवेशकों को ज्यादा सिलेक्टिव बने रहने का सलाह दी है. साथ ही वैल्यूएशंस कंफर्ट वाले स्टॉक या सेक्टर पर फोकस करने की सलाह दी. ब्रोकरेज फाइनेंस, कंज्युमर स्टेपल/एफएमसीजी, ऑयल एंड गैस, फार्मा, टेलीकॉम, पावर, इंटरनेट और रियल एस्टेट सेक्टर्स पर 'ओवरवेट' है. यह आईटी सर्विसेज और इंफ्रा पर न्यूट्रल रेटिंग दी, जबकि कंज्युमर डिस्क्रेशनरी/ड्यूरेबल, ऑटो, कैपिटल गुड्स, डिफेंस, सीमेंट, हॉस्पिटल्स और मेटल्स पर 'अंडरवेट' है.
ग्लोबल इकोनॉमिक फैक्टर्स
ग्लोबल लेवल पर नोमुरा के एनलिस्ट्स का अनुमान है कि मजबूत लेबर मार्केट के कारण साव 2024 में अमेरिका 2.8% की जीडीपी ग्रोथ रेट हासिल करेगा. इससे अमेरिकी फेड द्वारा दरों में आक्रामक कटौती की उम्मीदें कम हो गई हैं. इसके उलट संरचनात्मक संपत्ति बाजार के मुद्दों और भू-राजनीतिक तनावों के कारण चीन का ग्रोथ आउटलुक कमजोर बना हुआ है.

भारत का इकोनॉमिक आउटलुक
वित्त वर्ष 2025 की दूसरी तिमाही में 5.4% की कम जीडीपी ग्रोथ रेट दर्ज करने के बाद भारत की अर्थव्यवस्था में मामूली सुधार ही देखने को मिला. एनलिस्टस का अनुमान है कि भविष्य में सुधार की गति मीडियम रहेगी. नोमुरा का अनुमान है कि 2025 में नीतिगत दरों में लगभग 100 आधार अंकों की कटौती के साथ विकास दर मौजूदा उम्मीदों से कम रह सकती है.
इस वित्तीय वर्ष में कॉर्पोरेट अर्निंग में धीमा देखी गई है, जिसमें बीएसई 200 कंपनियों ने H1FY25 में साल-दर-साल केवल 4.5% की ग्रोथ दर्ज की नोमुरा को उम्मीद है कि यह ट्रेंड H2FY25 में जारी रहेगी, जिसमें बैंक, NBFC, ऑटो, सीमेंट, तेल और गैस जैसे सेक्टर्स में संभावित गिरावट होगी.
अर्निंग ग्रोथ का अनुमान
हाल की मंदी के बावजूद, वित्त वर्ष 20 से कॉर्पोरेट आय मजबूत रही है, वित्त वर्ष 2019-24 के दौरान बीएसई 200+ कंपनियों के लिए 23.5% की सीएजीआर रही, जबकि वित्त वर्ष 2014-19 के दौरान पीएटी ग्रोथ मीडियम-संगल डिजिट में रही.
कॉर्पोरेट अर्निंग-जीडीपी रेश्यो वित्त वर्ष 2024 में 12.2% के हाइएस्ट लेवल पर पहुंच गया, जबकि वित्त वर्ष 2008 में यह 12.7% के उच्चतम स्तर पर था.
वित्त वर्ष 26-27 में आगे की ओर देखते हुए, आम सहमति अनुमानों से पता चलता है कि आय में ग्रोथ सालाना लगभग 17.4% बढ़ेगी, जो बैंक, तेल और गैस, धातु, आईटी सेवाएं, ऑटो, एनबीएफसी, टेलीकॉम, पॉवर/उपयोगिता क्षेत्र आदि से प्रेरित होगी.
एफआईआई और डीआईआई फ्लो पर असर
नोमुरा ने चेतावनी दी है कि लंबे समय तक कम रिटर्न की अवधि घरेलू निवेशकों को इक्विटी से दूर कर सकती है और वे फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) जैसे सुरक्षित निवेश की ओर रुख कर सकते हैं. डीआईआई प्रवाह के संबंध में नोमुरा का कहना है, "यदि नकारात्मक रिटर्न जारी रहता है तो घरेलू प्रवाह बाजार मूल्यांकन को समर्थन नहीं दे सकता है।"
नोमुरा के विश्लेषण के अनुसार, एफआईआई के लिए धीमी आय वृद्धि, अपेक्षाकृत उच्च मूल्यांकन, मजबूत अमेरिकी डॉलर जैसे कारक निकट भविष्य में एफआईआई प्रवाह को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकते हैं.


Click it and Unblock the Notifications