नयी दिल्ली। कोरोनावायरस के कारण सरकार की इनकम भी काफी हुई है। इसी कमी को पूरा करने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। सरकार ने कुछ कड़े फैसले लिए हैं, जिनका असर सरकारी कर्मचारियों पर भी पड़ा है। सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी रोकने के अलावा उनके जनरल प्रोविडेंट फंड में मिलने वाली ब्याज दर में भी कटौती की है। यानी केंद्रीय कर्मचारियों को ये दो झटके लगे हैं। मगर अब इन दो झटकों के बाद सरकारी कर्मचारियों के लिए थोड़ी राहत की खबर आई है। दरअसल हाल के दिनों में कुछ ऐसी रिपोर्ट्स आई कि सरकार खर्च कम करने के लिए कुछ कैटेगरी के केंद्रीय कर्मचारियों की सैलेरी काट सकती है। मगर अब इन रिपोर्ट्स को खारिज करते हुए वित्त मंत्रालय ने साफ किया है कि सरकार की ऐसी कोई योजना नहीं है। केंद्रीय कर्मचारियों की सैलेरी में कोई कटौती नहीं होने जा रही है।
मीडिया में आई खबरें गलत
वित्त मंत्रालय ने ट्विटर पर कहा है कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों की किसी भी कैटेगरी के मौजूदा वेतन में किसी भी प्रकार के कटौती के बारे में कोई प्रस्ताव नहीं है। इस मामले पर मीडिया में आई रिपोर्टें गलत हैं और जिनका कोई आधार नहीं है। जहां राज्य सरकारों का सवाल है तो केरल में राज्य सरकार जरूर वित्तीय बोझ कम करने के लिए 6 महीने की अवधि के लिए सभी राज्य सरकारी कर्मचारियों के 6 दिनों के वेतन को रोकना चाहती है। यानी 6 महीनों तक हर महीने कर्मचारियों की 6 दिन की सैलेरी काटी जा सकती है।
नहीं मिलेगा बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता
सरकारी कर्मचारियों को केंद्र सरकार ने पिछले महीने पहला झटका देते हुए महंगाई भत्ते (Dearness Allowance) या डीए में बढ़ोतरी पर रोक लगा दी थी। उसकी वजह भी कोरोनावायरस के कारण सरकारी इनकम में आई गिरावट है। पिछले महीने वित्त मंत्रालय ने 1.13 करोड़ केंद्रीय कर्मचारियों, जिनमें 65 केंद्र सरकार पेंशन लाभार्थी भी शामिल हैं, को झटका देते हुए महंगाई भत्ते में हुई बढ़ोतरी पर रोक लगाने का ऐलान किया था। सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों को बढ़े हुए डीए के भुगतान में जुलाई 2021 तक के लिए रोक लगा दी है।
जीपीएफ पर कम हुआ ब्याज
डीए में बढ़ोतरी रोकने के बाद सरकार ने जनरल प्रॉविडेंट फंड यानी जीपीएफ की ब्याज दरों में कटौती करने का ऐलान किया। बता दें कि जीपीएफ में सिर्फ सरकारी कर्मचारी ही योगदान कर सकते हैं। इस पर ब्याज दर कम होने से केंद्रीय कर्मचारियों की जमा पूंजी पर मिलने वाले ब्याज में कमी आएगी। सरकार ने चालू वित्त वर्ष की पहली यानी अप्रैल-जून तिमाही के लिए जीपीएफ ब्याज दरों में कटौती की है। अप्रैल-जून के लिए जीपीएफ पर ब्याज दर 7.9 फीसदी से घटा कर 7.1 फीसदी कर दी गई है।


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