Festival Season की शुरुआत हो चुकी हैं। दशहरा जा चुका हैं और दिवाली आने वाली हैं और इस त्यौहारों के सीजन में बड़ी बड़ी कंपनियां मांगो को बढ़ावा देने के लिए डिस्काउंट और नो कॉस्ट ईएमआई ऑफर्स को पेश करने के लिए तैयार हैं। अधिकतर ऑटोमोबाइल्स और इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट वाली कंपनियां यह छूट दे रही हैं। इसी वजह से इसको लेने से पहले ग्राहकों को नो-कॉस्ट ईएमआई के बारे में वास्तविक तथ्यों के बारे में पता होना चाहिए।
क्या मतलब है नो कॉस्ट ईएमआई का
नो-कॉस्ट ईएमआई यानी ईएमआई ऑफर का फायदा उठाने वाले किसी स्पेशल प्रोडक्ट को खरीदते वक्त कस्टमर्स को कोई एक्स्ट्रा ब्याज दर या लागत की भुगतान करने की जरूरत नहीं होती हैं। ग्राहकों को केवल मासिक किस्त का भुगतान करना होगा। जो प्राइस होगी प्रोडक्ट की। ईएमआई से विभाजित किया जायेगा। आप ईएमआई के भुगतान के विभिन्न समय के चुन सकते हैं। जो अवधि हैं वो 3 महीने से लेकर 2 वर्ष तक हो सकती हैं।
एडवांस पेमेंट का भुगतान नहीं करना पड़ता
इसके अलावा, बहुत से ऐसे बैंक हैं जो जीरो कॉस्ट ईएमआई का ऑप्शन पेशकश कर सकते हैं, जैसा कि जीरो डाउन पेमेंट प्लान। यह जो प्लान हैं इसके तहत खरीददार को तुरंत ही एडवांस पेमेंट का भुगतान नहीं करना होता हैं। इसका भुगतान मासिक किश्तों में किया जा सकता हैं। मगर, कुछ बैंक इसकी पेशकश नहीं करते हैं, जहां पर आपको डाउनपेमेंट के रूप में न्यूनतम राशि का भुगतान करने की जरूरत नहीं होती हैं।
प्रोसेसिंग शुल्क का भुगतान करना पड़ सकता है
हालांकि, जो नो-कॉस्ट ईएमआई ऑप्शन हैं। उसके पीछे पीछे वास्तविक तथ्य यह हैं कि बैंक या एनबीएफसी को आपने जो प्रोडक्ट खरीदा हैं। उस प्रोडक्ट के रियल बिल में नो-कॉस्ट ईएमआई के लिए प्रोसेसिंग शुल्क या प्रोसेसिंग शुल्क का भुगतान करना पड़ सकता है। इसी वजह से आपको भलाई ब्याज के भुगतान करने की जरूरत न हो। प्रोडक्ट के बिल के अलावा, प्रोसेसिंग बिल आपके लिए एक्स्ट्रा लागत होगी। मगर यदि आप ईएमआई के ऑप्शन नहीं ले रहे हैं और कैश या कार्ड या यूपीआई की सहायता से एक बार में बिल को पेमेंट करते हैं, तो फिर आपको एक्स्ट्रा भुगतान नहीं करना होगा, तो फिर इसके लिए पहले आपको एक काम करना होगा वो ये हैं कि इसे लेने से पहले आप ईएमआई की जो शर्ते हैं। उसके बारे में जानकारी प्राप्त करें।
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