नई दिल्ली, अप्रैल 23। राजीव कुमार ने नीति आयोग के वाइस चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके अचानक इस्तीफे के बाद सरकार ने शुक्रवार को सुमन के बेरी को नीति आयोग का उपाध्यक्ष नियुक्त किया। एक आधिकारिक आदेश में कहा गया है कि बेरी 1 मई, 2022 से कार्यभार संभालेंगे। राजीव कुमार का कार्यकाल 30 अप्रैल को समाप्त हो रहा है।

2017 में बने नीति आयोग के उपाध्यक्ष
राजीव कुमार एक प्रख्यात अर्थशास्त्री हैं। उन्होंने अगस्त 2017 में नीति आयोग के उपाध्यक्ष के रूप में पदभार ग्रहण किया था, जब तत्कालीन वीसी अरविंद पनगढ़िया ने एकेडेमिक्स में लौटने के लिए सरकारी थिंक-टैंक से इस्तीफा दे दिया था। आदेश के अनुसार कुमार का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है और उन्हें 30 अप्रैल से पद से मुक्त कर दिया जाएगा।
निभाई अहम भूमिका
राजीव कुमार ने कृषि, एसेट मोनेटाइजेशन, विनिवेश, आकांक्षी जिलों के कार्यक्रम और इलेक्ट्रिक वाहनों पर ध्यान देने के साथ नीति आयोग के नीति निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कुमार ने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में डीफिल और लखनऊ विश्वविद्यालय से पीएचडी की है। वह सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च (सीपीआर) में सीनियर फेलो भी थे।
सुमन के बेरी की प्रोफाइल
वहीं बेरी ने इससे पहले नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च (एनसीएईआर), नई दिल्ली के महानिदेशक (मुख्य कार्यकारी) के रूप में कार्य किया था। वह प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद, सांख्यिकीय आयोग और मौद्रिक नीति पर भारतीय रिजर्व बैंक की तकनीकी सलाहकार समिति के सदस्य भी रहे हैं। एनसीएईआर से पहले, बेरी वाशिंगटन डीसी में विश्व बैंक के साथ रहे हैं। उनके कार्य क्षेत्रों में लैटिन अमेरिका पर ध्यान देने के साथ मैक्रोइकॉनॉमी, वित्तीय बाजार और पब्लिक डेब्ट मैनेजमेंट शामिल रहे। उन्होंने मैग्डलेन कॉलेज, ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में दर्शनशास्त्र, राजनीति और अर्थशास्त्र में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की और प्रिंसटन यूनिवर्सिटी के वुडरो विल्सन स्कूल ऑफ पब्लिक एंड इंटरनेशनल अफेयर्स से पब्लिक अफेयर्स (एमपीए) में मास्टर डिग्री हासिल की। 2010 में बेरी तत्कालीन पीएम मनमोहन सिंह के आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य थे, उन्होंने बढ़ती मुद्रास्फीति पर लगाम लगाने के लिए अपनी मौद्रिक नीति को कड़ा करने के लिए आरबीआई के लिए लड़ाई लड़ी थी।


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