केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 15 मई यानि आज 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज के तीसरे चरण का ब्यौरा दे रही हैं। आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तीसरे हिस्से में खेती और खेती से जुड़े क्षेत्रों को शामिल।
नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 15 मई यानि आज 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज के तीसरे चरण का ब्यौरा दे रही हैं। आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तीसरे हिस्से में खेती और खेती से जुड़े क्षेत्रों को शामिल किया गया है। कोरोना वायरस की वजह से देश में जारी लॉकडाउन के कारण देश पूरी तरह से ठप है। मजदूर पैदल घर लौटने को मजबूर हैं। सरकार कारोबार को दोबारा चालू करने की कोशिशों में लगी हुई है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत तीसरा सबसे बड़ा अनाज उत्पादक है। प्रधानमंत्री जी किसानों के कल्याण के लिए लगातार कदम उठा रहे हैं। किसानों लिए कई कदम पहले उठाए गए। सरकार किसानों के कल्याण के लिए लगातार कदम उठा रही है।

कृषि क्षेत्र की मजबूती के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 लाख करोड़ रुपये की मदद का ऐलान किया है। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार किसानों की आय दोगुनी करने में जुटी है। इससे कीमत बढ़ाने में भी मदद मिलेगी और किसानों की आय बढ़ेगी। पिछले 2 महीने में किसानों की सहायता के लिए 74300 करोड़ की खरीद एमएसपी पर हुई। 18700 करोड़ रुपये पीएम किसान खातों में ट्रांसफर किए गए। 6400 करोड़ फसल बीमा योजना का क्लेम किया गया।
सीतारमण ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान ऐसे प्रावधान किए ताकि रबी फसल की कटाई हो सके। इसके साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए प्रोक्योरमेंट भी किया जा रहा है। पिछले दो महीने में लॉकडाउन के दौरान कृषि को सरकार ने पूरी तरह सपोर्ट किया है। सीतारमण ने कहा कि देश की ज्यादातार आबादी खेती से जुड़ी हुई है। लिहाजा उस सेक्टर पर फोकस करना जरूरी है। कृषि और उससे जुड़े कामकाज के लिए आज का पैकेज जारी किया जा रहा है।
कल वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आर्थिक पैकेज की दूसरी किस्त का ऐलान किया था। इस पैकेज में किसानों, प्रवासी मज़दूरों, रेहड़ी वालो, छोटे कारोबारियों और मिडिल क्लास के लिए घोषणाएं शामिल थीं। सरकार ने प्रवासी मजदूरों के लिए 3500 करोड़ की मदद का ऐलान किया। अगले 2 महीने तक हर मजदूर को 5 किलो गेहूं या चावल मिलेंगे। बिना राशन कार्ड वालें लोगों को भी राशन मिलेगा।


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