नयी दिल्ली। बजट पेश करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री ने अनिवासी भारतीयों यानी एनआरआई लोगों से जुड़े टैक्स नियमों में बदलाव का ऐलान किया था। उन्होंने कहा था कि वे एनआरआई जो विदेशों में टैक्स नहीं भरते उन्हें अब भारत में टैक्स चुकाना होगा। अब वित्त मंत्री ने साफ किया है कि किसी भी एनआरआई की केवल उसी इनकम पर टैक्स लगेगा जो उसने भारत में कमाई हो। साथ ही उन्होंने बताया है कि टैक्स फ्री क्षेत्राधिकार में होने वाली इनकम पर भी टैक्स नहीं लगेगा। बता दें कि अब किसी भारतीय के एनआरआई होने से जुड़े नियम को भी बदल दिया गया है। अब उस व्यक्ति को ही एनआरआई माना जायेगा जो साल में 241 दिन यानी 8 महीने देश से बाहर रहे। पहले साल में 182 दिन भारत से रहने वालों को एनआरआई का दर्ज मिलता था।

असल कर्मचारियों पर टैक्स नहीं
सरकार की तरफ से सऊदी अरब जैसे मध्य-पूर्व देशों में गये उन वास्तविक कर्मचारियों को भी टैक्स दायरे से बाहर रखा है जो काम के लिए ही बाहर गये हैं। दरअसल खाड़ी देशों में काम करने वाले व्यक्तियों की आय पर टैक्स नहीं लगता। प्रवासी भारतीयों की भारतीय इनकम पर टैक्स का नियम सही मायनों में केवल उन लोगों के लिए जो टैक्स से बचने के लिए विदेशों में रहते हैं और उन्हें भारत में व्यापार या किराये वगैरह से आमदनी होती है। सरकार का इरादा उनकी इसी आय को टैक्स के दायरे में लाने का है। ऐसे प्रवासी भारतीयों की विदेशों में होने वाली आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा।
ये है सरकार की दलील
बजट में आयकर अधिनियम की धारा 6 में संशोधन का प्रस्ताव रखा गया है। प्रस्ताव के तहत भारत का नागरिक होने के कारण किसी भी पिछले वर्ष में उस व्यक्ति को भारत का निवासी माना जाएगा, जिसने किसी दूसरे देश या क्षेत्र में उसके निवास या समान प्रकृति के किसी भी अन्य नियम के कारण टैक्स न दिया हो। नये नियमों पर सरकार की दलील है कि इससे लोगों को देश के टैक्स सिस्टम में मौजूद खामियों का फायदा उठाने से रोकने में मिलेगी। इसीलिए एनआरआई टैग के अनुसार प्रावधानों को बदल दिया है।
यह भी पढ़ें - बजट 2020 : विदेश में रहने वाले भारतीयों को देना होगा टैक्स, जानिए क्यों


Click it and Unblock the Notifications