लॉकडाउन के बाद लाइसेंस सरेंडर करने वाली एनबीएफसी की संख्या बढ़ सकती है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मंगलवार को 14 नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनीज (एनबीएफसी) का लाइसेंस रद्द कर दिया।
नई दिल्ली: लॉकडाउन के बाद लाइसेंस सरेंडर करने वाली एनबीएफसी की संख्या बढ़ सकती है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मंगलवार को 14 नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनीज (एनबीएफसी) का लाइसेंस रद्द कर दिया। आरबीआई की ओर से जारी बयान के मुताबिक इन एनबीएफसी का लाइसेंस आरबीआई एक्ट-1934 की धारा 45-I के सेक्शन-ए के नियमों के अनुसार काम नहीं करने पर रद्द किया गया है। इसके अलावा 9 एनबीएफसी ने खुद अपना लाइसेंस सरेंडर कर दिया है। यह कंपनियां भी आरबीआई एक्ट-1934 के अनुरूप कार्य नहीं कर पा रही थीं।

रिलायंस नेट और निश्चय फिनवेस्ट प्राइवेट लि. समेत नौ गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) ने अपना पंजीकरण प्रमाणपत्र लौटा दिया है। इस बात की जानकारी रिजर्व बैंक ने मंगलवार को दी है। आरबीआई के अनुसार इसके अलावा पेनरोज मर्केन्टाइल्स लि., मनोहर फाइनेंस इंडिया लि. और सांघी हायर परचेज उन एनबीएफसी में शामिल हैं जिन्होंने अपना प्रमाणपत्र छोड़ दिये हैं। पंजीकरण प्रमाणपत्र आरबीआई द्वारा दिये जाते हैं।
प्रमाणपत्र सौंपने के बाद कंपनियां गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों से जुड़े कारोबारी लेन-देन नहीं कर सकती हैं। एक अन्य बयान में केंद्रीय बैंक ने कहा कि उसने 14 एनबीएफसी के पंजीकरण प्रमाणत्रों को रद्द कर दिया है। जिन एनबीएफसी के पंजीकरण प्रमाणपत्र रद्द किए गए हैं, उसमें प्राइमस कैपिटल लि. (पूर्व में रैपिड ग्रोथ कैपिटल सर्विसेज प्राइवेट लि.), भारत फाइनेंस एंड इंडस्ट्रीज लि., सिग्नेचरफाइनेंस प्राइवेट लि., डी बी लीजिंग एंड हायर परचेज प्राइवेट लि., जिंदल फिनलीज और बीएलएस इनवेस्टमेंट्स प्राइवेट लि. भी शामिल हैं।
बता दें कि वित्त वर्ष 2019 में आरबीआई ने 1851 एनबीएफसी का लाइसेंस रद्द किया था। इससे पहले वित्त वर्ष 2018 में 224 और वित्त वर्ष 2017 में 169 एनबीएफसी का लाइसेंस रद्द किया गया था। इस तरह से हर साल एनबीएफसी का लाइसेंस रद्द होने की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। जानकारों की मानें तो लॉकडाउन में एनबीएफसी के सामने बड़ी समस्या हो गई है। आरबीआई ने कर्जदारों को मोराटोरियम की सुविधा दे रखी है जिसके आगे बढ़ने की संभावना है। फिलहाल बाजार में उधारी की मांग नहीं है। ऐसे में छोटी-मोटी एनबीएफसी का टिकना मुश्किल है। इस कारण आने वाले दिनों में लाइसेंस सरेंडर करने वाली एनबीएफसी की संख्या बढ़ सकती है।
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