Nifty Next Target: कमजोर बाजार में आई खुशखबरी! निफ्टी छुएगा 26000 का लेवल, ये है वजह

Nifty Next Target: शेयर बाजार में कारोबारी हफ्ते के पहले दिन तेज करेक्शन देखने को मिल रहा है. बाजार (Share Market) के प्रमुख इंडेक्स लगातार 5वें दिन टूट गए हैं. फरवरी में सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी (Nifty 50) 5-5% तक फिसल गए हैं. बाजार की कमजोरी में निवेशकों को तगड़ा नुकसान हुआ है. दरअसल, घरेलू बाजार पर कमजोर ग्लोबल संकेत हावी हैं. यही वजह है कि चौतरफा करेक्शन देखने को मिल रहा है. बाजार की कमजोरी के बीच अच्छी खबर आई है. ब्रोकरेज फर्म सिटी (Citi) ने निफ्टी 50 इंडेक्स पर बुलिश रिपोर्ट जारी किया है. इसके तहत आउटलुक को ओवरवेट कर दिया है.

2025 के लिए निफ्टी का टारगेट

ब्रोकरेज फर्म ने जारी रिपोर्ट ने निफ्टी (Citi on Nifty) पर ओवरवेट का आउटलुक के साथ अपसाइड टारगेट दिया है. इसके मुताबिक इकोनॉमिक रिकवरी और वैल्युएशंस घटने का फायदा बाजार को मिलेगा. यही वजह है कि दिसंबर 2025 तक निफ्टी नए शिखबर पर पहुंच जाएगा. सिटी रिसर्च के मुताबिक साल के अंत तक निफ्टी 50 इंडेक्स 26000 का स्तर छुएगा. यानी मौजूदा लेवल से इंडेक्स 15% की तेजी दिखा सकता है. बता दें कि भारतीय शेयर बाजार में फरवरी में BSE पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप अब तक करीब 26 लाख करोड़ रुपए घट गया है. यही वजह है कि लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप 400 लाख करोड़ रुपए के नीचे फिसल गया है.

सिटी रिसर्च (Citi Research) के इकोनॉमिस्ट्स ने आर्थिक ग्रोथ को लेकर कहा कि 2025 में रियल GDP ग्रोथ 6.5% पर वापसी कर सकता है. इसे पर्सनल टैक्स में कटौती का फायदा मिलेगा, क्योंकि इसकी वजह से कंज्युमर सेंटीमेंट को बूस्ट मिलेगा. साथ ही आगे खपत मांग भी बढ़ेगी. आंकड़े यह भी बता रहे हैं कि पब्लिक कैपेक्स भी पटरी पर लौट रही है.

बाजार में सबसे लंबी गिरावट

  • सितंबर 1994-अप्रैल 1995
  • सितंबर 2024-फरवरी 2025
  • जुलाई-नवंबर 1996

शेयर बाजार में टूटा 28 साल का रिकॉर्ड

भारतीय शेयर बाजारों में लगातार बिकवाली से करीब 28 साल पुराना रिकॉर्ड (Share Market Record) टूट गया है. बाजार 27 सितंबर 2024 के ऑल टाइम हाई से काफी टूट चुका है. रिकॉर्ड हाई से सेंसेक्स करीब 13% और निफ्टी करीब 14% तक फिसल चुके हैं. निफ्टी 50 में लगातार 5वें महीने गिरावट दर्ज की जा रही. इससे पहले 1996 में इतनी लंबी गिरावट दर्ज की गई थी. जब इंडेक्स जुलाई और नवंबर के दौरान भारी करेक्शन देखने को मिला था. यही वजह है कि सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी (Nifty) इंडेक्स 8 महीने के निचले स्तर पर फिसल गए हैं.

Nifty Next Targe

बाजार में जारी गिरावट की वजह...

  • कमजोर कॉरपोरेट अर्निंग्स
  • लगातार विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली
  • आर्थिक अनिश्चितता

RBI आगे दरों में करेगा कटौती?

सिटी रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक आगे की RBI पॉलिसी मीटिंग (RBI MPC Meeting) में ब्याज दरों को घटाया जा सकता है. इसके तहत रिजर्व बैंक की मॉनेटरी कमिटी पॉलिसी अप्रैल और जून की मीटिंग में ब्याज दरों को और घटा सकती है. सिटी ने डोनाल्ड ट्रंप की ओर से टैरिफ को आक्रामक रवैया का भी एनलिसिस किया. इसके मुताबिक भारत का लिमिटेड एक्सपोजर राहत देगा. क्योंकि भारत एक डोमेस्टिक ओरियंटेड इकोनॉमी है. हालांकि, कमोडिटी प्राइसेज का असर अर्निंग पर पड़ेगा. साथ ही अमेरिकी डॉलर की मजबूती के चलते विदेशी निवेशकों के फ्लो पर भी नजर होगी.

बाजार में ब्रोकरेज की कहां है फोकस?

ब्रोकरेज फर्म Citi ने आगे कहा कि हम भारत पर कंस्ट्रक्टिव हैं. इसमें कंजप्शन पर मिलाजुला पिक्चर नजर आ रहा. क्योंकि रूरल डिमांड में सुधार देखने को मिल रहा, लेकिन शहरी मांग में अभी भी धीमापन है. ऐसे में बाजार फिस्कल और मॉनेटरी को देख रहा. साथ ही कंपनी स्पेसिफिक ट्रेंड्स पर भी फोकस है.

कैपेक्स के लिहाज से पब्लिक कैपिटल खर्च में सुधार देखने को मिल रहा. बजट में भी घरेलू मैन्युफैक्चरिंग के लिए सपोर्ट नजर आया. वहीं, प्राइवेट इनवेस्टमेंट कैपासिटी यूटिलाइजेशन पर निर्भर करेगा. ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म ने IT सर्विसेज, मेटल्स और कंज्युमर डिस्क्रेशनरी पर अंडरवेट की रेटिंग दिया है. जबकि बैंक, इंश्योरेंस, फार्मा और टेलीकॉम पर ओवरवेट की रेटिंग दिया है.

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