Muhurat trading closing with gains: आज शेयर बाजार नए संवत 2080 की शानदार शुरुआत हुई। आज मुहूर्त ट्रेडिंग के दौरान सेंसेक्स 354.77 अंक की तेजी के साथ 65259.45 अंक के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 100.20 अंक की तेजी के साथ 19525.50 अंक के स्तर पर बंद हुआ। अगर पिछले 15 साल के दौरान देखा जाए तो मुहूर्त ट्रेडिंग में 3 बार गिरावट दर्ज हुई, लेकिन 12 बार तेजी दर्ज हुई है। आज की तेजी भी इस 12 तेजी में शामिल है।
आज बीएसई में मुहूर्त ट्रेडिंग में कुल 3,713 कंपनियों में ट्रेडिंग शुरू हुई। आज ट्रेड होने वाली कंपनियों में से करीब 2,899 शेयर तेजी के साथ और 696 गिरावट के साथ बंद हुईं। वहीं 118 कंपनियों के शेयर के दाम बिना घटे या बढ़े बंद हुए। इसके अलावा आज 269 शेयर 52 हफ्ते के ऊपरी स्तर पर ट्रेड हो कर बंद हुए। इसके अलावा आज 21 शेयर 52 हफ्ते के निचले स्तर पर ट्रेड होकर बंद हुए। वहीं 401 शेयर में आज अपर सर्किट लगा तो 127 शेयर में लोअर सर्किट लगा।

मुहूर्त ट्रेडिंग के दौरान टॉप गेनर
कोल इंडिया का शेयर करीब 8 रुपये की तेजी के साथ 331.80 रुपये के स्तर पर बंद हुआ।
यूपीएल का शेयर करीब 9 रुपये की तेजी के साथ 555.75 रुपये के स्तर पर बंद हुआ।
इनफोसिस का शेयर करीब 19 रुपये की तेजी के साथ 1,388.20 रुपये के स्तर पर बंद हुआ।
आयशर मोटर्स का शेयर करीब 39 रुपये की तेजी के साथ 3,579.30 रुपये के स्तर पर बंद हुआ।
विप्रो का शेयर करीब 3 रुपये की तेजी के साथ 382.45 रुपये के स्तर पर बंद हुआ।
मुहूर्त ट्रेडिंग पर पिछले 15 में शेयर बाजार का प्रदर्शन
- 2023 में 0.55 प्रतिशत बढ़कर बंद हुआ
- 2022 में 0.88 प्रतिशत बढ़कर बंद हुआ
- 2021 0.5 प्रतिशत बढ़कर बंद हुआ
- 2020 में 0.47 प्रतिशत बढ़कर बंद हुआ
- 2019 में 0.37 प्रतिशत बढ़कर बंद हुआ
- 2018 में 0.7 प्रतिशत बढ़कर बंद हुआ
- 2017 में 0.6 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ
- 2016 में 0.04 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ
- 2015 में 0.5 प्रतिशत बढ़कर बंद हुआ
- 2014 में 0.2 प्रतिशत बढ़कर बंद हुआ
- 2013 में 0.2 प्रतिशत बढ़कर बंद हुआ
- 2012 में 0.3 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ
- 2011 में 0.2 प्रतिशत बढ़कर बंद हुआ
- 2010 में 0.5 प्रतिशत बढ़कर बंद हुआ
- 2009 में 0.02 प्रतिशत बढ़कर बंद हुआ
आज से संवत 2080 शुरू हो गया है। लेकिन अगर देखा जाए तो दलाल स्ट्रीट के लिए संवत 2079 काफी अच्छा रहा है। बीते एक साल के दौरान निवेशकों की वैल्थ करीब 64 लाख करोड़ रुपये बढ़ी है। वहीं पिछले साल 221 स्टॉक मल्टीबैगर साबित हुए है।
पिछली दिवाली से अब तक के बीच निफ्टी 50 के स्टॉक ने करीब 10 फीसदी का औसतन रिटर्न दिया है। वहीं इसी अवधि में निफ्टी मिड और स्मॉल कैप इंडेक्स ने करीब 32 फीसदी का रिटर्न दिया है।
मुहूर्त ट्रेडिंग बीएसई और एनएसई दोनों में होती है। शेयर बाजार में इसे काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। अगर आंकड़ों के हिसाब से देखा जाए तो पिछले 15 साल में मुहूर्त ट्रेडिंग पर केवल 3 बार ही इस दिन शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ है, नहीं तो यह हर बार बढ़कर ही बंद होता है।
मुहूर्त ट्रेडिंग की जड़ें प्राचीन भारत में देखी जा सकती हैं। ऐसा माना जाता है कि राजा विक्रमादित्य ने इस प्रथा की शुरुआत की थी। उनका मानना था कि दिवाली का मुहूर्त व्यापार शुरू करने से उनके राज्य में समृद्धि आएगी। समय के साथ, यह व्यापारियों के बीच एक पसंदीदा रिवाज के रूप में विकसित हुआ।
20वीं सदी के दौरान भारतीय शेयर बाजार में मुहूर्त ट्रेडिंग को आधिकारिक मान्यता मिली। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) 1957 में इस परंपरा को अपनाने वाले पहले एक्सचेंजों में से एक था, और बाद में इसे नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) द्वारा अपनाया गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि शेयर बाजार में हर गिरावट खरीदारी का अच्छा मौका पेश कर सकती है। ब्रोकरेज हाउस रिलायंस सिक्योरिटीज का कहना है कि अगले एक वर्ष में निफ्टी 50 को 22000 अंक के आगे निकल सकता है। ऐसे में अगर कहीं भी निवेश का अच्छा मौका मिले तो उसका फायदा उठाना चाहिए।


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