भारतीय शेयर बाजार के लिए सोमवार की सुबह काफी हलचल भरी रहने वाली है। रविवार शाम को मार्च महीने के कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) यानी महंगाई के आंकड़े जारी हो चुके हैं। अब निवेशकों की नजर बैंकिंग और रियल्टी जैसे रेट-सेंसिटिव सेक्टर्स पर टिकी है। माना जा रहा है कि ये आंकड़े निफ्टी 50 की शॉर्ट-टर्म चाल तय करेंगे। बाजार के जानकारों की मानें तो इन आंकड़ों के असर से आज ओपनिंग में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
महंगाई के आंकड़ों का सीधा असर रेट-सेंसिटिव शेयरों पर पड़ता है। अगर महंगाई कम रहती है, तो ब्याज दरों में स्थिरता या कटौती की उम्मीद बढ़ जाती है। ऐसे में बैंकिंग और ऑटो सेक्टर के शेयर सबसे ज्यादा एक्टिव रहते हैं। अगर आंकड़े उम्मीद के मुताबिक रहे, तो आज बाजार में अच्छी तेजी दिख सकती है। एक्सपर्ट्स की सलाह है कि फिलहाल भारी वॉल्यूम वाले क्वालिटी शेयरों पर ही फोकस करना बेहतर होगा।

भारत के CPI आंकड़ों के बाद रेट-सेंसिटिव शेयरों में ट्रेडिंग की रणनीति
इंट्राडे ट्रेडर्स के लिए बैंकिंग सेक्टर आज सबसे बड़ा केंद्र रहेगा। HDFC बैंक और ICICI बैंक जैसे बड़े शेयरों में आज बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है। इन शेयरों को अक्सर पूरी इकोनॉमी की सेहत का पैमाना माना जाता है। एनालिस्ट्स का कहना है कि अगर ये शेयर शुक्रवार के हाई लेवल को पार करते हैं, तो खरीदारी का अच्छा मौका बन सकता है। यहां से मिली मजबूती पूरे निफ्टी बैंक इंडेक्स को ऊपर ले जा सकती है।
| शेयर का नाम | ट्रेडिंग एक्शन | टारगेट प्राइस | स्टॉप लॉस |
|---|---|---|---|
| HDFC Bank | 1550 के ऊपर खरीदें | 1585 | 1525 |
| Tata Motors | 985 के ऊपर खरीदें | 1015 | 965 |
| DLF Limited | 845 के ऊपर खरीदें | 875 | 825 |
| Bajaj Finance | 7220 के ऊपर खरीदें | 7380 | 7100 |
ऑटोमोबाइल और रियल एस्टेट सेक्टर भी महंगाई की खबरों पर तुरंत रिएक्ट करते हैं। टाटा मोटर्स और DLF जैसी कंपनियों की चाल ब्याज दरों के आउटलुक पर निर्भर करती है। दरअसल, ज्यादा महंगाई से कारों जैसी महंगी चीजों की डिमांड पर असर पड़ता है। वहीं, कीमतों में गिरावट आने से इन हाई-बीटा शेयरों में निवेशकों का भरोसा लौटता है। आज का पूरा ट्रेड सेटअप इसी बात पर टिका है कि शुरुआती कारोबार में ये खास सेक्टर्स कैसा परफॉर्म करते हैं।
दिन चढ़ने के साथ बाजार पर ग्लोबल संकेतों का असर भी दिख सकता है, लेकिन फिलहाल भारतीय ट्रेडर्स के लिए घरेलू महंगाई के आंकड़े ही सबसे बड़े ट्रिगर हैं। ऐसी खबरों वाले ट्रेडिंग सेशन में रिस्क मैनेजमेंट का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। किसी भी अचानक आने वाले रिवर्सल से बचने के लिए स्टॉप लॉस का सख्ती से पालन करें। ट्रेडिंग के पहले एक घंटे के बाद बाजार का ओवरऑल ट्रेंड काफी हद तक साफ हो जाएगा।


Click it and Unblock the Notifications