Mutual Fund NFO : जब कोई कंपनी अपना शेयर स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्ट कराती है तो उससे पहले वो आईपीओ लेकर आती है। ये शेयरों की शुरुआती बिक्री होती है। इस तरह जब कोई म्यूचुअल फंड हाउस नयी स्कीम लेकर आता है, तो पहले उस स्कीम के लिए न्यू फंड ऑफर (एनएफओ) लेकर आता है। एनएफओ अवधि में लोग निवेश करते हैं। फिर यह सामान्य तरीके से निवेश के लिए उपलब्ध हो जाती है। अब एक फंड हाउस नयी स्कीम लेकर आया है। जानते हैं उसकी डिटेल।

महिंद्रा मनुलाइफ म्यूचुअल फंड का एनएफओ
महिंद्रा मनुलाइफ म्यूचुअल फंड ने एक नया स्मॉल कैप फंड लॉन्च करने की घोषणा की है, जो एक ओपन-एंडेड इक्विटी स्कीम है। स्मॉल कैप स्कीम मुख्य रूप से स्मॉलकैप शेयरों में निवेश करती है। ये है महिंद्रा मनुलाइफ स्मॉल कैप फंड। इसका न्यू फंड ऑफर 21 नवंबर 2022 को खुल गया है और यह 5 दिसंबर 2022 को बंद होगा। यह योजना 14 दिसंबर 2022 से लगातार बिक्री और रिपर्चेज (यानी सामान्य खरीद-बिक्री) के लिए फिर से खुल जाएगी।
किसके लिए है बेहतर
एसेट मैनेजमेंट कंपनी (एएमसी) ने एक बयान में कहा कि यह स्कीम उन निवेशकों के लिए बेहतर होगी जो लंबी अवधि में पैसा कमाना चाहते हैं और मुख्य रूप से स्मॉल-कैप कंपनियों की इक्विटी और इक्विटी रिलेटेड सिक्योरिटीज में निवेश करना चाहते हैं। महिंद्रा मनुलाइफ स्मॉल कैप फंड का मैनेजमेंट अभिनव खंडेलवाल और मनीष लोढ़ा करेंगे।

इक्विटी पर अधिक फोकस
एएमसी के बयान के मुताबिक, यह स्कीम लंबी अवधि के लिहाज से कंपनियों का डायवर्सिफाइड पोर्टफोलियो बनाने पर फोकस करेगी। यह योजना स्मॉल कैप कंपनियों के इक्विटी और इक्विटी रिलेटेड इंस्ट्रूमेंट में नेट एसेट्स का न्यूनतम 65 फीसदी निवेश करेगी। यानी जितना फंड स्कीम के पास आएगा, उसमें से 65 फीसदी इक्विटी सेगमेंट में निवेश किया जाएगा।
इक्विटी डेरिवेटिव इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश
यह स्कीम इक्विटी में निवेश की जितनी अनुमति है (65 फीसदी) उसमें से 50 फीसदी तक इक्विटी डेरिवेटिव इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश कर सकती है। डेरिवेटिव्स में निवेश हेजिंग, पोर्टफोलियो बैलेंसिंग और ऐसे अन्य उद्देश्यों के लिए होगा जो समय-समय पर रेगुलेशंस के तहत और समय-समय पर सेबी/आरबीआई द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अधीन हो सकते हैं।

ये है फंड का टार्गेट
एनएफओ पर बोलते हुए महिंद्रा मनुलाइफ म्यूचुअल फंड के एमडी और सीईओ एंथनी हेरेडिया ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था आने वाले दशक में दुनिया की लीडिंग अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनेने की ओर बढ़ रही है। इससे कई क्षेत्रों और बिजनेसों में काफी अवसर पैदा हो सकते हैं, कई छोटी कंपनियां इस संभावना का उपयोग समय के साथ बहुत बड़ा बनने के लिए कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि स्मॉल कैप फंड लंबी अवधि के निवेशकों के लिए एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है, जो इस बदलाव का लाभ उठाना चाहते हैं और निवेशक पोर्टफोलियो का मुख्य हिस्सा बनना चाहिए। कृष्णा सांघवी, (मुख्य निवेश अधिकारी - इक्विटी, महिंद्रा मनुलाइफ म्यूचुअल फंड) ने कहा, कि फंड का निवेश उद्देश्य स्मॉल कैप कंपनियों के इक्विटी और इक्विटी रिलेटेड सिक्योरिटीज के डायरवर्सिफाई पोर्टफोलियो में निवेश करके लंबी अवधि में पैसा बनाना है। उन्होंने कहा कि वैल्यूएशन के हिसाब से, स्मॉल कैप्स वर्तमान में उन निवेशकों के लिए एक अच्छा अवसर प्रदान कर रही हैं जो एक लंबी अवधि के इक्विटी पोर्टफोलियो का निर्माण करना चाहते हैं।


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