New Year 2025 Rules: जैसे-जैसे 2024 समाप्त होने वाला है, पूरे भारत में नए साल की पूर्व संध्या के जश्न की तैयारियां चल रही हैं। अलग-अलग शहरों ने जश्न के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था तय करने के लिए नियम बनाए हैं। शहर की पुलिस, यातायात विभाग और ड्रग्स शराब को पकड़ने के लिए कई सारी टीमें बनाई गई हैं। अगर कोई व्यक्ति इनका पालन नहीं करता है तो उसपर जुर्माना या दंड लगाया जा सकता है।

हैदराबाद में पुलिस आयुक्त सी.वी. आनंद ने आदेश दिया है कि फाइव स्टार होटल और तीन सितारा होटलों में अगर वे क्लब, बार और रेस्टोरेंट में अगर टिकट वाले प्रोग्राम करते हैं तो उन्हे 15 दिन पहले पुलिस से इजाजत लेनी पड़ेगी। वही इन होटलों के एंट्री, एग्जिट और पार्किंग के एरिए में सीसीटीवी कैमरे जरूर होने चाहिए। वहीं रात 10 बजे के बाद साउंड सिस्टम हो जाने चाहिए। अगर कोई और लंबा प्रोग्राम चलाता है तो वो रात 1 बजे तक इनडोर आवाज का 45 डेसिबल होना चाहिए।
प्रमुख शहरों में सुरक्षा उपाय
बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका (BBMP) के साथ-साथ बेंगलुरु के अधिकारियों को रात 1 बजे तक समारोह समाप्त करने की जरूरत है। KIA इंटरनेशनल एयरपोर्ट एलिवेटेड एक्सप्रेसवे को छोड़कर ज्यादातर फ्लाईओवर रात 10 बजे के बाद बंद हो जाएंगे। आपको ध्यान रखना है, 31 दिसंबर की रात 10 बजे के बाद से 1 जनवरी की सुबह 6 बजे तक इस रूट पर दोपहिया वाहनों को आने की इजाजत नहीं है। वहीं प्रोग्राम के दौरान आप न तो पटाखे फोड़ सकते हैं और न ही लाउडस्पीकर बजा पाएंगे।
मुंबई के बार रेस्टोरेंट और पब नए साल के जश्न के लिए सुबह 5 बजे तक खुले रह सकते हैं। हालांकि, छत पर होने वाली पार्टियां जारी रह सकती हैं लेकिन बिना गाने बजाने के साथ ही, अगर कोई व्यक्ति इस बात का पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ सख्ती बरती जाएगी। होटल और रेस्टोरेंट एसोसिएशन का इस बात का कहना है की शराब उपलब्ध कराने की कोई सीमा नहीं है। होटल की व्यवस्था को सही रखने के लिए सार्वजनिक प्रोग्राम पर हर पहलू से निगरानी रखी जाएंगी।
कई शहरों के लिए दिशानिर्देश
दिल्ली और चेन्नई में सुरक्षा के लिए कड़े नियम लागू किए गए हैं। प्रमुख मनोरंजन क्षेत्रों और पार्टी केंद्रों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई जाएगी। कोलकाता और पुणे में लाउडस्पीकरों और समय सीमा पर प्रतिबंध लगाए गए हैं, ताकि शांतिपूर्ण तरीके के साथ प्रोग्राम किए जा सकें।
हैदराबाद के आयोजकों को पार्किंग और एकांत क्षेत्रों की बारीकी से निगरानी करते हुए नशीली दवाओं के यूज को सख्ती से नियंत्रित करना चाहिए। निषेध अधिकारियों ने आबकारी अधिनियम की धारा 36(1)(1) के तहत नशे में धुत व्यक्तियों को शराब परोसने के खिलाफ चेतावनी दी है, अगर कोई व्यक्ति इस बात का पालन नहीं करता है तो उसपर जुर्माना भी लग सकता है।
नशे में वाहन चलाने पर सख्त कार्रवाई में 10,000 रुपए तक का जुर्माना, कारावास या वाहन जब्ती शामिल है। नये नियम सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखते हुए सुरक्षित न्यू ईयर समारोह तय करने के लिए भारत भर में प्राधिकारियों द्वारा किये गए ठोस प्रयास को दर्शाते हैं।


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