नयी दिल्ली। अमेजन और वॉलमार्ट की फ्लिपकार्ट उन ऑनलाइन रिटेल विक्रेताओं में से हैं जो भारत में अपने प्लेटफार्मों पर थर्ड पार्टी विक्रेताओं पर लगाये गये नये टैक्स को हटाने की मांग कर रही हैं। इनकी दलील है कि इससे इंडस्ट्री पर बोझ बढ़ेगा। अगर नये टैक्स का प्रस्ताव अगले महीने संसद में पास हो जाता है तो ऑनलाइन रिटेल उद्योग को अप्रैल से अपने प्लेटफार्मों पर विक्रेताओं द्वारा की गई हर बिक्री पर संभावित 1 फीसदी टैक्स देना होगा। जानकारों का मानना है कि यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा टैक्स रेवेन्यू बढ़ाने और कमजोर होती उपभोक्ता मांग के कारण आर्थिक मंदी का मुकाबला करने की एक व्यापक योजना का हिस्सा है। मगर इस टैक्स से देश के ई-कॉमर्स सेक्टर को झटका लगना तय है। इससे ई-कॉमर्स सेक्टर में ट्रेडिंग गतिविधियां भी कम हो जाएंगी।

थर्ड पार्टी विक्रेता भी विरोध में
कुछ थर्ड पार्टी विक्रेता भी इस टैक्स के खिलाफ हैं। उनका तर्क है कि यह उनकी कार्यशील पूंजी को नकारात्मक रूप से प्रभावित करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि वे पहले से ही एक राष्ट्रव्यापी सेल्स टैक्स में योगदान करते हैं। इस टैक्स को छोटे ऑनलाइन विक्रेताओं की "ग्रोथ और जीविका के लिए बेहद हानिकारक" माना जा रहा है। ऑनलाइन विक्रेता, या वे विक्रेता जिनकी पिछले वर्ष में आमदनी 5 लाख रु से कम थी और ब्रिक-और-मोर्टार खुदरा विक्रेताओं को नए टैक्स से छूट दी जाएगी। हालांकि ये देशव्यापी सेल्स टैक्स देंगे।
2026 तक कहां होगा भारतीय ई-कॉमर्स कारोबार
भारत के ई-कॉमर्स सेक्टर के 2026 तक 200 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। स्मार्टफोन के बढ़ते उपयोग और सस्ते डेटा से किराने के सामान से लेकर फर्नीचर तक सब कुछ ऑनलाइन बिक रहा है, जिससे लाखों लोगों को मदद मिलती है। लेकिन अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसी कंपनियों को सख्त नियमों और एंटीट्रस्ट जांच का भी सामना है।
यह भी पढ़ें - अमेजन-फ्लिपकार्ट की बढ़ी मुसीबत, इस मामले में होगी जांच
More From GoodReturns

FD की नई दरें: इन 4 बैंकों में सीनियर सिटीजन्स को मिल रहा 8.30% तक ब्याज, जानें निवेश का सही तरीका

LIC की नई पॉलिसी लॉन्च: 'बीमा प्लेटिनम' और 'जीवन रक्षा' में से कौन सी है आपके लिए बेस्ट?

EPFO Enrollment Campaign 2026: पीएफ से छूटे कर्मचारियों के लिए आखिरी मौका, 31 अक्टूबर तक करें आवेदन

पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी: आज आपके शहर में क्या है कीमत? जानें पूरा गणित

Gold Price 2 सितंबर को सोने-चांदी के भाव में स्थिरता, क्या आज खरीदारी करना है फायदे का सौदा? जानें ताजा रेट

3 सितंबर को सोने के दाम स्थिर: क्या आज खरीदारी करना सही फैसला है? जानें ताजा रेट

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 2026: 4 सितंबर को आपके शहर में बैंक बंद या खुले? चेक करें पूरी लिस्ट

गणेश चतुर्थी 2026: 14 सितंबर को बंद रहेगा शेयर बाजार, NSE-BSE की छुट्टी से ट्रेडर्स पर क्या होगा असर?

GST कलेक्शन का धमाका: ₹2 लाख करोड़ के करीब पहुंचा आंकड़ा, इन सेक्टर्स में मचेगी हलचल!

ऑटो सेल्स डेटा: मारुति-टाटा की रफ्तार पर टिकी नजर, आज इन शेयरों में दिखेगी बड़ी हलचल

MSCI रीबैलेंसिंग आज: नए शेयरों की दौड़ में फंसें या SIP का अनुशासन अपनाएं?



Click it and Unblock the Notifications
