नई दिल्ली, जून 18। यदि आपका खाता इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आईपीपीबी) में है तो यह खबर आपके लिए बहुत काम की है। दरअसल आईपीपीबी के ग्राहकों को 15 जुलाई 2022 से वर्चुअल डेबिट कार्ड के लिए वार्षिक रखरखाव (एनुअल मैंटेनेंस) और रिइश्युएंस चार्जेस का भुगतान करना होगा। आईपीपीबी ने ग्राहकों को डिजिटल भुगतान ईकोसिस्टम की ओर शिफ्ट करने में मदद करने के लिए अपना वर्चुअल डेबिट कार्ड लॉन्च किया था। डिजिटल भुगतान ईकोसिस्टम को केंद्र सरकार द्वारा प्रचारित किया जा रहा है।
कितना लगेगा चार्ज
आईपीपीबी की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार वर्चुअल डेबिट कार्ड (वीडीसी) पर 25 रुपये (जीएसटी सहित) का वार्षिक रखरखाव शुल्क 15 जुलाई, 2022 से लागू होगा। हालांकि, प्रीमियम खातों (एसबीपीआरएम) को इन शुल्कों से छूट दी जाएगी।
आईपीपीबी वर्चुअल कार्ड
आईपीपीबी वर्चुअल कार्ड एक डिजिटल डेबिट कार्ड है जिसका उपयोग ई-कॉमर्स लेनदेन (ऑनलाइन) के लिए किया जा सकता है। कार्ड (एक पारंपरिक प्लास्टिक कार्ड की तरह) का उपयोग भारत में किसी भी मर्चेंट वेबसाइट/ऑनलाइन पोर्टल पर ऑनलाइन खरीदारी करने के लिए किया जा सकता है जो रुपे कार्ड स्वीकार करता है। यह डिजिटल डेबिट कार्ड ग्राहक अपने मोबाइल बैंकिंग ऐप पर जनरेट कर सकते हैं।
आईपीपीबी ऐप पर वर्चुअल डेबिट कार्ड कैसे जनरेट करें?
चरण 1 : आईपीपीबी ऐप डाउनलोड करें और लॉगिन करें
चरण 2 : रुपे कार्ड पर क्लिक करें, और वर्चुअल डेबिट कार्ड पर क्लिक करें
चरण 3 : अगले पृष्ठ में, 'रिक्वेस्ट वर्चुअल डेबिट कार्ड' पर क्लिक करें। अगला पृष्ठ रुपे कार्ड की डिटेल शो करेगा
चरण 4 : नियम और शर्तों को स्वीकार करने के लिए बॉक्स पर टिक करें और 'प्रोसीड' पर क्लिक करें और पुष्टि करें
चरण 5 : अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी दर्ज करें
ये है बाकी डिटेल
आपका वर्चुअल डेबिट कार्ड जनरेट हो जाएगा और राशि आपके खाते से काट ली जाएगी। डेबिट कार्ड इन दिनों कैशलेस लेनदेन के लिए सबसे लोकप्रिय साधनों में से एक हैं और भारत में भुगतान के लिए पहले से ही एक प्रमुख तरीका रहा है। भारत में ईकॉमर्स/ऑनलाइन सेवाओं के बढ़ते कारोबार के साथ, ईकॉम/ऑनलाइन मर्चेंट लेनदेन पर डेबिट कार्ड का उपयोग दिन-ब-दिन काफी बढ़ रहा है।
हो रहा नयी सर्विस पर विचार
केंद्र सरकार बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं की मेजबानी के लिए इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक और प्रमुख मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप के बीच एक पार्टनरशिप पर विचार कर रही है। डिजिटल एज को बनाए रखने के लिए, सरकार हर किसी की पहुंच के भीतर और भी बेहतर सेवाएं प्रदान करने के लिए इंडिया पोस्ट और व्हाट्सएप के बीच सहयोग पर विचार कर सकती है। सरकार द्वारा संभावित इस कदम का उद्देश्य इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के ग्राहकों को बेहतर सेवाएं प्रदान करना है, जिन्हें बुनियादी काम करने के लिए शाखा में जाने की जरूरत नहीं होगी। बता दें कि 2018 में लॉन्च किया गया, आईपीपीबी एक पब्लिक लिमिटेड कंपनी है जहां केंद्र सरकार की 100 फीसदी हिस्सेदारी है। यह डाक विभाग के तहत भुगतान बैंक के रूप में स्थापित किया गया है। आईपीपीबी की सेवाओं के साथ अगले 60 दिनों में एक पायलट प्रोजेक्ट चलाया जाएगा जैसे बैलेंस इंक्वारी, नए खाते के लिए आवेदन, पिन बदलना और पासवर्ड आदि की टेस्टिंग की जा रही है।


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