नयी दिल्ली। देश की आम जनता के लिए बड़ी खबर है। केंद्र सरकार ने बिजली (उपभोक्ताओं के अधिकार) नियम, 2020 की अधिसूचना जारी कर दी है। सरकार का टार्गेट देश के हर घर में बिजली पहुंचाने का है। साथ ही बिजली (उपभोक्ताओं के अधिकार) नियम, 2020 के तहत उपभोक्ताओं को कुछ अधिकार भी मिले हैं, जिनके बारे में हर देशवासी के लिए जानना जरूरी है। नये नियमों में बिजली सप्लाई, बिजली का नया कनेक्शन, पुराने कनेक्शन को फिर से शुरू करने, मीटर मैनेजमेंट और बिल भुगतान सेवाओं को शामिल किया गया है। बता दें कि बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक खास स्टैंडर्ड पहली बार तय हुआ है।
बिजली जाने पर मिलेगा पैसा
नये नियमों के अनुसार यदि बिजली जाती है तो फिर बिजली कंपनियां (डिस्कॉम) को उपभोक्ताओं को मुआवजा देना पड़ सकता है। तय स्टैंडर्ड के मुताबिक यदि डिस्कॉम बिजली सप्लाई नहीं दे पाई तो उन्हें उपभोक्ता को मुआवजा देना पड़ेगा। बिजली उपभोक्ताओं को मुआवजे का पैसा ऑटोमैटिक तरीके से मिलेगा। अच्छी बात ये है कि इसकी मॉनिटरिंग भी होगी।
मिलेगा 1 लाख रु तक का मुआवजा
बिजली जाने पर मुआवजे की राशि की बात करें तो ये प्रति दिन 6 हजार रु से 1 लाख रु तक हो सकती है। मगर इसके लिए कुछ परिस्थितियों को सूचीबद्ध किया गया है। यदि बिजली कंपनी एक तय समय के बाद भी बिजली सप्लाई नहीं कर पाए तो मुआवजा देना होगा। दूसरे यदि बिजली की सप्लाई में तय की गई संख्या से ज्यादा बार रुकावट आए तो भी मुआवजा जरूरी होगा। इसी तरह कनेक्शन लेने, हटवाने, दोबारा लगवाने और शिफ्टिंग में लगने वाला समय भी तय होगा। आखिर में बिल, वोल्टेज या मीटर से जुड़ी शिकायतों का समाधान करने में कितना समय लगा।
24 घंटे बिजली सप्लाई जरूरी
गौरतलब है कि डिस्कॉम के लिए नियम कड़े किये गये हैं। नये नियमों के अनुसार डिस्कॉम के लिए सभी उपभोक्ताओं को 24x7 बिजली सप्लाई करना जरूरी होगा। मगर राज्य आयोग कुछ कैटेगरी के उपभोक्ताओं के लिए बिजली सप्लाई के न्यूनतम घंटे तय कर सकता है। यानी ऐसे ग्राहकों को कम से कम कुछ घंटे बिजली दी जानी जरूरी होगी।
कर सकेंगे एडवांस में ही बिल का भुगतान
नये नियमों में उपभोक्ताओं को समय से पहले ही एडवांस बिल का भुगतान करने की सुविधा दी गई है। दूसरी चीज बिजली के बिल और टैरिफ में पारदर्शिता पर जोर दिया गया है। इससे उपभोक्ताओं से ज्यादा पैसा नहीं लिया जा सकेगा। बाकी आपके पास ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से भुगतान की सुविधा होगी।
बिना मीटर नहीं होगा कनेक्शन
नए नियमों में बिना मीटर के कोई भी कनेक्शन न दिए जाने की भी बात की गयी है। वहीं नया मीटर स्मार्ट प्री-पेमेंट मीटर या प्री-पेमेंट मीटर होना जरूरी होगा। इसके अलावा डिफेक्टिव, जले हुए और चोरी हो गये मीटर का रिप्लेसमेंट भी किया जा सकेगा। इसके लिए प्रोविजन किया गया है। नए कनेक्शन लेने और मौजूदा कनेक्शन में बदलाव के लिए आप ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। सबसे अहम नियमों में शामिल है कि मेट्रो शहरों में नया कनेक्शन लेने और मौजूदा कनेक्शन में बदलाव ज्यादा से ज्यादा 7 दिनों में करना होगा। वहीं म्यूनिसिपल क्षेत्रों के लिए ये समयसीमा 15 और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 30 दिन होगी।


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