Online Shopping: ऑनलाइन सामान खरीदने वालों के लिए जरूरी खबर आ गई है। महंगाई दर का कैलकुलेशन और भी सटीक बनाने के लिए भारत सरकार ने बड़ा कदम उठाने का फैसला लिया है। इसके अनुसार, यह पता लगाया जाएगा कि लोग ऑनलाइन क्या खरीद रहे हैं और कितने रुपये में खरीद रहे हैं और उनकी खरीदारी की आदतों में समय के साथ क्या बदलाव आ रहा है।
यह ऑनलाइन शॉपिंग ट्रैकिंग देश के मुख्य 12 शहरों के लोगों पर की जाएगी। इससे कंज्यूमर प्रोडक्ट इंडेक्स (CPI) को और अधिक भरोसेमंद बनाना है, क्योंकि CPI के आधार पर ही महंगाई दर का आकलन किया जाता है।

सरकार की ये है प्लानिंग
पिछले कुछ सालों में भारत में ऑनलाइन शॉपिंग का चलन तेजी से बढ़ा है और अब यह ट्रेंड सिर्फ मेट्रो शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में भी लोग जरूरी चीजों से लेकर लग्जरी प्रोडक्ट तक ऑनलाइन मंगवा रहे हैं।
खरीदारी की इन बदलती आदतों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने देश के प्रमुख 12 शहरों में लोगों की ऑनलाइन शॉपिंग गतिविधियों को ट्रैक करने का फैसला लिया है। इस योजना का मकसद यह समझना है कि लोग क्या खरीद रहे हैं, कितनी मात्रा में खरीद रहे हैं और उनकी पसंद समय के साथ कैसे बदल रही है।
यह डेटा सरकार को उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) को और अधिक सटीक बनाने में मदद करेगा, जिससे महंगाई की दर की सही गणना की जा सकेगी।
इन शहरों में सरकार करेगी ऑनलाइन शॉपिंग ट्रैक
सरकार फिलहाल कुछ शहरों में ऑनलाइन शॉपिंग पर नजर रखेगी। इसमें दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरू, कोलकाता, हैदराबाद, लखनऊ, चंडीगढ़, चेन्नई और गुवाहाटी शामिल हैं।
ऑनलाइन शॉपिंग ट्रैकिंग करने का फोकस
सरकार यह जानकारी जानना चाहती है कि किन प्रोडक्ट्स को लोग सबसे ज्यादा खरीद रहे हैं। इसके अलावा खरीदारी की मात्रा और आवृति क्या है। अलग-अलग आय वर्गों की खरीदारी की आदतें सरकार जानना चाहती है। सरकार को त्यौहारी खरीदारी के पैटर्न को भी सरकार समझना चाहती है। ऑनलाइन शॉपिंग ट्रैकिंग के जरिये मिला डेटा का इस्तेमाल सरकार को कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स को और अधिक सटीक बनाने में मदद करेगा, जिससे महंगाई की दर की सही गणना की जा सकेगी।


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