पेंशन फंड को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। पेंशन फंड रेग्युलेटर पीएफआरडीए ने नेशनल पेंशन सिस्टम यानी एनपीएस में एंट्री की उम्र सीमा को बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है।
नई दिल्ली, अप्रैल 16। पेंशन फंड को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। पेंशन फंड रेग्युलेटर पीएफआरडीए ने नेशनल पेंशन सिस्टम यानी एनपीएस में एंट्री की उम्र सीमा को बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है। जी हां जल्द ही 70 साल उम्र तक के बुजुर्ग राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) की योजना में निवेश कर पाएंगे। दरअसल, पेंशन फंड रेगुलेटर पीएफआरडीए ने एनपीएस से जुड़ने की उम्र सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है। विशेष FD : 30 जून तक बढ़ाई गई तारीख, जानें कितना ज्यादा मिलेगा ब्याज

एनपीएस में एंट्री की उम्र सीमा 65 से बढ़ाकर 70 साल करने का दिया प्रस्ताव
पीएफआरडीए की योजना एनपीएस से जुड़ने की उम्र सीमा 65 साल से बढ़ाकर 70 साल करने की है। इसके अलावा पेंशन रेग्युलेटर ने मिनिमम गारंटीड पेंशन प्रोडक्ट को भी तैयार करने का सुझाव दिया है। यह एनपीएस के दायरे में आएगा। फिलहाल नेशनल पेंशन सिस्टम के अंतर्गत पेंशन कितनी होगी यह इस बात पर निर्भर करता है कि पेंशन फंड में कितना जमा किया गया है और इस फंड का प्रदर्शन कैसा रहा है। बताया रहा है कि अगले 15-20 दिनों के अंदर एक ऐसे प्रोडक्ट को लेकर रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल डाला जाएगा।
तेजी से जुड़ रहें है 60 साल से अधिक उम्र के लोग
पेंशन फंड नियामक ने यह भी प्रस्ताव दिया है कि जो लोग 60 साल की उम्र के बाद एनपीएस में निवेश करते हैं वह अपना निवेश 75 साल तक जारी रख सकेंगे। वही, अन्य सभी निवेशकों के लिए आयु सीमा 70 साल तय की गई है। बीते 3.5 साल में एनपीएस से 15,000 हजार ऐसे लोग जुड़े हैं जिनकी उम्र 60 साल से अधिक रही है। पीएफआरडीए के अध्यक्ष सुप्रीम बंद्योपाध्याय ने कहा कि इसको देखते हुए हमने उम्र बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है।
5 लाख तक 100 % निकासी करने की इजाजत
इसके अलावा पीएफआरडीए यह भी देख रहा है कि अगर किसी का पेंशन फंड 5 लाख रुपये से कम है तो वह फंड से 100 फीसदी निकाल सके। अभी 2 लाख रुपये से कम पेंशन फंड होने पर यह नियम लागू है। इससे अधिक रकम की निकासी पर 40 फीसदी फ्री और 60 फीसदी पर टैक्स देना होता है। यह रकम पूरी तरह टैक्स फ्री भी होगा। बता दें कि पीएफआरडीए तमाम कोशिशों की मदद से चालू वित्त वर्ष में अपने पोर्टफोलियो में 10 लाख नए सब्सक्राइबर्स जोड़ने का लक्ष्य रखा है। पीएफआरडीए को उम्मीद है कि अटल पेंशन योजना और एनपीएस में इस वित्त वर्ष में एक करोड़ नए सब्सक्राइबर्स जुड़ेंगे।
31 मार्च 2021 तक कुल 4.24 करोड़ सब्सक्राइबर जुड़ें
वित्त वर्ष 2020-21 में एनपीएस-एपीवाई के सब्सक्राइबर्स की संख्या में 23% की बढ़ोतरी हुई है। 31 मार्च 2021 तक एनपीएस और एपीवाई से कुल 4.24 करोड़ सब्सक्राइबर जुड़ गए थे। एपीवाई के सब्सक्राइबर्स की संख्या में 33% की ग्रोथ रही है। इस अवधि में 77 लाख नए सब्सक्राइबर एपीवाई से जुड़े हैं। अब कुल एपीवाई सब्सक्राइबर्स की संख्या 2.8 करोड़ हो गई है। 31 मार्च 2021 तक पीएफआरडीए का कुल असेट अंडर मैनेजमेंट (एएमयू) 38% की ग्रोथ के साथ 5.78 लाख करोड़ रुपए हो गया है। एनपीएस का लाभ मुख्य तौर पर औपचारिक क्षेत्र के कर्मचारियों को मिलता है। जबकि गैर-औपचारिक क्षेत्र के कर्मचारी एपीवाई का लाभ ले सकते हैं।
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