नयी दिल्ली। म्यूचुअल फंड आज निवेश के लिए सबसे लोकप्रिय ऑप्शन में से एक है। चाहे आप एक नये निवेशक हों या आपके पास वर्षों का अनुभव हो कम जोखिम लिए अपने लक्ष्यों को पूरा करने के लिए म्यूचुअल फंड बढ़िया ऑप्शन है। म्यूचुअल फंड कई तरह के होते हैं। इनका साइज भी अलग-अलग होता है, जिससे आपके पोर्टफोलियो में विविधता (अलग-अलग कैटेगरी का निवेश) बनी रहती है। आम तौर पर म्यूचुअल फंड 5 तरह के होते हैं। यहां हम आपको इन पांचों की कैटेगरी के बारे में बताएंगे।
डेब्ट फंड
डेट फंड फिक्स्ड इनकम इंस्ट्रूमेंट्स जैसे ट्रेजरी बिल, कॉर्पोरेट बॉन्ड, सरकारी सिक्योरिटीज और अन्य मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करते हैं। डेट फंडों में भी कई श्रेणियां होती हैं जिनमें लिक्विड फंड, गिल्ट फंड, इनकम फंड आदि शामिल हैं। इनकी मैच्योरिटी अवधि 1 से 6 या इससे ज्यादा वर्ष तक होती है। डेट फंड्स के फायदों की बात करें तो फिक्स्ड इनकम इंस्ट्रूमेंट्स पर फोकस करने के लिए डेब्ट फंड बढ़िया हैं। यहां आपको कम लेकिन स्थिर रिटर्न मिलता है और आपको टीडीएस नहीं देना होता। यहां 3 महीनों से 5 साल तक निवेश करना बढ़िया है।
ईएलएसएस फंड्स
इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम (ईएलएसएस) फंड को टैक्स सेवर फंड के नाम से भी जाना जाता है। ये आपको शेयरों में निवेश करके हाई रिटर्न देते हैं और आयकर बचाने में मदद करते हैं। यानी ईएलएसएस फंड्स टैक्स कटौती और इक्विटी निवेश से हाई रिटर्न का दोहरा लाभ देते हैं। ईएलएसएस के लाभ पर नजर डालें तो अन्य कर-बचत उपकरणों की तुलना में यहां तीन वर्षों की कम लॉक-इन अवधि होती है। लॉक-इन अवधि का मतलब है इतने समय के लिए निवेश राशि लॉक रहना।
इंडेक्स फंड
इंडेक्स फंड्स म्यूचुअल फंड्स होते हैं जो एक खास इंडेक्स जैसे एनएसई निफ्टी, बीएसई सेंसेक्स आदि के शेयरों में निवेश करते हैं। इंडेक्स फंड्स इंडेक्स के प्रदर्शन के समान ही रिटर्न का वादा करते हैं, जो उस पर लिस्टेड कंपनियों के प्रकार पर निर्भर करता है। उदाहरण के बीएसई सेंसेक्स में 30 अच्छी, उच्च प्रदर्शन करने वाली कंपनियां लिस्टेड हैं। इनमें एशियन पेंट्स, टीसीएस, एचडीएफसी आदि शामिल हैं। इंडेक्स फंड्स का लाभ ये है कि इनका प्रदर्शन फंड मैनेजर पर निर्भर नहीं है। दूसरी बात कि ये इक्विटी से संबंधित अस्थिरता से बहुत कम प्रभावित होते हैं।
सेक्टोरल फंड
सेक्टोरल फंड एक ही सेक्टर जैसे आईटी, फार्मा, रिटेल आदि में निवेश करते हैं। ये सेक्टर के प्रदर्शन पर निर्भर होते हैं। यहां से बहुत अधिक रिटर्न मिल सकता है। सेक्टोरल फंड आपके निवेश पोर्टफोलियो में विविधता लाने में काफी मददगार हो सकते हैं। सेक्टोरल फंड्स के फायदे देखें तो यहां उच्च रिटर्न की संभावना रहती है। इनमें एक निश्चित अनुपात में अलग-अलग सेक्टर में निवेश किया जाता है।
फंड ऑफ फंड्स (एफओएफ) - इंटरनेशनल
फंड ऑफ फंड्स (एफओएफ) में एक फंड होता है, जो कई विदेशी म्यूचुअल फंडों में निवेश करता है। एफओएफ पर नजर रखना आसान हैं क्योंकि इसमें कई म्यूचुअल फंडों को एक ही फंड में रखा जाता है। एफओएफ के की बात करें तो सबसे बड़ा फायदा ये है कि इससे आप विदेशी बाजारों में निवेश कर सकते हैं। एफओएफ में जोखिम कम हैं क्योंकि आमतौर पर इनमें बेहतर फंड मैनेजर संभालते हैं।
2021 में म्यूचुअल फंड
2020 में म्यूचुअल फंड्स ने अच्छा रिटर्न दिया है। शेयर बाजार के पटरी पर लौट आने से म्यूचुअल फंड के रिटर्न भी अच्छे हो गए। आगे शेयर बाजार के और ऊपर जाने की संभावना जताई गई है, जिससे म्यूचुअल फंड को भी सहारा मिलेगा। यानी यहां से आपको अगले साल भी तगड़ा रिटर्न मिल सकता है।
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