नयी दिल्ली। कोरोना संकट आने के बाद से इक्विटी शेयर बाजार में गिरावट के चलते बहुत सारी म्यूचुअल फंड योजनाओं के रिटर्न भी निगेटिव और ढेरों दूसरी योजनाओं के 5 साल या इससे अधिक अवधि के रिटर्न बेहद कम हो गए थे। हालांकि शेयर बाजार में सुधार के साथ म्यूचुअल फंड के रिटर्न भी थोड़े बेहतर हुए हैं। मगर एक सेगमेंट के फंड्स ने पिछले एक महीने में चौंका दिया है। ये कैटेगरी है बैंकिंग फंड्स। बैंकिंग फंड्स ने पिछले 1 महीने में 21.38 फीसदी का दमदार रिटर्न दिया है। यानी इन फंड्स में पैसा लगाने वाले निवेशकों की पूंजी एक महीने में 21.38 फीसदी बढ़ गई है। बैंकिंग फंड्स का इतना शानदार प्रदर्शन और वो भी सिर्फ एक महीने में काफी चौंकाने वाला है। आइये जानते हैं इसके पीछे का पूरा गुणा-गणित।
28 फीसदी गिर गए थे रिटर्न
बैंकिंग फंड्स कैटेगरी एक साल में 28 फीसदी गिर गई थी। 21 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न वास्तव में आश्चर्यजनक है क्योंकि पिछले एक साल में बैंकिंग क्षेत्र को बहुत नुकसान हुआ है। किसी को भी निकट समय में आर्थिक गतिविधियों में ग्रोथ की उम्मीद है, तो फिर कैसे बैंकिंग क्षेत्र की किस्मत बदली? इस सवाल के जवाब में एक्सपर्ट कहते हैं कि बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज में पिछले एक महीने में एक अच्छी तेजी दिखी। यह ज्यादातर वैश्विक स्तर पर इन सेक्टरों में आई तेजी के कारण हुआ। इसके अलावा नौकरियों के नुकसान और एसएमई पर निगेटिविटी भी उम्मीद से काफी कम रही। महामारी के बावजूद अर्थव्यवस्था खोली गई है, जिससे जून तिमाही में बेहतर ग्रोथ की उम्मीद है। वैसे भी बैंकिंग सेक्टर को आर्थिक विकास का आइना कहा जाता है।
आने वाले महीनों में कैसा रहेगा हाल
बड़ा सवाल ये है कि क्या उम्मीद से बेहतर आर्थिक प्रभाव और वृद्धि से आने वाले महीनों में बैंक शेयरों में तेजी बरकरार रहेगी? इस समय बैंकिंग सिस्टम में पैसे की कोई कमी नहीं है मगर बैंक जोखिम लेने और कंपनियों को पैसा उधार देने की जल्दी में नहीं हैं। कंपनियां भी उधार लेने की जल्दी में नहीं हैं क्योंकि उन्हें उपभोक्ताओं की तरफ से फिलहाल मांग में बढ़ोतरी नहीं दिख रही। जानकार बताते हैं कि शुद्ध बैंकिंग और कर्ज सेवाएं अगले वर्ष में विकास की उम्मीद पर निर्भर हैं। ग्रोथ का सबसे खराब दौर जून तिमाही का था और यह अब पूरा हो चुका है। इसलिए बैंकिंग क्षेत्र के लिए नजरिया सकारात्मक है।
क्रेडिट और डेबिट कार्ड का इस्तेमाल बढ़ा
क्रेडिट और डेबिट कार्ड पर खर्च बढ़े हैं। यह सेक्टर के लिए सकारात्मक चीज है। बीमा और एएमसी (एसेट मैनेजमेंट कंपनी) जैसे कर्ज देने वाली कंपनियों के लिए भी हालात सकारात्मक हैं। जानकारों के मुताबिक अगर धीरे-धीरे ग्रोथ होती है तो ये निश्चित रूप से बैंकिंग और वित्तीय सेक्टर के लिए बहुत बड़ा अच्छा होगा। हालांकि सरकारी बैंकों को लेकर चिंता बरकरार है। उनमें से ज्यादातर के पास एनपीए के मामले हैं और पूंजी की भी कमी है। निवेश के लिए जानकार सलाह देते हैं कि निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए। 5 साल के लिहाज से बैंकिंग सेक्टर अच्छा निवेश ऑप्शन है, लेकिन इसमें अस्थिरता भी देखने को मिलेगी। बाकी रिटेल निवेशक अलग-अलग सेक्टरों में निवेश का ऑप्शन चुन सकते हैं।
More From GoodReturns

ITR डेडलाइन: रिफंड अटकने से बचाना है तो अभी चेक करें AIS और TIS, वरना होगी परेशानी

Redington Share Price: शानदार नतीजों के दम पर 10% उछला शेयर, खरीदारी का सही समय?

अदाणी एंटरप्राइजेज ने एयरलाइन लॉन्च की अटकलों को किया खारिज, कहा- रिपोर्ट्स निराधार

भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें

Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?

Gandhar Oil Refinery के शेयर में लगा अपर सर्किट! मुनाफा और रेवेन्यू ने किया कमाल, अब क्या होगा?

US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति

GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित

ITR फाइलिंग की डेडलाइन: 31 जुलाई से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान

चेन्नई रेल अपडेट: आज रात कई ट्रेनें रद्द, सफर से पहले चेक करें अपना रूट और टाइमिंग

आज खुले 3 बड़े IPO: Indo-MIM, Xtranet और Lohia Corp में निवेश का मौका, जानें क्या है सही रणनीति



Click it and Unblock the Notifications