नयी दिल्ली। पिछले कुछ सालों में भारत में म्यूचुअल फंड में निवेश करने वालों की संख्या काफी बढ़ी है। म्यूचुअल फंड कंपनियों की एयूएम (एसेट अंडर मैनेजमेंट) में भी कई गुना बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अगर आप भी म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं तो ये खबर आपके काम की है। दरअसल 2021 से म्यूचुअल फंड के 5 बड़े नियम बदलने वाले हैं। ये बदलाव मार्केट रेगुलेटर सेबी ने किए हैं। इन नियमों में बदलाव करके सेबी का मकसद म्यूचुअल फंड स्कीमों को ज्यादा पारदर्शी और सुरक्षित बनाने का है। यहां हम आपको म्यूचुअल फंड में होने वाले उन पांचों नियमों की जानकारी देंगे, जो जनवरी से लागू होने जा रहे हैं।
इक्विटी में 75 फीसदी निवेश होगा जरूरी
नये साल से मल्टी कैप इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में कम से कम 75 फीसदी निवेश इक्विटी में निवेश करना जरूरी होगा। अभी ये लिमिट न्यूनतम 65 फीसदी है। वहीं मल्टी कैप इक्विटी म्यूचुअल फंड स्कीमों में न्यूनतम 25-25 फीसदी राशि लार्ज कैप, मिड कैप और स्मॉल कैप शेयरों में भी निवेश करनी होगी। फंड हाउस के लिए अभी ऐसी कोई बाध्यता नहीं है। वे जितना चाहें किसी भी कैप कैटेगरी में निवेश कर सकते हैं। ये नियम 31 जनवरी तक लागू किया जाना जरूरी है।
बदलेगा एनएवी का नियम
1 जनवरी 2021 से लिक्विड और ओवरनाइट फंड्स को छोड़ कर बाकी फंड्स में निवेशकों को एनएवी तब मिलेगा जब एक बार उनके द्वारा किया गया निवेश फंड हाउस तक पहुंच जाए, फिर चाहे निवेश राशि कितनी भी अधिक या कम क्यों न हो। मौजूदा नियमों के तहत 2 लाख रुपय से कम के निवेश पर आपके लिए उसी दिन का एनएवी लागू होता है और आपका पैसा निवेश हो जाता है। ऐसा तब भी होता है अगर निवेश राशि कंपनी के पास न भी पहुंचे।
आने वाला है नया रिस्कोमीटर टूल
निवेशक ज्यादा वाले जोखिम वाले म्यूचुअल फंड में निवेश से पहले सही फैसला कर सकें इसके लिए 1 जनवरी से रिस्कोमीटर टूल पर एक नयी कैटेगरी की शुरुआत भी होगी। इस कैटेगरी का नाम है वेरी हाई रिस्क। दूसरी बात कि रिस्कोमीटर का मूल्यांकन मासिक आधार पर होगा। कंपनियों को रिस्कोमीटर पर जारी करना होगा। इतना ही नहीं म्यूचुअल फंड कंपनियों को प्रत्येक वर्ष रिस्कोमीटर में किए गए बदलाव की जानकारी भी पब्लिश करनी होगी।
डिविडेंड ऑप्शन के नाम में होगा चेंज
2021 में म्यूचुअल फंड्स को डिविडेंड ऑप्शंस का नाम बदलना होगा। इन ऑप्शन का नाम बदल कर अब इनकम डिस्ट्रीब्यूशन कम कैपिटल विड्रॉअल (Income Distribution Cum Capital Withdrawal) होगा। हालांकि ये बदलाव अप्रैल 2021 से होगा। इस मामले पर सेबी की तरफ से सभी म्यूचुअल फंड कंपनियों को निर्देश जारी कर दिया गया है।
इंटर स्कीम ट्रांसफर
2021 के पहले दिन से निवेशकों को क्लोज इंडेड फंड्स का इंटर-स्कीम ट्रांसफर स्कीम की यूनिट आवंटित होने के सिर्फ 3 कार्य दिवसों (Working Days) के अंदर करना जरूरी होगा। इसके बाद इंटर-स्कीम ट्रांसफर नहीं किए जा सकेंगे। सेबी के नियमों के अनुसार इंटर-स्कीम ट्रांसफर मार्केट प्राइस पर किया जाएगा। इन सभी नियमों को ध्यान में रख कर ही आप निवेश के लिए आगे बढ़ें।
More From GoodReturns

Gold Rate Today: 26 मार्च को लगातार दूसरे दिन सोने की कीमतों में उछाल! जानिए 24k, 22k, 18k गोल्ड रेट क्या है?

Gold Rate Today: 27 मार्च को फिर से सोने की कीमतों में तेजी! जानिए 24k, 22k, 18k गोल्ड रेट क्या है?

Happy Ram Navami 2026: आज है राम नवमी! इन खास मैसेज से करें अपनों का दिन खास

Silver Price Today: 29 मार्च रविवार को चांदी सस्ता हुआ या महंगा? जानें प्रति किलो चांदी का भाव

Gold Price Today: 29 मार्च को सोना सस्ता हुआ या महंगा? खरीदने से पहले जानें आज का ताजा भाव

Silver Price Today: 28 मार्च को चांदी की कीमतों में उछाल, जानिए प्रति किलो कितना महंगा हुआ चांदी का भाव

Silver Price Today: 26 मार्च को चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी! प्रति किलो चांदी सस्ता हुआ या महंगा?

Gold Rate Today: 30 मार्च को सोने की कीमतों में आई बड़ी गिरावट! जानिए 24k, 22k, 18k गोल्ड रेट क्या है?

Silver Price Today: 30 मार्च को चांदी का भाव सस्ता हुआ या महंगा? जानें प्रति किलो चांदी का रेट

Bank Holiday Today: आज बैंक बंद हैं या खुला? बैंक जाने से पहले चेक करें RBI हॉलिडे लिस्ट

Bank Holiday Today: आज बैंक खुला है या बंद? कई राज्यों में बैंक बंद, जानें आपके शहर में बैंक खुला है या नहीं?



Click it and Unblock the Notifications