Mutual Fund : पैसा निकालने का बदला समय, ये है नया समय

नयी दिल्ली। भारत में पिछले कुछ सालों में म्यूचुअल फंड निवेशकों की संख्या में लगातार तेज बढ़ोतरी देखने को मिली है। म्यूचुअल फंड में निवेश की बहुत सारी विशेषताएं हैं, जिनमें एक लिक्विडिटी। यानी आपको जब पैसे की जरूरत हो तो कुछ ही घंटों में पैसा आपके खाते में आ जाएगा। मगर अब मार्केट रेगुलेटर भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने म्यूचुअल फंड में निवेश का पैसा निकालने के नियम में बदलाव किया है। सेबी द्वारा किया गया समय में बदलाव अस्थाई है। ये नियम 17 अप्रैल तक लागू रहेगा। कोरोनोवायरस महामारी के बीच लागू किये गये लॉकडाउन को देखते हुए पैसे निकालने का समय कम करने के लिए म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री ने सेबी से अनुरोध किया था। उधर इसी कारण से डेब्ट मार्केट के समय को कम करने के लिए आरबीआई ने भी निर्देश दिया था।

क्या होगा नया समय

क्या होगा नया समय

सेबी ने म्यूचुअल फंड्स को इक्विटी और डेब्ट स्कीमों के लिए कट-ऑफ टाइमिंग दोपहर 3 बजे से घटा कर 1 बजे और लिक्विड और ओवरनाइट स्कीमों के लिए दोपहर 1.30 बजे से 12.30 बजे तक घटाने की अनुमति दी है। ये समय सब्सक्रिप्शन और पैसे निकालने दोनों के लिए होगा। हालांकि म्यूचुअल फंड सलाहकारों के मुताबिक इस कदम से इक्विटी स्कीम निवेशकों के लिए अपने नए आवंटन या रिडेम्पशन को सही ढंग से पूरा करना मुश्किल हो जाएगा। जानकार कहते हैं कि इक्विटी योजनाओं के लिए कट-ऑफ टाइम को दो घंटे तक घटाना थोड़ा असुविधाजनक होगा। लेकिन यह 21-दिवसीय लॉकडाउन के तहत अस्थायी कदम है। इस दौरान डिजिटल चैनल निवेशकों को तेजी से निवेश के फैसले लेने में मदद करेंगे।

इसलिए लिया गया फैसला

इसलिए लिया गया फैसला

बाजार नियामक ने म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री को सूचित किया कि आरबीआई द्वारा डेब्ट बाजार के समय में बदलाव करने के बाद इंडस्ट्री के अनुरोध पर समय को संशोधित करने का निर्णय लिया जा रहा है। एमएफ इंडस्ट्री ने पिछले सप्ताह सेबी को कट-ऑफ समय संशोधित करने के लिए लिखा था, क्योंकि चल रहे लॉकडाउन ने कर्मचारियों और सदस्यों के लिए ऑफिस आना मुश्किल बना दिया है। इसके अलावा बैंक भी सीमित समय तक दोपहर 2 बजे तक काम कर रहे हैं।

सेबी ने दी नोटिस जारी करने की सलाह

सेबी ने दी नोटिस जारी करने की सलाह

इस मामले में सेबी ने एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (एएमसी) से कहा है कि वे पब्लिक नोटिस जारी कर सकती हैं। साथ ही कंपनियों को अखबारों में भी विज्ञापन देने की सलाह दी गई है। एएमसी कंपनियां निवेशकों को मैसेज या ईमेल के माध्यम से भी सूचना दे सकती हैं। एएमएफआई (Association of Mutual Funds in India) के साथ ही सभी एएमसी कंपनियों को ये जानकारी अपनी वेबसाइटों पर भी देनी होगी। सेबी के निर्देश से अब ये होगा कि पैसे जमा करने या निकालने के लिए उसी दिन के एनएवी (नेट एसेट वैल्यू) को आधार माना जाएगा।

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