Mutual Fund SIP Calculator: आजकल अच्छी शिक्षा काफी ज्यादा महंगी बन चुकी है। अगर हायर एजुकेशन चाहिए तो बच्चों के पूरे कोर्स के लिए कम से कम 10 से 15 लख रुपए की जरूरत पड़ती है। आमतौर पर इनमें फीस, हॉस्टल के खर्च और दूसरे कई अन्य खर्च भी शामिल होते हैं। हालांकि कुछ बढ़िया कॉलेजों की फीस ही 15 से 20 लख रुपए की होती है। ऐसे में नौकरी करने वाले लोगों को अचानक ये अमाउंट देना पड़े तो काफी बड़ी चिंता पैदा हो जाती है, क्योंकि अक्सर इससे आपका बजट भी गड़बड़ हो जाता है। इसके लिए आप सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान कर सकते हैं।
इसके तहत आप रोजाना मात्र 150 रुपए का निवेश करके 23 लाख रुपए तक का रिटर्न पा सकते हैं। इस आर्टिकल में हम आपको इसी तरीके के बारे में बताने जा रहे हैं। ताकि आप बड़ी आसानी से अपने बच्चों के लिए पैसे इकट्ठा कर सकें और आपके बजट पर भी कोई लोड न पड़े।

इन्वेस्टमेंट प्लान यानी एसआईपी की सबसे बेहतरीन बात यह है कि हर महीने इसमें बहुत ज्यादा पैसे नहीं डालने होते हैं। एक छोटी सी रकम बचाकर उसे निवेश करके आप धीरे-धीरे बड़ी रकम बना सकते हैं।
मान लीजिए अगर अभी आपका बच्चा 3 साल का है, तो 15 साल बाद उसे हाई और एजुकेशन के लिए पैसों की जरूरत पड़ेगी। तो जब आपका लड़का 18 साल का हो जाएगा तो मैच्योरिटी के तौर पर आपको 23 लाख रुपए तक मिल जाएंगे, जिससे बच्चे की पढ़ाई बड़ी आसानी से हो सकती है।
कैसे बनेंगे 23 लाख तक रुपए
अगर आप रोजाना 150 रुपए का इन्वेस्टमेंट करते हैं तो, एक महीने में आपको 4500 रुपए इन्वेस्ट करना होगा जो अमाउंट नॉर्मल है और आपके बजट पर भी ज्यादा असर नहीं डालेगा।
अगर आप बच्चों की पढ़ाई को ध्यान में रखकर निवेश कर रहे हैं, तो आपको कम से कम 15 साल तक इसमें पैसे डालने चाहिए ताकि बेहतर रिटर्न मिल सके। अगर आप 15 साल तक पैसे डालते हैं, तो यह रकम 8,10,000 के करीब होगी।
विशेषज्ञों की मानें तो आम तौर पर लंबी अवधि की एसआईपी पर 10 से 12 प्रतिशत तक का सालाना रिटर्न मिलता ही मिलता है।
मान लीजिए अगर इस अमाउंट पर 12 प्रतिशत तक का रिटर्न पाते हैं तो, 15 साल में आपको 14,60,000 रुपए से ज्यादा की रकम ब्याज के तौर पर मिल सकती है। तो अगर आप इस रकम में मूल धन को जोड़ देते हैं, तो आपको 23 लाख रुपए तक का अमाउंट 15 साल के बाद मिल सकता है। यह रमक 22 से 23 लाख रुपए की बीच भी हो सकती है।
एसआईपी में पैसे इन्वेस्ट करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान के जरिए आप म्युचुअल फंड में इन्वेस्ट कर सकते हैं। म्युचुअल फंड शेयर बाजार के जोखिमों के अधीन होता है और इसमें नुकसान की आशंका भी होती है।
हालांकि एक्सपर्ट की सलाह से आप अच्छे और बड़े ब्रांड के फंड में निवेश कर सकते हैं, जिनकी कीमत धीरे-धीरे बढ़ती है, लेकिन यह लंबे समय में बेहतर रिटर्न देते हैं। इसके साथ ही आपको पूरे पैसे किसी भी एक म्युचुअल फंड में नहीं लगाने चाहिए, इन्हें आप एक्सपर्ट की सलाह के अनुसार डिवाइड करके अलग-अलग फंड में लगा सकते हैं।
सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान के जरिए अगर आप पैसा लगाते हैं, तो कभी-कभी ग्रोथ कम भी हो जाती है। लेकिन जब मार्केट बेहतर परफॉर्म करता है, तो पूरा एवरेज मेंटेन हो जाता है। अगर आप अलग-अलग म्युचुअल फंड में इन्वेस्ट कर रहे हैं, तो किसी एक कंपनी की ग्रोथ में कमी आती है, तो दूसरी कंपनी में हुई ग्रोथ से वह कर हो जाती है।
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