SIP Total Accounts Decreases: एसआईपी(सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) में इन्वेस्ट करके निवेशकों को बढ़िया रिटर्न मिलता है लेकिन इसमें रिस्क भी ज्यादा होता है। हाल ही में एसआईपी से जुड़ी नई रिपोर्ट सामने आई है। जनवरी में म्युचुअल फंड स्कीम के डायरेक्ट प्लान में एक्टिव एसआईपी अकाउंट की संख्या कम हो गई है। इस संख्या करीब 10 लाख की कमी आई है। जब डायरेक्ट और रेगुलर म्यूचुअल फंड प्लान में मुख्य अंतर कमीशन या ब्रोकरेज फीस की भागीदारी में होता है। डायरेक्ट प्लान में ये फीस शामिल नहीं होती, जबकि रेगुलर प्लान में होती है।

डायरेक्ट प्लान में कोई कमीशन या ब्रोकरेज शामिल नहीं होती है तो, इसलिए वे रेगुलर एसआईपी योजनाओं की तुलना में सस्ते होते हैं। रेगुलर प्लान के लिए कमीशन का भुगतान करना पड़ता है, जिससे उनकी कुल लागत बढ़ जाती है।
जनवरी 2025 में बंद हुए इतने एसआईपी अकाउंट (SIP Investment)
बाजार में धड़ाधड़ हो रही गिरावट के कारण से कई सारे एसआईपी निवेशक परेशान है और इसी कारण से एसआईपी के अकाउंट लोग बंद भी करा रहे हैं। AMFI (Association of Mutual Funds of India) की रिपोर्ट के अनुसार, केवल जनवरी 2025 के महीने में 61 लाख 33 हजार लोगों ने अपने एसआईपी अकाउंट बंद कर दिए और सिर्फ 56 लाख 19 हजार लोगों ने अपने नए एसआईपी अकाउंट खोले हैं। जबकि दिसंबर 2024 के महीने में कुल एसआईपी अकाउंट जो बंद हुए थे वो 44 लाख 90 हजार ही थे। जनवरी 2025 के अंत तक डायरेक्ट प्लान में एक्टिव एसआईपी अकाउंट की संख्या घटकर 3.92 करोड़ रह गई। और दिसंबर 2024 में ये संख्या 4.01 करोड़ थी।
एसआईपी अकाउंट बंद होने के पीछे के कारण? (Mutual Fund SIP)
निवेशकों के द्वारा एसआईपी अकाउंट बंद करने के पीछे कई सारे कारण हैं। इसमें सबसे बढ़ा कारण है कि शेयर बाजार में पांच महीने से गिरावट देखने को मिल रही है।
कंपनियों की कमाई के कमजोर आंकड़े, विदेश निवेशकों की बिकवाली, ग्लोबल ट्रेड वॉर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा ट्रैफिक पॉलिसी में बदलाव और वैश्विक अनिश्चितता के चलते शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिल रही है।
शेयर बाजार में गिरावट के कारण कई एसआईपी के रिटर्न में भी घट गए हैं। अब शेयर बाजार में गिरावट की वजह से कई निवेश अपने पैसों को शेयर मार्केट से निकाल कर सुरक्षित निवेश करने की प्लानिंग कर रहे हैं। ऐसे में निवेशक एसआईपी की जगह पर सोने में निवेश करने कर रहे हैं।
महंगाई के चलते भी कुछ निवेश अपनी एसआईपी में निवेश नहीं कर पा रहे हैं। इसलिए वह इन एसआईपी को बंद कर रहे हैं।
More From GoodReturns

मथूट फिनकॉर्प NCD: 9.25% तक का रिटर्न, क्या FD से बेहतर है यह निवेश?

SEBI का बड़ा प्रस्ताव: म्यूचुअल फंड के लिए बदलेगा कैश सेटलमेंट का नियम, जानें क्या होगा असर

पर्पल स्टाइल लैब्स आईपीओ: आज बंद हो रहा है मौका, लिस्टिंग गेन या SIP—क्या है बेहतर?

निफ्टी में शानदार रिकवरी: अब SIP करें या लम्पसम? निवेश का सही फॉर्मूला

पर्पल स्टाइल लैब्स आईपीओ: आज बंद हो रहा है मौका, लिस्टिंग गेन या SIP—क्या है बेहतर?

5 सितंबर को सोने की कीमतों में फिर तेजी: क्या आज खरीदारी करना सही है? जानें 22 और 24 कैरेट के लेटेस्ट रेट

Gold Price Today: 4 सितंबर को सोने की कीमतों में मामूली बढ़त, जानें 22 और 24 कैरेट का ताजा रेट

FD की नई दरें: इन 4 बैंकों में सीनियर सिटीजन्स को मिल रहा 8.30% तक ब्याज, जानें निवेश का सही तरीका

399 रुपये से कम में बेस्ट OTT प्लान: Jio, Airtel और Vi में से कौन सा है पैसा वसूल?

Vi का 859 रुपये वाला धांसू प्लान: 180 दिनों की वैलिडिटी और अनलिमिटेड डेटा, क्या आपको मिला यह ऑफर?

LIC की नई पॉलिसी लॉन्च: 'बीमा प्लेटिनम' और 'जीवन रक्षा' में से कौन सी है आपके लिए बेस्ट?



Click it and Unblock the Notifications
