Mutual Fund NFO : जिस तरह कोई कंपनी जब शेयर बाजार में आती है तो पहले आईपीओ लेकर आती है। फिर कंपनी का स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्ट होता है। उसके बाद उसके शेयरों में सामान्य तरीके से ट्रेड होता है। उसी तरह जब कोई म्यूचुअल फंड नयी स्कीम लेकर आता है तो पहले न्यू फंड ऑफर (एनएफओ) लेकर आता है। जैसे कि अभी एचडीएफसी म्यूचुअल फंड ने दो एनएफओ पेश किए थे। इन दोनों एनएफओ में निवेश का आज आखिरी दिन है। आगे जानिए इन दोनों एनएफओ की डिटेल।

कौन सी हैं स्कीमें
एचडीएफसी म्यूचुअल फंड ने दो सेक्टोरल एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) लॉन्च किए हैं। ये हैं एचडीएफसी निफ्टी आईटी ईटीएफ और एचडीएफसी निफ्टी प्राइवेट बैंक ईटीएफ। ये दोनों नए फंड ऑफर (एनएफओ) 28 अक्टूबर से खुले हुए हैं, जबकि 9 नवंबर तक खुले रहेंगे, यानी आज इनका आखिरी दिन है। इन स्कीमों में न्यूनतम निवेश (सब्सक्रिप्शन) राशि 500 रुपये है। बता दें कि ईटीएफ यूनिट्स को "संपूर्ण आंकड़ों" (जैसे कि 20, 30 आदि) में अलॉट किया जाएगा और बाकी पैसा निवेशकों को वापस कर दिया जाएगा। ईटीएफ में कोई लॉक-इन अवधि नहीं होगी।
एचडीएफसी निफ्टी आईटी ईटीएफ
निफ्टी आईटी ईटीएफ पर एक फंड मैनेजर ने कहा कि भारत का आईटी उद्योग वेस्टर्न दुनिया की तरह प्रोडक्ट ओरिएंटेड की तुलना में सर्विस ओरिएंटेड अधिक है। इसलिए, उनका मानना है कि भारतीय आईटी कंपनियां अपनी समान वैश्विक कंपनियों की तुलना में ज्यादा प्रभावित नहीं होंगी। उनका मानना है कि भारतीय आईटी कंपनियां तेजी से डेवलप हो रहे उद्योग में अपने कर्मचारियों का कौशल बढ़ाने के लिए भारी निवेश कर रही हैं। उदाहरण के लिए, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) ने वित्त वर्ष 2021-22 में 171,000 कर्मचारियों की ट्रेनिंग पर औसतन 121 घंटे बिताए।

निफ्टी आईटी ईटीएफ का जोखिम
फंड हाउस ने नोट किया कि निफ्टी आईटी ईटीएफ का जोखिम वाला हिस्सा "अंतर्निहित प्रकृति" के कारण अधिक है। लेकिन जब आईटी इंडेक्स के बेसिक प्रिंसिपल पर ध्यान दिया जाता है, तो "यह सेक्टर व्यापक निफ्टी 50 की तुलना में अधिक एफिशिएंट है।
एचडीएफसी निफ्टी प्राइवेट बैंक ईटीएफ
निफ्टी प्राइवेट बैंक ईटीएफ लॉन्च करने के पीछे के तर्क के बारे में एचडीएफसी एएमसी ने कहा है कि प्राइवेट बैंक लोन और जमा में बाजार हिस्सेदारी बढ़ाना जारी रखे हुए हैं, और उनके पास ओवरऑल बैंकिंग क्षेत्र की तुलना में अधिक प्रोफिटेबिलिटी है। इसके अलावा निजी बैंकों के पास ओवरऑल बैंकिंग क्षेत्र की तुलना में बेहतर एसेट क्वालिटी, हाई कैपिटल एडिक्वेसी और हाई एफिशिएंसी है।

जानिए एनएफओ की डिटेल
एक नए फंड ऑफर में स्कीम का सब्सक्रिप्शन लेने का अवसर सीमित अवधि के लिए ही उपलब्ध होता है। निवेशक पहले से तय अवधि के दौरान म्यूचुअल फंड योजना की यूनिट्स खरीद सकते हैं और ऑफर वैल्यू पर एनएफओ की सदस्यता ले सकते हैं। यह आमतौर पर 10 रुपये पर तय होता है। एक बार ये समाप्त होने के बाद, निवेशक स्पेसिफाइड प्राइस पर फंड यूनिट खरीद सकेंगे। एनएफओ सब्सक्राइबर, सामान्य तौर पर, लिस्टिंग के बाद काफ़ी बेहतर लाभ अर्जित करने में सक्षम रहे हैं। इसीलिए ये कमाई का अच्छा मौका होता है। एनएफओ की मदद से, फंड हाउस बाजार में इक्विटी शेयर, बॉन्ड आदि जैसी सिक्योरिटीज को खरीदने के लिए जनता से पैसा जुटाता है।
More From GoodReturns

FD की नई दरें: इन 4 बैंकों में सीनियर सिटीजन्स को मिल रहा 8.30% तक ब्याज, जानें निवेश का सही तरीका

399 रुपये से कम में बेस्ट OTT प्लान: Jio, Airtel और Vi में से कौन सा है पैसा वसूल?

Vi का 859 रुपये वाला धांसू प्लान: 180 दिनों की वैलिडिटी और अनलिमिटेड डेटा, क्या आपको मिला यह ऑफर?

LIC की नई पॉलिसी लॉन्च: 'बीमा प्लेटिनम' और 'जीवन रक्षा' में से कौन सी है आपके लिए बेस्ट?

पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी: आज आपके शहर में क्या है कीमत? जानें पूरा गणित

IMD अलर्ट: भारी बारिश में गाड़ी-घर का नुकसान? क्लेम पाने का आसान तरीका

9 सितंबर को सोने के दाम: क्या आज खरीदारी का सही मौका है? जानें ताजा भाव

Gold and Silver Price Today: 7 सितंबर को सोने-चांदी के भाव क्या आज खरीदारी का सही मौका है? जानें ताजा रेट

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 2026: 4 सितंबर को आपके शहर में बैंक बंद या खुले? चेक करें पूरी लिस्ट

आज 8 सितंबर को सोने के भाव में आई नरमी, क्या खरीदारी का है सही मौका? जानें 22 और 24 कैरेट के ताजा रेट

3 सितंबर को सोने के दाम स्थिर: क्या आज खरीदारी करना सही फैसला है? जानें ताजा रेट



Click it and Unblock the Notifications
