नयी दिल्ली, अप्रैल 13। अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में हम जब कोई सामान (उदाहरण के लिए कोई घरेलू उपकरण) खरीदने की सोचते हैं तो सबसे पहले पूरी रिसर्च करते हैं। उस प्रोडक्ट को बनाने वाली अलग-अलग कंपनियों की रेट लिस्ट और फीचर्स देखते हैं। और फिर हम जो खरीदेंगे उसे शॉर्टलिस्ट करते हैं। किसी प्रोडक्ट से क्या उम्मीद की जाए, इसके बारे में हमारी जुटाई गई जानकारी बहुत काम आती है। म्यूचुअल फंड्स का भी यही हाल है। इनमें निवेश करने से पहले, आपको कुछ बातों की जानकारी जुटानी जरूरी है ताकि आपको फायदा हो, न कि नुकसान। यहां हम ऐसी 5 चीजों की जानकारी देंगे, जिन पर म्यूचुअल फंड में निवेश से पहले आपको ध्यान देने की जरूरत है।
जोखिम का रखें ध्यान
पहला और सबसे महत्वपूर्ण पॉइंट यह है कि हर म्यूचुअल फंड कैटेगरी का जोखिम अलग-अलग होता है। आप सामान्य पैमाने या सामान्य पैरामीटर के आधार पर यह नहीं मान सकते कि किसी विशेष म्यूचुअल फंड कैटेगरी में अधिक या कम जोखिम है। निश्चित रूप से यदि आप डायरेक्ट इक्विटी में निवेश करते हैं, तो इसकी तुलना में इक्विटी म्यूचुअल फंड में कम जोखिम होता है। लेकिन हर म्यूचुअल फंड कैटेगरी से जुड़ा जोखिम अलग होता है। इसलिए निवेश से पहले म्यूचुअल फंड स्कीम के रिस्कोमीटर को चेक करें।
डायरेक्ट प्लान में ज्यादा फायदा
दूसरा अहम पॉइंट्स यह है कि डायरेक्ट प्लान्स का एक्सपेंस रेशियो रेगुलर प्लान्स से कम होता है। इस वजह से, रेगुलर प्लान्स की तुलना में डायरेक्ट प्लान बेहतर रिटर्न देते हैं। कुछ निवेशकों को लगता है कि म्यूचुअल फंड योजनाओं के डायरेक्ट प्लान्स और रेगुलर प्लान्स अलग होते हैं। यह सच नहीं है। ये एक ही योजना के 2 प्लान्स हैं। केवल अंतर यह है कि डायरेक्ट प्लान्स में कोई एजेंट या ब्रोकर नहीं होता, इसलिए कोई कमीशन या ब्रोकरेज नहीं लिया जाता।
हर साल एक जैसा रिटर्न नहीं मिलता
आम तौर पर जब आप म्यूचुअल फंड रिटर्न सुनते हैं, तो वे वार्षिक रिटर्न होते हैं। आपको लग सकता है कि कोई फंड हर साल एक जैसा रिटर्न देगा। मगर ऐसा बिलकुल नहीं है। मान लीजिए एक म्यूचुअल फंड स्कीम का वार्षिक रिटर्न 8% है। इसका मतलब यह नहीं है कि आप हर साल 8% मुनाफा कमाएंगे। संभव है कि उस म्यूचुअल फंड स्कीम ने पहले साल में 10% रिटर्न दिया हो और दूसरे साल में -2%। इस तरह आपका सालाना रिटर्न 8% है।
लगातार रिटर्न देने वाली स्कीम बेहतर
वो म्यूचुअल फंड स्कीम जो 10% लगातार रिटर्न दे रही है, उस म्यूचुअल फंड स्कीम से बेहतर है, जिसने पहले साल में 17% रिटर्न दिया है और दूसरे साल में -10% रिटर्न दिया है। इसलिए हमेशा ऐसी ही स्कीम में पैसा लगाएं, जिसका रिटर्न लगातार बेहतर रहा हो।
एसआईपी है बेस्ट ऑप्शन
म्यूचुअल फंड में एसआईपी के माध्यम से निवेश करना सबसे बढ़िया ऑप्शन है। एसआईपी के जरिए ऑटोमैटेड निवेश से आप न केवल अनुशासन सीखेंगे, बल्कि बाजार की अस्थिरता से लाभ भी मिलेगा। ऐसा इसलिए है क्योंकि जब बाजार नीचे जाता है, तो आपको उसी मूल्य पर अधिक यूनिट्स मिलती हैं। इसे रुपी कॉस्ट एवरेजिंग कहा जाता है, जो आपको लंबे समय में अच्छा रिटर्न देने में मदद कर सकता है।


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