
Mutual Fund : लोग सोचते हैं कि म्यूचुअल फंड में निवेश की शुरुआत के लिए कौन सा प्लेटफॉर्म चुनें, ये तय करना जरूरी है। मगर निवेश की शुरुआत के लिए बहुत सारी ऐप हैं, वेबसाइट्स हैं या आप किसी ब्रोकरेज फर्म से संपर्क करें तो वे अपने ब्रोकर को आपके घर ही भेज देंगे, जो आपकी सारी मदद कर सकता है। असल में म्यूचुअल फंड में निवेश करने की दिशा में पहला कदम खास है अपने लक्ष्य को तय करना, जिसके लिए आप एक फंड बना रहे हैं। अधिकतर लोग शुरुआत में निवेश करते समय प्रोसीड करने से हिचकिचाते हैं क्योंकि म्यूचुअल फंड का दायरा बड़ा और डायवर्सिफाई है। इसलिए आपको किन चीजों को ध्यान में रखना है और कैसे प्लानिंग करनी है, वो हम आपको यहां बताएंगे।
अपने गोल का पहचानें
अपने चुने हुए फंड में पैसा लगाने से पहले, आपके लिए अपने लक्ष्य की साफ समझ होना जरूरी है। हर म्यूचुअल फंड एक स्पेसिफिक उद्देश्य के लिए बेहतर होता है, और आपके लिए यह जरूरी है कि आप जिस उद्देश्य को प्राप्त करना चाहते हैं, उसके बारे में 360 डिग्री की जानकारी होनी चाहिए। इससे आपको सही फंड चुनने में मदद मिलेगी। उदाहरण के लिए, यदि आपका लक्ष्य एक इमरजेंसी फंड है, तो आप लिक्विड फंड्स पर भरोसा कर सकते हैं।
कितना जोखिम ले सकते हैं
म्युचुअल फंड बाजार से जुड़े प्रोडक्ट हैं और इसलिए जोखिम भरे हैं। हालांकि जोखिम की मात्रा सभी फंड्स में अलग-अलग होती है, लेकिन उनमें से सभी में कुछ न कुछ जोखिम होता ही है। हर फंड से जुड़ा रिस्कोमीटर आपको जोखिम फैक्टर को मापने में मदद करता है। यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि फंड का जोखिम आपकी जोखिम लेने की क्षमता से मेल खाता है या नहीं। अपनी क्षमता से अधिक जोखिम आपको नुकसान दे सकता है।
फंड के लॉन्ग टर्म परफॉर्मेंस को देखें
निवेश करने से पहले, आप चुने हुए फंड के लॉन्ग टर्म परफॉर्मेंस को देखें। पता लगाएं कि इसने अपने बेंचमार्क इंडेक्स और अपने जैसे फंड्स के मुकाबले कैसा प्रदर्शन किया है। ऐसे फंड को चुनना चाहिए जिसने लंबी अवधि में लगातार अच्छा रिटर्न दिया हो। कमजोर बाजार में फंड के प्रदर्शन का विश्लेषण करना भी बहुत महत्वपूर्ण है।
एसआईपी या लम्पसम
आप म्यूचुअल फंड में दो तरह से निवेश कर सकते हैं - एक एसआईपी या लम्पसम। एसआईपी एक अनुशासित तरीके से बचत करने की आदत पैदा करता है और हर महीने थोड़ा-थोड़ा पैसा निवेश करने का ऑप्शन प्रोवाइड करता है। आप लंबे समय में एक बड़ा फंड बना सकते हैं। वहीं लम्पसम निवेश तब काम आता है जब आपको कहीं से एक साथ बड़ी रकम मिल जाए और आप उसे किसी अच्छे ऑप्शन में निवेश करें।
केवाईसी जरूर करें
एक बार जब आप ऊपर बताई गयी चीजों को पूरा कर लेते हैं, तो अगला कदम अपना केवाईसी करवाना होता है। जब आप पहली बार निवेश कर रहे हैं, तो केवाईसी जरूरी है। यह आपको एक निवेशक के रूप में पहचानने की प्रोसेस है, जिसके लिए रजिस्ट्रार और ट्रांसफर एजेंट के जरिए आवेदन किया जा सकता है। आप म्यूचुअल फंड हाउस से भी संपर्क कर सकते हैं और ये काम करा सकते हैं।
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