नई दिल्ली, दिसंबर 14। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एएमएफआई) के आंकड़ों से पता चलता है कि सिस्टेमैटिक इनवेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) से पहली बार एक साल में म्यूचुअल फंड में 1 लाख करोड़ रु से अधिक का निवेश आया है। रिटेल निवेशकों के लगातार सपोर्ट से उत्साहित, घरेलू निवेश ने विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) के सेलिंग प्रेशर को थोड़ा कम कर दिया। एक कैलेंडर वर्ष में पिछला एसआईपी रिकॉर्ड 2019 में 98,612 रु करोड़ रहा था। मगर अब वो रिकॉर्ड टूट चुका है।
घरेलू निवेशकों ने जम कर किया निवेश
एसआईपी फ्लो से उत्साहित, घरेलू निवेशकों ने इक्विटी बाजार में 63,439 करोड़ रु का निवेश किया, जबकि एफपीआई (विदेशी निवेशकों) ने 2021 के पहले ग्यारह महीनों में करीब 43,193 करोड़ रु का निवेश किया। नतीजे में कुल संस्थागत इक्विटी एयूएम में लोकल फंड्स की हिस्सेदारी एनएसडीएल के आंकड़ों के अनुसार, नवंबर में बढ़कर 16.8 फीसदी हो गई, जो फरवरी 2020 के बाद सबसे अधिक है।
लगातार 10 हजार करोड़ रु से अधिक निवेश
नवंबर तक पिछले प्रत्येक सात महीनों में मासिक एसआईपी बुक लगातार बढ़ी। पिछले तीन महीनों में, मासिक निवेश 10,000 करोड़ रु से ऊपर रहा। परिणामस्वरूप, 2021 में एसआईपी बुक का साइज औसतन 9,337 करोड़ रु प्रति माह रहा, जबकि लंबी अवधि का यही औसत 7,028 करोड़ रु रहा है। एसआईपी योजनाओं का दमदार रिटर्न और बेहतर निवेश ऑप्शनों की कमी रिटेल निवेशकों के उत्साह का प्रमुख कारण है।
कितने हैं एवरेज रिटर्न
सेंसेक्स के शेयरों में निवेश के आधार पर तीन साल और पांच साल के एसआईपी रिटर्न क्रमशः 26.3 फीसदी और 19.4 फीसदी के 12 साल के उच्च स्तर पर रहे। इक्विटी एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) की नवंबर में दो साल की चक्रवृद्धि वार्षिक दर 25 फीसदी बढ़ कर 17.43 लाख करोड़ रु हो गई। इक्विटी फंड्स की कुल फोलियो संख्या 7.8 करोड़ तक पहुंच गई, जिसमें से 20 फीसदी चालू वर्ष में बढ़े।
इंडिविजुअल का निवेश
एएमएफआई के आंकड़ों से पता चलता है कि कुल म्यूचुअल फंड की संपत्ति में एक साल पहले के 51.7 फीसदी की तुलना में अक्टूबर 2021 में इंडिविजुअल्स का हिस्सा लगभग 54.9 फीसदी हो गया। आंकड़ों के अनुसार, इक्विटी लिंक्ड म्यूचुअल फंड योजनाओं में नवंबर में 11,614.73 करोड़ रुपये से अधिक का शुद्ध निवेश आया। अक्टूबर में शुद्ध निवेश 5,214 करोड़ रुपये से अधिक था। सितंबर में यह प्रवाह 8,600 करोड़ रुपये से अधिक रहा और अगस्त में यह 8,056.80 करोड़ रुपये था।
एसआईपी का अहम योगदान
इसके अलावा एसआईपी के माध्यम से योगदान बढ़ कर 11,004.94 करोड़ रुपये हो गया, जो उच्चतम मासिक एसआईपी योगदान है। अक्टूबर में, एसआईपी योगदान 10,518.53 करोड़ रुपये रहा। आंकड़ों के अनुसार, भारतीय म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के लिए शुद्ध एयूएम नवंबर 2021 तक 37.33 लाख करोड़ रुपये से अधिक रही थी। जुलाई और सितंबर के बीच, निवेशकों ने नए फंड ऑफर (एनएफओ) रूट को सपोर्ट करते हुए हर महीने 30,000 करोड़ रुपये से अधिक की वृद्धि की। जुलाई में निवेश 42,100 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। तब इक्विटी एनएफओ में 13,709 करोड़ रुपये आए थे। जुलाई के बाद से फंड हाउसों ने अकेले इक्विटी फंड से एनएफओ के जरिए 27,151 करोड़ रुपये (अक्टूबर तक) जुटाए थे।
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