Mutual Fund; Investment Tips: आज के समय में निवेश के दर्जनों ऑप्शन और हजारों स्कीम्स उपलब्ध हैं। ऐसे में निवेश के दौरान बहुत सावधानी बरतनी चाहिए, अन्यथा एक छोटी से गलती आपको बर्बाद कर सकती हैं। खासकर यदि आप म्यूचुअल फंड्स स्कीम में निवेश कर रहे हैं या करने की योजना बना रहे हैं तो इन 6 गलतियों से जरूर बचें, वरना बहुत बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है।

म्यूचुअल फंड में इन्वेस्टमेंट करने से पहले सही स्कीम का चुनाव बहुत जरूरी है, क्योंकि एक छोटी सी गलती आपके रिटर्न को घटा सकती है। कई इन्वेस्टर्स केवल पिछले कुछ समय के रिटर्न देखकर फंड चुन लेते हैं, जबकि उन्हें अपने इन्वेस्टमेंट के टारगेट, रिस्क और टाइमिंग का ध्यान नहीं रहता है। हमेशा फंड के परफॉर्मेंस, एक्सपेंस रेश्यो, फंड मैनेजर के ट्रैक रिकॉर्ड और अपने फाइनेंशियल टारगेट का रिव्यू करके ही म्यूचुअल फंड का चयन करना चाहिए।
म्यूचुअल फंड स्कीम्स में निवेश से इसमें बाकी अन्य स्कीम्स के मुकाबले अधिक रिटर्न मिलने की संभावना होती है। हालांकि, यहां पर इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि किसी भी तरह के निवेश से पहले उसके बारे में जरूरी जानकारी जुटाने या समझने के साथ किसी वित्तीय जानकार से राय जरूर लनी चाहिए अन्यथा आपका निवेश डूब भी सकता है। तो चलिए जानते हैं किन 6 बड़ी गलतियों से बचना चाहिए और कैसे सही प्लानिंग और अनुशासन से बना सकते हैं...
म्यूचुअल फंड में निवेश करने से पहले इन 6 बड़ी गलतियों से बचें
1. पिछले कुछ साल के रिटर्न्स
निवेशक निवेश से पहले किसी फंड या स्कीम के पिछले 2-5 साल के रिटर्न हिस्ट्री को देखते हैं और जिसमें ज्यादा मुनाफा मिला हुआ दिखता है, उसमें निवेश करना शुरु कर देते हैं। ऐसा करना बहुत बड़ा रिस्क फैक्टर बन सकता है। इसिलए रिटर्न हिस्ट्री के पीछे भागने के बजाए फंड के लॉन्ग टाइम के प्रदर्शन, फंड मैनेजर के ट्रैक रिकॉर्ड और बेंचमार्क से तुलना पर बारीक अध्ययन कर निवेश की योजना बनाएं। किसी फंड के लिए कंसिस्टेंस रिटर्न का बना रहना ज़्यादा अहम है, न कि एक साल में दिया गया भारी रिटर्न।
2. रिस्क प्रोफाइल पर ध्यान न देना
किसी भी स्कीम के रिस्क प्रोफाइल पर सबसे पहले ध्यान देना चाहिए। जब आप निवेश करते हैं तो आपको यह पता होना चाहिए कि उसकी रिस्क क्षमता कितनी है। चूंकि हर म्यूचुअल फंड में कुछ न कुछ रिस्क होता है और इक्विटी फंड ज्यादा रिस्क वाले होते हैं लेकिन लॉन्ग टर्म में बेहतर रिटर्न देते हैं, जबकि डेट फंड सुरक्षित होते हैं पर रिटर्न कम देते हैं। इसलिए ऐसे फंड को चुनें जिनमें रिस्क कम और रिटर्न ज्यादा मिलने की संभावना हो।
3. जरूरत से ज्यादा डायर्सिफिकेशन (Over-Diversification)
किसी भी पोर्टफोलियो के लिए डायवर्सिफिकेशन बहुत जरूरी हिस्सा होता है। यानी पोर्टफोलियो में हर तरह या हर प्रकार के सेक्टर के फंड होने चाहिए, जो आपके नुकसान को कम करने या बैलेंस करने में मदद करता है। हालांकि, यहां यह भी ध्यान रखना होता है कि डायवर्सिटी जहां रिस्क को कम करती है, वहीं बहुत ज्यादा फंड रखना उल्टा नुकसानदेह हो सकता है। कई लोग 10-15 फंड में निवेश कर लेते हैं, जबकि उनमें से कई एक जैसे ही होते हैं और फिर ऐसे पोर्टफोलियो को ट्रैक करना मुश्किल हो जाता है जिससे नुकसान की संभावना काफी बढ़ जाती है। एक्सपर्ट्स की मानें तो एक हेल्थी पोर्टफोलियो में 4 से 6 अच्छे फंड मल्टीबैगर ग्रोथ के लिए पर्याप्त होता है।
4. Expense Ratio
किसी भी म्यूचुअल फंड में निवेश से पहले एक्सपेंस रेशियो को ध्यान में जरूर रखना चाहिए। यदि आप नहीं रखते हैं तो फाइनली आपके लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है। चूंकि हर म्यूचुअल फंड आपके निवेश प्रबंधन के लिए एक्सपेंस रेशियो चार्ज करता है। अगर ज्यादा एक्सपेंस रेशियो होगा तो लॉन्ग टर्म में एक बहुत बड़ा अमाउंट आपको चुकाना पड़ सकता है जिससे आपकी प्रॉफिट कम हो जाएगी।
5. निवेश को अपने गोल या लक्ष्य से न जोड़ना
आमतौर पर ज्यादातर लोग रिटर्न या अन्य फैक्टर को देखकर स्कीम में पैसा लगा देते हैं। ऐसा करने कई मामलों में घाटा साबित हो सकता है। हमेशा निवेश के दौरान यह ध्यान रखना चाहिए कि आपकी जरूरत कैसी है, यानी शॉर्ट टर्म, मिड टर्म या लॉन्ग टर्म में आपकी प्राथमिकताएं पूरी करने में कौन मदद कर सकता है। इसलिए पोर्टफोलियो में शॉर्ट, मिड और लॉन्ग टर्म के हिसाब से फंड होने चाहिए, जो समय के साथ जरूरत पड़ने पर आपके लिए मददगार साबित हो सकता है।
6. अनुशासन की कमी
किसी भी म्यूचुअल फंड का चयन सिर्फ रिटर्न्स को देखकर नहीं बल्कि जोखिम और डायर्वसिटी के साथ टारगेट को जरूर ध्यान में रखना चाहिए। इसके अलावा अनुशासन के साथ नियमित निवेश करना बहुत जरूरी है। यदि आपका लक्ष्य 10 साल का है तो 10 साल तक नियमित निवेश जरूर करें तभी आपको मल्टीबैगर रिटर्न मिलने की संभावना अधिक है। हमेशा अपने निवेश को लॉन्ग टर्म के प्लानिंग से जोड़ें, खर्चों पर नजर रखें, और फंड के प्रदर्शन की नियमित रिव्यू जरूर करें।
[Disclaimer: यहां व्यक्त किए गए विचार और सुझाव केवल व्यक्तिगत विश्लेषकों या इंस्टीट्यूशंस के अपने हैं। ये विचार या सुझाव Goodreturns.in या ग्रेनियम इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (जिन्हें सामूहिक रूप से 'We' कहा जाता है) के विचारों को प्रतिबिंबित नहीं करते हैं। हम किसी भी कंटेंट की सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी, समर्थन या ज़िम्मेदारी नहीं लेते हैं, न ही हम कोई निवेश सलाह प्रदान करते हैं या प्रतिभूतियों (सिक्योरिटीज) की खरीद या बिक्री का आग्रह करते हैं। सभी जानकारी केवल सूचनात्मक और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए प्रदान की जाती है और कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले लाइसेंस प्राप्त वित्तीय सलाहकारों से स्वतंत्र रूप से सत्यापित जरूर करें।]
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