नई दिल्ली, अगस्त 4। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में निवेश करना आपको जोखिम भरा लग सकता है। मगर बता दें कि यहां से पैसा भी ज्यादा कमाया जा सकता है। विदेशों में निवेश करने के लिए आपको कुछ खास करने की जरूरत नहीं है। भारत में कई ऐसे फंड्स है, जो आपको इंटरनेशनल एक्सपोजर देंगे। इन स्कीमों में निवेश के जरिए आप बैठे-बैठे ही इंटरनेशनल एसेट्स में पैसा लगा सकते हैं। जानकार भी कहते हैं कि पोर्टफोलियो में विविधता लाने की इच्छा रखने वाले लोगों के लिए ऐसी स्कीमें बेहतर हैं। म्यूचुअल फंड और ईटीएफ निवेशकों के लिए ये बेस्ट ऑप्शन हैं। हम यहां आपको उन 5 स्कीमों की जानकारी देंगे, जिन्होंने बीते 5 साल में तगड़ा रिटर्न दिया है।
मोतीलाल ओसवाल नैस्डैक 100 ईटीएफ
मोतीलाल ओसवाल नैस्डैक 100 ईटीएफ ने पिछले पांच वर्षों में सालाना आधार पर 28 प्रतिशत का रिटर्न देकर मजबूत प्रदर्शन किया है और अंतरराष्ट्रीय फंड प्रदर्शन चार्ट में ये सबसे ऊपर है। इसके पास 4351 करोड़ रुपये की संपत्ति है। हालांकि नैस्डैक (अमेरिकी सूचकांक) में टेक्नोलॉजी कंपनियां अधिक हैं, लेकिन इसमें कंज्यूमर सर्विसेज और हेल्थकेयर की वैश्विक स्तर की कंपनियां भी हैं। निवेशकों को अपना पैसा लगाने के लिए ये बढ़िया ऑप्शन ऑफर कर रहा है।
फ्रैंकलिन इंडिया फीडर यूएस अपॉर्चुनिटीज फंड
इस लिस्ट में बीते 5 साल में 23.5 प्रतिशत सालाना रिटर्न के साथ फ्रैंकलिन इंडिया फीडर यूएस अपॉर्चुनिटीज फंड दूसरे स्थान पर है। इसकी संपत्ति 3610 करोड़ रुपये है। 23.5 फीसदी का सालाना रिटर्न काफी अधिक है।
पीजीआईएम इंडिया ग्लोबल अपॉर्चुनिटीज फंड
बीते पांच साल में इस फंड ने सालाना 22.2 फीसदी रिटर्न दिया है। पीजीआईएम इंडिया ग्लोबल अपॉर्चुनिटीज फंड लिस्ट में तीसरे नंबर पर है। अपने नाम के ही अनुरूप इसका फीडर फंड अमेरिका, यूरोपीय और चीनी शेयरों में निवेश करता है। इस फंड के पास 1269 करोड़ रुपये की एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) है।
एडलवाइस ग्रेटर चाइना इक्विटी ऑफ-शोर फंड
एडलवाइस ग्रेटर चाइना इक्विटी ऑफ-शोर फंड ने पिछले पांच वर्षों में सालाना 22 प्रतिशत दिया। एडलवाइस ग्रेटर चाइना इक्विटी ऑफ-शोर फंड ने चीन, हांगकांग और ताइवान में लिस्टेड कंपनियों में निवेश किया। यह जेपी मॉर्गन फंड - ग्रेटर चाइना फंड के माध्यम से निवेश करता है। इसके पास 1838 करोड़ रुपये की एयूएम है।
डीएसपी यूएस फ्लेक्सिबल इक्विटी फंड
डीएसपी यूएस फ्लेक्सिबल इक्विटी फंड ने पिछले पांच सालों में सालाना आधार पर 18.4 फीसदी रिटर्न दिया है। इसके पास 473 करोड़ रुपये की एयूएम है। दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में निवेश करने से आपके पोर्टफोलियो में विविधता आती है। अंतरराष्ट्रीय फंड रिटेल निवेशकों के लिए काफी अच्छे माने जाते हैं। निवेशक अपने अंतरराष्ट्रीय निवेश के लिए यूएस-केंद्रित फंड पर ध्यान दे सकते हैं। उनके पास तेजी से बढ़ते एशियाई बाजारों में निवेश करने का भी ऑप्शन है। ध्यान रहे कि ऐसी स्कीमों नए निवेशकों को सही फंड्स को चुनने के लिए किसी सलाहकार की मदद लेनी चाहिए। दूसरी बात इक्विटी बाजार के जोखिमों के अलावा निवेशकों के सामने मुद्रा में उतार-चढ़ाव का भी जोखिम होगा। क्योंकि अगर डॉलर रुपये के मुकाबले कमजोर होता है, तो निवेशकों के रिटर्न में गिरावट देखने को मिल सकती है।
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