नयी दिल्ली। अमीर कैसे बनें, यह एक ऐसा सवाल है जिसका जवाब ज्यादातर लोग जानना चाहते हैं। इस सवाल का जवाब किसी आम आदमी के पास शायद ही हो। फाइनेंशियल मार्केट के जानकार आपको इसका सही एक सही रास्ता दिखा सकते हैं। इसके लिए आपको कैसे, कितना, कहां और कब तक निवेश करना है इस सब की बेहतर जानकारी एक्सपर्ट्स से मिल सकती है। टैक्स और निवेश एक्सपर्ट करोड़पति बनने का तरीका बताते हैं और वह भी बिना ज्यादा जोखिम के। एक्सपर्ट्स कहते हैं कि म्यूचुअल फंड एसआईपी (सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) में आप कम पैसा ही निवेश कर ऐसा कर सकते हैं। म्यूचुअल फंड निवेश के इस मोड में 20 साल या उससे अधिक समय लग सकता है। यानी आपको 20 साल तक कम से कम निरंतर निवेश जारी रखना होगा। मगर इसका फल आपके लिए बेहद फायदेमंद होगा।
एसआईपी में आसानी से बनता है पैसा
अधिकतर एक्सपर्ट मानते हैं कि लंबी अवधि के लिए म्यूचुअल फंड में एसआईपी के जरिए निवेश करके कोई भी करोड़पति बन सकता है। एसआईपी में एकमुश्त (एक बार में बड़ा निवेश) की आवश्यकता नहीं होती। यहां किसी भी निवेशक के लिए मासिक बचत में से निवेश करना होता है। यानी एक बार में मोटे निवेश के लिए आपके पास पैसा हो या नहीं आप एसआईपी से म्यूचुअल फंड में निवेश जारी रख सकते हैं।
इतने समय में बनेगा 2 करोड़ रु का फंड
यदि कोई निवेशक म्यूचुअल फंड एसआईपी में 20,000 रुपये हर महीने का निवेश करता है तो 20 साल के लगातार निवेश के बाद वह 2 करोड़ रुपये से अधिक का फंड बनाने में कामयाब हो जाएगा। यानी आप 20 सालों में 2 करोड़ का फंड बना सकते हैं। इसके लिए हर महीने आपको 20 हजार रु का निवेश करने की जरूरत है। मदर एक्सपर्ट बताते हैं कि इसके लिए आपको सही फंड चुनना होगा। इसके लिए आप किसी जानकार की सलाह ले सकते हैं। या खुद भी रिसर्च करके बेहतर फंड्स की मालूमात हासिल कर सकते हैं।
कितने फंड चुनने होंगे
एकस्पर्ट्स मानते हैं कि आपको 4000-4000 रु हर महीने 5 फंड्स में लगाने होंगे। यदि कोई निवेशक अगले 20 वर्षों के लिए पाँच अच्छे फंड्स में से प्रत्येक में 4,000 रु का निवेश करता है तो वह इस अवधि के अंत में 2 करोड़ रु हासिल करेगा। यहां 20000 रु 5 फंड्स में लगाने की सलाह इसलिए दी गई है क्योंकि ऐसा संभव है कि हमेशा 1 ही फंड बेहतर परफॉर्मेंस न करे। ऐसे में आपको बाकी फंड्स से अच्छा रिटर्न मिलता रहेगा। अब हम आपको बताते हैं बेहतर फंड चुनने का तरीका।
ऐसे चुनें बेस्ट फंड
आम तौर पर लोग किसी फंड के 1-2 साल के प्रदर्शन को ही देखते हैं। मगर यह तरीका गलत है। असल में कुछ स्कीम शेयर बाजार के ऊपर जाने पर हाई रिटर्न दे सकती हैं और शेयर बाजार के नीचे जाने पर आपका नुकसान करवा सकती हैं। मान लीजिए किसी फंड ने 6 सालों में एवरेज 19 प्रतिशत का रिटर्न दिया। ऐसा फंड उस फंड से बेहतर है जो पहले तीन वर्षों में 28 प्रतिशत रिटर्न है, मगर अगले तीन सालों में 3 फीसदी रिटर्न दे। क्योंकि इसके 6 सालों का औसत रिटर्न 14.7 प्रतिशत रह गया, जो कि 19 फीसदी वाले फंड के मुकाबले अच्छा नहीं है। इसके अलावा किसी फंड के रिटर्न के लिए फंड मैनेजर काफी हद तक जिम्मेदारी होता है। इसलिए पैसा लगाते हुए उस स्कीम के फंड मैनेजर का रिकॉर्ड देख लें। एक और जरूरी बात की अच्छा रिटर्न अक्सर भारी जोखिम पर मिलता है। इसलिए किसी स्कीम के रिस्क-रिटर्न फीचर्स पर नजर जरूर डालें।
More From GoodReturns

LIC की नई पॉलिसी लॉन्च: 'बीमा प्लेटिनम' और 'जीवन रक्षा' में से कौन सी है आपके लिए बेस्ट?

EPFO Enrollment Campaign 2026: पीएफ से छूटे कर्मचारियों के लिए आखिरी मौका, 31 अक्टूबर तक करें आवेदन

पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी: आज आपके शहर में क्या है कीमत? जानें पूरा गणित

Gold Price 2 सितंबर को सोने-चांदी के भाव में स्थिरता, क्या आज खरीदारी करना है फायदे का सौदा? जानें ताजा रेट

3 सितंबर को सोने के दाम स्थिर: क्या आज खरीदारी करना सही फैसला है? जानें ताजा रेट

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 2026: 4 सितंबर को आपके शहर में बैंक बंद या खुले? चेक करें पूरी लिस्ट

गणेश चतुर्थी 2026: 14 सितंबर को बंद रहेगा शेयर बाजार, NSE-BSE की छुट्टी से ट्रेडर्स पर क्या होगा असर?

GST कलेक्शन का धमाका: ₹2 लाख करोड़ के करीब पहुंचा आंकड़ा, इन सेक्टर्स में मचेगी हलचल!

ऑटो सेल्स डेटा: मारुति-टाटा की रफ्तार पर टिकी नजर, आज इन शेयरों में दिखेगी बड़ी हलचल

MSCI रीबैलेंसिंग आज: नए शेयरों की दौड़ में फंसें या SIP का अनुशासन अपनाएं?

IMD अलर्ट: भारी बारिश में गाड़ी-घर का नुकसान? क्लेम पाने का आसान तरीका



Click it and Unblock the Notifications
