Mutual Fund CEO : रिटर्न देने में पीछे, लेकिन सैलरी बढ़ाने में रहे सबसे आगे

नयी दिल्ली। कोरोनावायरस के कारण शेयर बाजार में आई गिरावट ने म्यूचुअल फंड्स के रिटर्न बिगाड़ दिए। इससे निवेशकों को काफी झटका लगा, क्योंकि कुछ ही हफ्तों में कई म्यूचुअल फंड स्कीम के रिटर्न निगेटिव हो गए। यानी इन स्कीम के निवेशक अब नुकसान में आ गए हैं। मगर इस बीच म्यूचुअल फंड कंपनियों के सीईओ (चीफ एक्जेक्यूटिव ऑफिसर) की बल्ले-बल्ले हो गई। म्यूचुअल फंड कंपनियों के सीईओ की सैलेरी में अच्छी खासी बढ़ोतरी दर्ज की गयी। 2019-20 में म्यूचुअल फंड कारोबार खूब फला-फूला, जिससे कंपनियों सीईओ के वेतन काफी ऊपर पहुंच गए। इनमें पहले नंबर पर रहे एचडीएफसी म्यूचुअल फंड के मिलिंद बर्वे। बता दें कि टॉप 12 म्यूचुअल फंड्स कंपनियों के सीईओ की सैलेरी में 132 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई।

क्या कहते हैं आंकड़े

क्या कहते हैं आंकड़े

इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार म्यूचुअल फंड द्वारा सार्वजनिक किए गए आंकड़ों के विश्लेषण के आधार पर एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) के मामले में टॉप 12 फंड हाउसों द्वारा दिए गए अपने सीईओ को वेतन में 2019-20 के दौरान 2 से 132 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई। ये बढ़ोतरी 2018-19 के मुकाबले हुई है। हालांकि ऐसा भी नहीं है कि सभी फंड हाउस सीईओ फाएदे में रहे। बल्कि पिछले वित्त वर्ष में आदित्य बिड़ला सनलाइफ एमएफ, निप्पॉन इंडिया एमएफ और डीएसपी एमएफ के सीईओ के वेतन में 19 प्रतिशत तक की गिरावट आई।

चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर्स की सैलेरी भी बढ़ी

चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर्स की सैलेरी भी बढ़ी

गौरतलब है कि अधिकतर फंड हाउसों के सीईओ (चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर्स) के वेतन में भी वृद्धि देखी गई। 2019-20 के लिए फंड हाउसों द्वारा बताई गई सैलेरी अप्रैल-मई 2019 में तय की गई थी। ये सैलेरी 2018-19 में हुए मुनाफे के आधार पर तय की गई थी, जो उस समय इंडस्ट्री के लिए अपने रिकॉर्ड स्तर पर था। कुल मिलाकर मार्च महीने को छोड़ कर पिछला वित्त वर्ष म्यूचुअल फंड उद्योग के लिए शानदार रहा। मार्च में कोरोनोवायरस महामारी के बीच इंडस्ट्री में रिकॉर्ड गिरावट देखी गई।

किसकी सैलेरी में कितनी बढ़ोतरी

किसकी सैलेरी में कितनी बढ़ोतरी

एचडीएफसी म्यूचुअल फंड के सीईओ मिलिंद बर्वे की सैलेरी 7.23 करोड़ रुपये से 3 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 7.43 करोड़ रुपये हो गई। वहीं प्रतिशत के मामले में एसबीआई एमएफ के सीईओ अश्विनी भाटिया ने बाजी मारी। उनकी सैलेरी 22 लाख रुपये से 132 फीसदी बढ़ कर 51 लाख रुपये रही। हालांकि वे सबसे कम सैलेरी पाने वाले सीईओ भी रहे। कोटक एमएफ के नीलेश शाह का वेतन 4.35 करोड़ रुपये से 68 फीसदी बढ़ कर 7.32 करोड़ रुपये, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एमएफ के नीमेश शाह की सैलेरी 6.25 करोड़ रुपये से 12 फीसदी बढ़ कर 6.98 करोड़ रुपये और आईडीएफसी एमएफ के विशाल कपूर की सैलेरी 5.01 करोड़ रुपये से सबसे कम 2 फीसदी बढ़ कर 5.12 करोड़ रुपये रही। डीएसपी एमएफ के कल्पेन पारेख की सैलेरी में 19 फीसदी की कमी आई।

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