नयी दिल्ली। पिछले कुछ महीनों में बैंक के बचत खातों और फिक्स्ड डिपॉजिट की ब्याज दरों में तेजी से गिरावट देखने को मिली है। इससे बहुत से निवेशकों के लिए म्यूचुअल फंड पैसा लगाने के लिए बेस्ट ऑप्शन के रूप में सामने आया है। म्यूचुअल फंड में रिटर्न निश्चित रूप से अधिक है, मगर कुछ चीजें हैं जिन पर आपको ध्यान देना चाहिए ताकि रिडम्प्शन (निवेश का पैसा निकालना) के दौरान कोई समस्या न हो। आप कहीं पैसा लगायें और जरूरत के समय अपना ही पैसा मिलने में देर लगे तो बुरा लगता है। इसलिए म्यूचुअल फंड में आपको ऐसी कोई दिक्कत न आए इसके लिए क्या जरूरी है हम आपको यहां वही बताने जा रहे हैं।
पैन नंबर है जरूरी
एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स ऑफ इंडिया (एएमएफआई) ने पिछले साल निवेशकों को अपने निवेश के बिना किसी दिक्कत के रिडम्प्शन के लिए म्यूचुअल फंड पोर्टफोलियो में स्थायी खाता संख्या (पैन) की जानकारी को अपडेट करने के लिए अनिवार्य कर दिया था। यह फैसला भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के एक निरीक्षण के बाद किया गया, जिसमें यह पाया गया था कि म्यूचुअल फंड, रजिस्ट्रार और ट्रांसफर एजेंट ने उन फोलियो के लिए भी रिडेम्पशन रिक्वेस्ट को प्रोसेस कर दिया, जहां पैन डिटेल उपलब्ध नहीं थी। यह सुनिश्चित करने के लिए कि बाद में कोई समस्या न हो म्यूचुअल फंड निवेशकों को केवाईसी प्रोसेस पूरी करने के बाद पैन डिटेल देना आवश्यक है। हालांकि कुछ निवेशकों को पैन डिटेल देने से छूट मिली गई है।
50000 रु तक के लिए निवेश पर पैन जरूरी नहीं
जो लोग म्यूचुअल फंड में सालाना 50,000 रुपये तक निवेश करते हैं उन्हें पैन डिटेल अपडेट करने की आवश्यकता नहीं होती है। वे अन्य पहचान प्रमाण भी दे सकते हैं। मगर इससे ज्यादा निवेश करने वालों को पैन देना जरूरी है। अगर आप 50000 रु सालाना से अधिक निवेश करते हैं और आपने पैन डिटेल नहीं दी है तो ये काम फटाफट करें। इसी से रिडम्प्शन के समय आपके सामने कोई दिक्कत नहीं आएगी। जिन निवेशकों को अपना पैन अपडेट करना जरूरी है वे संबंधित म्यूचुअल फंड की वेबसाइट पर ये काम ऑनलाइन कर सकते हैं। आप म्यूचुअल फंड ऑफिस में भी केवाईसी अपडेशन फॉर्म के साथ पैन की कॉपी जमा कर सकते हैं।
हर म्यूचुअल फंड निवेश के लिए है जरूरी
ये प्रोसेस आपके हर म्यूचुअल फंड निवेश के लिए जरूरी है। एक अन्य तरीका पैन / केवाईसी चेंज रिक्वेस्ट फॉर्म का उपयोग करके केवाईसी और पैन डिटेल को अपडेट करना है। निवेशक इस फॉर्म का उपयोग केवाईसी पंजीकरण एजेंसी (केआरए) के साथ डिटेल को अपडेट करने के लिए कर सकते हैं। इन एजेंसियों में कैम्स इन्वेस्टर सर्विसेज, कार्वी डेटा मैनेजमेंट आदि शामिल हैं। केआरए पैन / केवाईसी डिटेल प्राप्त करने के बाद उन सभी म्यूचुअल फंडों में जानकारी अपडेट कर देंगी जिसमें आपका निवेश फोलियो होगा।
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