Mutual Fund News: आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि ऐसा पहली बार हुआ है म्युचुअल फंड का एसेट अंडर मैनेटमेंट 50 ट्रिलियन के पार हो चुका है। इसका मतलब है कि एसेट अंडर मैनेटमेंट के तहत के तहत इस इंडस्ट्री का टोटल कैपिटल 50 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का हो चुका है। इस बात की जानकारी एसोसिएशन ऑफ म्युचुएल फंड ऑफ इंडिया के द्वारा दी गई है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह म्चुचुअल फंड के लिए एक इंडस्ट्री ट्रेड बॉडी होती है।
इसके अलावा एएमएफआई के द्वारा कई और आंकड़े भी जारी किए गए हैं। जिनमें इक्विटी इनफ्लो और एसआईपी प्लान के तहत आने वाले फंड की जानकारी शामिल है।

एसोसिएशन ऑफ म्युचुएल फंड ऑफ इंडिया के द्वारा बताया गया है कि एसेट अंडर मैनेजमेंट में बढ़ोतरी का सबसे बड़ा कारण दिसंबर के महीने में बढ़ा हुआ इक्विटी इनफ्लो और इंडियन इक्वीटी मार्केट में लगातार रैली यानी तेजी की वजह से देखने को मिला है।
इसके अलावा अगर बात की जाए म्युचुअल फंड के जरिए इनफ्लो की तो दिसंबर 2023 के महीने में इसमें 9 प्रतिशत का उछाल देखने को मिला है। इसके साथ ही म्युचुअल फंड में भी इनफ्लो बढ़कर 16,997 करोड़ रुपए तक पहुंच चुका है। जानकारी के लिए बता दें कि साल 2023 के नवंबर महीने में यह 15,536 करोड़ रुपए के आस पास रहा था।
स्मॉल कैप फंड में नेट इनवेस्टमेंट
अगर आप बात करें स्मॉल कैप फंड में नेट इनवेस्टमेंट 3,858 करोड़ रुपए का रहा है। इसके अलावा मिडकैप
इनफ्लो में 48 प्रतिशत तक की गिरावट देखने को मिल रही है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि लार्जकैप फंड का नेट आउटफ्लो 281 करोड़ रुपए के आस पास रहा है। इसका मतलब है कि दिसंबर के महीने में लार्ज कैप फंड में शुद्ध निकासी देखने को मिली है।
इसके अलावा सेंसेक्स में 7.53 प्रतिशत का उछाल दिया गया है। इसके अलावा नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में निफ्टी में 7.93 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली थी।
Systematic Investment Plans
आपको बताते चलें कि सिस्टमैटिक इनवेस्ट प्लान के जरिए 17,610 करोड़ रुपए का इनफ्लो दिसंबर के महीने में देखने को मिला है। गौरतलब है कि वहीं नवंबर के महीने में सिस्टमैटिक इनवेस्ट प्लान के जरिए इनफ्लो 17,073 करोड़ रुपए रहा था।
गौरतलब है कि इक्विटी ओरिएंटेड म्युचुअल फंड में दिसंबर के महीने 22 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली थी। ये नेट इनफ्लो का लगातार 33वां साल है।
आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि साल 2023 के नवंबर महीने में ओपेन एंडेड योजनाओं के तहत पूरा एसेट अंडर मैनेजमेंट 48.78 ट्रिलियन रुपए के आस पास रहा था।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इन आंकड़ों से पता चलता है कि म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में लगातार तेजी देखने को मिल रही है। यह भारत की अर्थ व्यवस्था के लिए भी एक बहेतरीन विकल्प है।
भारत की बेहतर होती अर्थव्यवस्था को देखकर आगे आने वाले इसमें और बढ़होतरी देखने को मिल सकती है। इसके अलावा आने वाले दिनों के दौरान सिस्टमैटिक इनवेस्ट प्लान यानी एसआईपी के जरिए कैश इनफ्लो में और भी ज्यादा और जबरदस्त उछाल देखने को मिल सकता है।
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