Multibagger Stock : घरेलू शेयर मार्केट में पिछले चार कारोबारी सत्र से लगातार गिरावट देखी जा रही है और इसके चलते निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। हालांकि इस गिरावट में भी कुछ शेयर ऐसे हैं जिसने निवेशकों को छप्परफाड़ रिटर्न दिए हैं।
रेलवे सेक्टर में कामकाज करने वाली एक ऐसी ही कंपनी है जिसके शेयरों में लगातार खरीदारी की होड मची है और शेयर नई ऊंचाई पर पहुंच गई है। गुरुवार (25 सितंबर) को इस स्टॉक में बंपर खरीदारी देखी गई और शेयर में 5 फीसदी का अपर सर्किट लग गया।

हम जिस कंपनी की बात कर रहे हैं उसका नाम एयरफ्लो रेल टेक्नोलॉजी (Airfloa Rail Technology Ltd) है। एयरफ्लो रेल टेक के शेयर में आज गुरुवार को 5% का अपर सर्किट लगा और इसके साथ स्टॉक बीएसई पर 356.35 रुपये पर पहुंच गया। यह लेवल कंपनी के शेयर का 52 वीक का नया हाई प्राइस है।
बता दें कि कंपनी के शेयरों की 18 सितंबर को 90% प्रीमियम पर लिस्टिंग हुई थी। इसका प्राइस बैंड ₹140 तय किया गया था। ऐसे में देखें तो एयरफ्लो रेल टेक्नोलॉजी के शेयर लिस्टिंग के सिर्फ 7 दिन में ही 155% तक का रिटर्न दे गया है।
Airfloa Rail Technology IPO Detail
बता दें कि कंपनी का आईपीओ 15 सितंबर को सब्सक्रिप्शन के आखिरी दिन जबरदस्त तरीके से सब्सक्राइब किया गया था। एयरफ्लो रेल टेक्नोलॉजी का आईपीओ एक बुक-बिल्डिंग इश्यू था, जिसमें पूरी तरह से 65 लाख नए शेयरों का फ्रेश इश्यू शामिल किया गया।
कंपनी ने आईपीओ का प्राइस बैंड 133 रुपये से 140 रुपये प्रति शेयर तय किया था। करीब 91.1 करोड़ रुपये के इस एसएमई इश्यू को 11 से 15 सितंबर तक चले तीन दिनों के बिडिंग पीरियड में जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला था। कुल मिलाकर इसे 301.52 गुना सब्सक्रिप्शन प्राप्त हुआ था। आईपीओ में कुल 43.29 लाख शेयरों के मुकाबले लगभग 130.53 करोड़ शेयरों के लिए बोली लगी थी। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) ने अपने हिस्से को लगभग 215 गुना सब्सक्राइब किया था। नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NIIs) ने लगभग 350 गुना सब्सक्रिप्शन किया था। वहीं रिटेल निवेशकों का हिस्सा भी 330 गुना से अधिक भरा गया था।
क्या करती है कंपनी?
एयरफ्लो रेल टेक्नोलॉजी लिमिटेड की स्थापना दिसंबर 1998 में हुई थी। यह कंपनी भारतीय रेल के रोलिंग स्टॉक (ट्रेन के डिब्बों और उनसे जुड़े उपकरणों) के लिए कंपोनेंट्स का निर्माण करती है। कंपनी का संचालन इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) और अन्य कोच फैक्ट्रियों जैसे उत्पादन इकाइयों के माध्यम से होता है।
रेलवे सेक्टर के अलावा, यह कंपनी एयरोस्पेस और डिफेंस सेक्टर के लिए भी अहम पार्ट्स का निर्माण करती है। एयरफ्लो रेल टेक्नोलॉजी ने अब तक कई बड़े प्रोजेक्ट्स में काम किया है, जैसे - श्रीलंका DEMU ट्रेन, मेनलाइन कोचेस, आगरा-कानपुर मेट्रो, आरआरटीएस (रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम), विस्टाडोम कोचेस और भारत की हाई-टेक ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस।
[Disclaimer: यहां व्यक्त किए गए विचार और सुझाव केवल व्यक्तिगत विश्लेषकों या इंस्टीट्यूशंस के अपने हैं। ये विचार या सुझाव Goodreturns.in या ग्रेनियम इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (जिन्हें सामूहिक रूप से 'We' कहा जाता है) के विचारों को प्रतिबिंबित नहीं करते हैं। हम किसी भी कंटेंट की सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी, समर्थन या ज़िम्मेदारी नहीं लेते हैं, न ही हम कोई निवेश सलाह प्रदान करते हैं या प्रतिभूतियों (सिक्योरिटीज) की खरीद या बिक्री का आग्रह करते हैं। सभी जानकारी केवल सूचनात्मक और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए प्रदान की जाती है और कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले लाइसेंस प्राप्त वित्तीय सलाहकारों से स्वतंत्र रूप से सत्यापित जरूर करें।]


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