मुकेश अंबानी की Reliance Industries को क्यों पड़ गयी 20000 करोड़ रु की जरूरत, जानिए कंपनी का हाल
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Reliance Industries Non-Convertible Debentures : जितनी बड़ी-बड़ी कंपनियां बिजनेस करती हैं, उन्हें अकसर किसी न किसी प्रोजेक्ट या किसी नयी कंपनी को खरीदने या इसी तरह की किसी अन्य कारोबारी जरूरत के लिए पैसों की जरूरत पड़ती रहती है। ऐसे में उनके पास कई तरीके होते हैं पैसा जुटाने के। वे बैंक से लोन ले सकती हैं। या इक्विटी शेयर जारी कर सकती हैं। इसमें यदि कंपनी लिस्टेड हो तो फॉलो-ऑन ऑफर ला सकती है और नॉन-लिस्टेड हो तो आईपीओ ला सकती है। कंपनी के पास बॉन्ड जारी करने का भी विकल्प होता है। इसी तरह कोई कंपनी जारी करती है डिबेंचर। डिबेंचर आम तौर पर दो तरह के होते हैं। एक कंवर्टिबल (जिन्हें शेयरों में बदला जा सकता है) और दूसरे नॉन-कंवर्टिबल डिबेंचर (जिन्हें इक्विटी शेयरों में कंवर्ट नहीं किया जा सकता)। अब मार्केट कैपिटल के लिहाज से देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज को पैसों की जरूरत आ गयी है और यह नॉन-कंवर्टिबल डिबेंचर (एनसीडी) के जरिए अपने पैसों की जरूरत को पूरा करेगी। कंपनी ने एक बड़े एनसीडी इश्यू का ऐलान किया है। आगे जानिए पूरी डिटेल।

20000 करोड़ रु का एनसीडी इश्यू

20000 करोड़ रु का एनसीडी इश्यू

मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने एनसीडी के माध्यम से 20,000 रुपये जुटाने की योजना बनाई है। कंपनी ने बीते शुक्रवार को इस प्लान का ऐलान किया है। एनसीडी एक या एक से अधिक बार में के दौरान प्राइवेट प्लेसमेंट के आधार पर जारी किए जाएंगे। पूंजी जुटाने के लिए प्राइवेट प्लेसमेंट निवेशकों के एक छोटे से चुने हुए समूह को सिक्योरिटीज की बिक्री को कहा जाता है।

घट गया मुनाफा

घट गया मुनाफा

एनसी़डी के जरिए 20000 करोड़ रु जुटाने का ऐलान तब किया गया है जब कंपनी दिसंबर 2022 में समाप्त तिमाही के लिए अपने वित्तीय नतीजे पेश कर रही थी। ऑयल-टू-टेलीकॉम ग्रुप ने दिसंबर तिमाही में 15,792 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो कि एक साल पहले की समान तिमाही में 18,549 करोड़ रुपये से 15 प्रतिशत कम रहा।

ये है कंपनी की तरफ से दी गयी जानकारी
कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंजों से कहा है कि हम आपको सूचित करना चाहते हैं कि कंपनी के निदेशक मंडल ने आज यानी 20 जनवरी, 2023 को हुई बैठक में अन्य बातों के साथ-साथ एनसीडी जारी करने के माध्यम से पैसा जुटाने की मंजूरी दे दी है। एनसीडी को प्राइवेट प्लेसमेंट के आधार पर एक या एक से अधिक किस्तों/श्रृंखलाओं में जारी किया जाएगा और कंपनी इससे 20,000 करोड़ रुपये तक जुटाएगी।

अडानी ग्रुप ला रहा एफपीओ

अडानी ग्रुप ला रहा एफपीओ

अहम बात यह है कि गौतम अडानी के नेतृत्व वाला अडानी समूह भी फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफरिंग (एफपीओ) के माध्यम से 20,000 करोड़ रुपये जुटा रहा है। एफपीओ, जिसका प्राइस बैंड 3,112-3,276 रुपये प्रति शेयर है, 27 जनवरी को खुलेगा।

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अंबानी की दौलत घटी

अंबानी की दौलत घटी

इस बीच एक अन्य खबर के अनुसार मुकेश अंबानी अमीरों की लिस्ट लगातार पिछड़ रहे हैं। अब वह दुनिया के टॉप 10 अमीरों की लिस्ट से भी बाहर हो गए हैं। उनकी दौलत गिर कर 85 अरब डॉलर रह गई है। ब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्स के अनुसार उनकी दौलत अब 85.2 अरब डॉलर और वे अमीरों की लिस्ट में 11वें स्थान पर हैं।

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