Muhurat Trading 2024: देशभर में फेस्टिव सीजन की धूम है. नवरात्रि, दशहरा और धनतेरस के बाद अब दिवाली का त्यौहार है. इस दिवाली के साथ विक्रम संवत 2081 की शुरूआत हो गई है. भारतीय शेयर बाजार के लिए दिवाली काफी शुभ माना जाता है. इसीलिए एक स्पेशल सेशन का आयोजन किया जाता है. इसे मुहूर्त ट्रेडिंग के रूप में जाना जाता है. मुहूर्त ट्रेडिंग भारत में ट्रेडर्स द्वारा अपनाई जाने वाली शेयर बाजार में एक आम रस्म है, जोकि एक घंटे का समय होता है. ऐसे में यह समझना जरूरी है कि नॉर्मल ट्रेडिंग और मुहूर्त ट्रेडिंग में क्या अंतर है..
1. मुहूर्त ट्रेडिंग भारतीय शेयर बाजार में एक स्पेशल सेशन है. यह दिवाली के दिन होता है, जिसे शुभ माना जाता है. निवेशक इस समय ट्रेडिंग को भाग्यशाली मानते हैं. सामान्य ट्रेडिंग की तुलना में मुहूर्त ट्रेडिंग का समय कम होता है, लेकिन इसका सांस्कृतिक महत्व अधिक होता है.
2. सामान्य ट्रेडिंग हफ्ते के पांच दिन होती है. यह सुबह 9:15 बजे से शाम 3:30 बजे तक चलती है. इसमें निवेशक नियमित रूप से शेयर खरीदते और बेचते हैं. यह प्रक्रिया बाजार की स्थितियों पर निर्भर करती है और इसमें कोई धार्मिक या सांस्कृतिक पहलू नहीं होता.
3. मुहूर्त ट्रेडिंग दिवाली के दिन होती है और इसका समय लगभग एक घंटा होता है. यह सत्र शाम को आयोजित किया जाता है, जिसका समय हर साल बदल सकता है. निवेशक इसे शुभ मानते हैं और नए निवेश की शुरुआत करते हैं. इस दौरान बाजार में हलचल अधिक होती है, लेकिन वॉल्यूम कम रहता है.
4. मुहूर्त ट्रेडिंग का मुख्य आकर्षण इसका शुभ मुहूर्त होना है. निवेशक इस समय को नए निवेश की शुरुआत के लिए चुनते हैं. हालांकि, सामान्य ट्रेडिंग का उद्देश्य लाभ कमाना होता है, जो बाजार की स्थिति पर निर्भर करता है. दोनों प्रकार की ट्रेडिंग का अपना महत्व और उद्देश्य होता है.

2024 में कब है मुहूर्त ट्रेडिंग?
एक्सचेंज ने मुहूर्त ट्रेडिंग को लेकर सर्कुलर जारी किया है. इसके मुताबिक शुक्रवार यानी 1 नवंबर को दिवाली के अवसर पर शेयर बाजार बंद रहेगा. इक्विटी, करेंसी डेरिवेटिव्स, इक्विटी F&O और डेट मार्केट में केवल एक घंटे के लिए स्पेशल टाइम स्लॉट के दौरान ही ट्रेडिंग होगा, जोकि शाम 6:00 बजे से शाम 7:00 बजे तक फिक्स किया गया है. ट्रेडिंग से पहले एक्सचेंजों ने शाम 5:45 बजे से शाम 6:00 बजे तक प्री-ओपनिंग सेशन फिक्स किया है. फिर शाम 5:30 बजे से शाम 5:45 बजे तक ब्लॉक डील विंडो का आयोजन किया जाएगा.
मुहूर्त ट्रेडिंग के दिन क्या-क्या होता है?
दिवाली के दिन मुहूर्त ट्रेडिंग होती है. इस दिन नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी NSE और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी BSE दोनों सीमित समय के लिए ट्रेडिंग की अनुमति देते हैं. आमतौर पर सत्र को अलग-अलग हिस्सों में बांटा जाता है...
-ब्लॉक डील सेशन- यहां दो पार्टी एक फिक्स प्राइस पर सिक्योरिटीज खरीदने/बेचने के लिए सहमत होते हैं. साथ ही इसके बारे में स्टॉक एक्सचेंज को सूचित करते हैं.
-प्री-ओपन सेशन- इसमें स्टॉक एक्सचेंज बैलेंस प्राइस फिक्स करते हैं, जोकि करीब 8 मिनट का होता है.
-नॉर्मल मार्केट सेशन- यह एक घंटे का सेशन होता है, जिसमें ज्यादातर ट्रेडिंग होती है
-क्लोजिंग सेशन- इसमें ट्रेडर/निवेशक क्लोजिंग प्राइस पर मार्केट ऑर्डर दे सकते हैं.
मुहूर्त ट्रेंडिंग का क्या है इतिहास?
हर साल दिवाली (Diwali) के दिन शेयर बाजार में मुहूर्त ट्रेडिंग होती है. यह प्रथा काफी पुरानी है. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी बीएसई ने मुहूर्त ट्रेडिंग की शुरुआत साल 1957 में की थी, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी एनएसई ने इसकी शुरुआत साल 1992 में की. दिवाली के दिन 'चोपड़ा पूजन' होता है. साथ ही बही-खातों की पूजा होती है. मुहूर्त ट्रेडिंग पर कारोबारी और निवेशक शेयर ट्रेड करते हैं.


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