Muhurat Trading Timeline: शेयर बाजार में शुक्रवार यानी 1 नवंबर को दिवाली मनाई जाएगी. दिवाली की शुभ अवसर पर मार्केट मुहूर्त ट्रेडिंग के लिए खुलता है. यह ट्रेडर्स के लिए स्पेशल ट्रेडिंग अवधि होता है. बताते चलें कि दिवाली के साथ ही हिंदू कैलेंडर वर्ष संवत 2081 की शुरुआत होती है. इस एक्सचेंजों पर कुछ समय के लिए शाम को ट्रेडिंग होती है, जिसे मुहूर्त ट्रेडिंग भी कहते हैं. इसका लंबा इतिहास है.
मुहूर्त ट्रेडिंग का इतिहास
स्टॉक मार्केट ट्रेडर्स और इन्वेस्टर्स दिवाली के दिन मुहूर्त ट्रेडिंग के दौरान प्रतीकात्मक ट्रेड करते हैं. दरअसल, ऐसी मान्यता है कि इस मौके पर ट्रेड करने से सौभाग्य और समृद्धि आती है. यह परंपरा सदियों से अनौपचारिक रूप से प्रचलित है, जिसे बॉन्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी बीएसई ने 1957 में शुरू किया. इसे आगे चलकर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने भी अपना लिया.

1 नवंबर के लिए ट्रेडिंग शेड्युल
एक्सचेंज ने मुहूर्त ट्रेडिंग को लेकर सर्कुलर जारी किया है. इसके मुताबिक शुक्रवार यानी 1 नवंबर को दिवाली के अवसर पर शेयर बाजार बंद रहेगा. इक्विटी, करेंसी डेरिवेटिव्स, इक्विटी F&O और डेट मार्केट में केवल एक घंटे के लिए स्पेशल टाइम स्लॉट के दौरान ही ट्रेडिंग होगा, जोकि शाम 6:00 बजे से शाम 7:00 बजे तक फिक्स किया गया है. ट्रेडिंग से पहले एक्सचेंजों ने शाम 5:45 बजे से शाम 6:00 बजे तक प्री-ओपनिंग सेशन फिक्स किया है. फिर शाम 5:30 बजे से शाम 5:45 बजे तक ब्लॉक डील विंडो का आयोजन किया जाएगा.
मुहूर्त ट्रेडिंग के दिन सेंसेक्स का परफॉर्मेंस
नए साल में शेयर बाजार की संभावित दिशा के संकेतक के रूप में मुहूर्त ट्रेडिंग होती है. इस दौरान सेंसेक्स के प्रदर्शन पर बारीकी से नज़र रखी जाती है. पिछले एक दशक में इस सत्र के दौरान सेंसेक्स का प्रदर्शन मिला-जुला रहा है, जिसमें 2016 और 2017 में गिरावट दर्ज की गई. हालांकि, पिछले छह सालों के दौरान यह हरे रंग में बंद हुआ है, जिसमें 2023 में 355 अंकों की बढ़त शामिल है.


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