नयी दिल्ली। मोदी सरकार ने मुद्रा लोन लेने वालों को बड़ी राहत दी है। मुद्रा लोन लेने वालों को 1 साल के लिए ब्याज में 2 फीसदी की छूट दी गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई यूनियन कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। कोरोनोवायरस के कारण उपजे आय संकट के बीच छोटे कर्जदारों को बड़ी राहत देते हुए कैबिनेट ने 50,000 रुपये से कम के मुद्रा लोन पर 2 फीसदी ब्याज सब्सिडी को मंजूरी दे दी। मुद्रा योजना के तहत 50000 रु से कम के लोन को शिशु ऋण कहा जाता है। कैबिनेट मंत्री प्रकाश जावड़ेकर के मुताबिक इस फैसले मुद्रा योजना के तहत शिशु लोन लेने वाले 9.37 करोड़ लोगों को फायदा मिलेगा। सरकार ने ब्याज सब्सिडी का लाभ देने के लिए 1,540 करोड़ रुपये खर्च करने की घोषणा की। शिशु लोन लेने वालों को इस सब्सिडी का लाभ यानी ब्याज पर छूट 1 जून 2020 से 31 मई 2021 तक के लिए मिलेगी।
गरीबों को फायदा
प्रकाश जावड़ेकर के अनुसार पहले ठेले,रेहड़ी-पटरी वाले और छोटे-मोटे दुकानदार साहूकारों से ऊंची ब्याज दर पर कर्ज लेते थे। मगर अब उन्हें मुद्रा योजना के तहत सस्ता लोन मिल जाता है। सरकार के 2 फीसदी की सब्सिडी देने से अब ऐसे लोन लेने वालों को और भी अधिक राहत मिलेगी। माइक्रो यूनिट्स डेवलपमेंट एंड रिफाइनेंस एजेंसी (मुद्रा) योजना दुनिया की सबसे बड़ी स्मॉल लोन कार्यक्रम है, जिससे लगभग 20 करोड़ लोगों को कार्यशील पूंजी मिली है। यह देश में सूक्ष्म उद्यम क्षेत्र (Micro-Enterprise Sector) की ग्रोथ को सहारा देने के लिए तैयार की गई है।
किसे-किसे मिलता है सपोर्ट
मुद्रा योजना के जरिए 10 लाख रुपये तक की लोन आवश्यकता वाली सूक्ष्म इकाइयों को लोन देने के लिए बैंकों / माइक्रो फाइनेंस संस्थान / एनबीएफसी को रिफाइनेंस सहायता दी जाती है। मुद्रा योजना के तहत शिशु लोन में 50,000 रुपये तक का ऋण शामिल हैं। इसके अलावा किशोर योजना में 50,000 रुपये से अधिक और 5 लाख रुपये तक के ऋण शामिल हैं, जबकि तरुण योजना में 5 लाख रुपये से अधिक और 10 लाख रुपये तक के ऋण शामिल हैं। इस योजना के जरिए स्ट्रीट वेंडर और छोटे दुकानदार बहुत कम ब्याज दर पर बैंकों से ऋण लेते हैं।
रेहड़ी-पटरी और छोटे दुकानदारों की सहायता
देशव्यापी आर्थिक मंदी के मद्देनजर मोदी सरकार ने हाल ही में रेहड़ी-पटरी और छोटे दुकानदारों की स्थिति में सुधार के लिए कई उपायों की घोषणा की। सरकार ने पीएम स्वाननिधि योजना के तहत रेहड़ी-पटरी वालों को लॉकडाउन से प्रभावित अपने व्यवसायों को फिर से स्थापित करने के लिए 10,000 रुपये का लोन देने की घोषणा की। सरकार ने कहा था कि इस कदम का लक्ष्य 50 लाख से अधिक रेहड़ी पटरी वालों को पीएम स्वनिधि योजना के माध्यम से फायदा पहुंचाना है।


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