MSP Hike: बजट से पहले देश के किसानों के लिए बड़ी खबर आ रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने कच्चे जूट के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में इजाफा करने का ऐलान किया है. कैबिनेट की बैठक के बाद बुधवार को केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने इस फैसले की जानकारी दी. इसके तहत 2025-26 के विपणन सत्र के लिए MSP बढ़कर 5,650 रुपए प्रति क्विंटल हो जाएगी, जो पिछली दर से 6% ज्यादा है.
एमएसपी में बढ़त और इसका असर
प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कच्चे जूट के एमएसपी में 315 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी करने का फैसला किया गया. इससे आगामी विपणन सत्र के लिए नई कीमत 5,650 रुपए हो गई है. पिछले एक दशक में समर्थन मूल्य में काफी बढ़त देखी गई है. पीयूष गोयल के मुताबिक इस नए एमएसपी से जूट उत्पादकों को औसत उत्पादन लागत पर 66.8% का लाभ मार्जिन मिलेगा.
MSP में दोगुना से ज्यादा की बढ़ोतरी
2014-15 में जब मोदी सरकार बनी थी, तब कच्चे जूट का एमएसपी 2,400 रुपये प्रति क्विंटल था. इस नए बढ़त के साथ, यह दोगुना से भी अधिक बढ़कर 5,650 रुपए प्रति क्विंटल हो गया है. इस वृद्धि से जूट किसानों को काफी फायदा होने की उम्मीद है.

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को लेकर अपडेट
कच्चे जूट के लिए एमएसपी को बढ़ाने के अलावा, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) को अगले पांच सालों के लिए बढ़ाने को भी मंजूरी दे दी है. अकेले 2021 और 2022 के बीच, लगभग 12 लाख स्वास्थ्य कर्मचारी एनएचएम में शामिल हुए, जिन्होंने कोविड-19 के खिलाफ भारत की लड़ाई में महत्वपूर्ण योगदान दिया.
हाल के कैबिनेट निर्णय
जनवरी 2025 में कई बड़े फैसले लेने के लिए मोदी कैबिनेट सक्रिय है. इस महीने दो अलग-अलग बैठकों में उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों को प्रभावित करने वाले प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की. पहली बैठक में 8वें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी देकर केंद्रीय कर्मचारियों के हितों पर ध्यान केंद्रित किया गया. दूसरी बैठक में एनएचएम का कार्यकाल पांच साल के लिए बढ़ा दिया गया.


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