नई दिल्ली, सितंबर 29। उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने सूक्ष्म लघु मध्यम उद्यम (एमएसएमई) प्रोत्साहन नीति 2022 और उत्तर प्रदेश जैव ऊर्जा (बायोएनर्जी) नीति 2022 को मंजूरी दी। ऐसा एमएसएमई और बायोएनेर्जी परियोजनाओं की स्थापना में मदद करने के लिए किया गया है। राज्य के मंत्रिमंडल ने नीति आयोग की तर्ज पर राज्य योजना आयोग को राज्य परिवर्तन आयोग (एसटीसी) के रूप में रीऑर्गेनाइज करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता की जिसने राज्य परिवर्तन आयोग के गठन का फैसला किया। इन नये फैसलों में एक खास बात यह है कि मात्र 1 रु में राज्य में एख एकड़ जमीन दी जाएगी।
जमीन की पहचान
नई एमएसएमई प्रोत्साहन नीति के एक तहत गांवों में एमएसएमई को बढ़ावा देने के लिए, प्रत्येक ग्राम पंचायत में 5 एकड़ या उससे अधिक भूमि की पहचान करने का निर्णय लिया गया है। इसके बाद चिन्हित भूमि को उद्योग निदेशालय (डायरेक्टोरेट ऑफ इंडस्ट्री) को ट्रांसफर कर दिया जाएगा।
औद्योगिक पार्क होंगे डेवलप
एचटी की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि पॉलिसी में एक्सप्रेसवे के दोनों किनारों पर औद्योगिक बेल्ट डेवलप करने का सुझाव दिया गया है। पॉलिसी के तहत एक्सप्रेसवे के दोनों किनारों पर पांच किलोमीटर या उससे अधिक क्षेत्र में पांच एकड़ या अधिक भूमि की पहचान की जाएगी और एमएसएमई की स्थापना की सुविधा के लिए औद्योगिक क्लस्टर के रूप में उन्हें डेवलप किया जाएगा। 10 एकड़ या उससे अधिक भूमि वाले निजी क्षेत्रों को भी औद्योगिक पार्क आदि डेवलप करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
1 रु में एक एकड़ जमीन और साथ में सब्सिडी
जैव ऊर्जा नीति बायोएनेर्जी (कंप्रेस्ड बायोगैस, बायोएथेनॉल और बायोडीजल आदि) परियोजनाओं को प्रोत्साहन प्रदान करेगी और ऐसी परियोजनाओं के लिए भूमि उपलब्ध कराने के लिए प्रति एकड़ मात्र 1 रुपये का टोकन लीज रेंट लिया जाएगा। इतना ही नहीं, पॉलिसी में कई अन्य इंसेन्टिव्स और सब्सिडी भी प्रदान किए जाने की बात कही गयी है।
बदला जाएगा 50 साल पुराना राज्य योजना आयोग
इसके अलावा, राज्य परिवर्तन आयोग 24 अगस्त, 1972 को यूपी में स्थापित किए गए राज्य योजना आयोग की जगह लेगा। सीएम योगी आदित्यनाथ आयोग के अध्यक्ष होंगे और वित्त मंत्री, दो उपमुख्यमंत्री, कृषि मंत्री, समाज कल्याण मंत्री, पंचायत राज मंत्री, औद्योगिक विकास मंत्री, जल शक्ति मंत्री और शहरी विकास मंत्री आदि इसके अन्य सदस्य होंगे।
एसटीसी (राज्य परिवर्तन आयोग) एक नीति थिंक टैंक होगा
इस आयोग में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को भी शामिल किया जाएगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और चुनिंदा विभागों के सचिव भी आयोग के सदस्य होंगे। राज्य योजना आयोग अब तक जो कार्य करता रहा है, उसे करने के अलावा एसटीसी एक नीति थिंक टैंक के रूप में कार्य करेगा। आयोग विभिन्न क्षेत्रों में कई इनोवेशन पर काम करेगा और राज्य सरकार को उत्तर प्रदेश की एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के उद्देश्य को प्राप्त करने में मदद करेगा।


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