नई दिल्ली, जून 28। शेयर बाजार में एक से बढ़कर एक कंपनियां हैं। इन्हीं में से एक कंपनी है मद्रास रबड़ फैक्ट्री (एमआरएफ)। इस कंपनी ने निवेशकों को लगातार तगड़ा रिटर्न दिया है। यहां पर किया गया निवेश कई गुना बढ़ गया है। स्थिति यह है कि इस कंपनी ने 1 लाख रुपये के निवेश को सवा करोड़ रुपये बना दिया है। जहां तक रेट की बात है तो एमआरएफ का शेयर देश के सबसे महंगे शेयरों में एक है। मद्रास रबड़ फैक्ट्री (एमआरएफ) देश में टायर बनाने वाली सबसे बड़ी कंपनी है। यह देश में हर तरह के वाहनों के लिए टॉयर बनाती है। देश में जिस तरह से वाहनों की मांग बढ़ रही है, उससे कंपनी का करोबार लगातार बढ़ता रह सकता है।
आइये जानते हैं कितने दिनों में बने सवा करोड़ रुपये
मद्रास रबड़ फैक्ट्री (एमआरएफ) ने निवेशकों को 20 साल में ही करोड़पति बना दिया है। कंपनी के शेयर का रेट जून 2001 में 640 रुपये पर था। वहीं आज मद्रास रबड़ फैक्ट्री (एमआरएफ) के शेयर का रेट 80,000 रुपये के ऊपर चल रहा है। इस प्रकार इस शेयर में जिन लोगों ने आज से 20 साल पहले मद्रास रबड़ फैक्ट्री (एमआरएफ) के शेयर में 1 लाख रुपये का निवेश किया होगा, उसकी वैल्यू अब सवा करोड़ रुपये हो चुकी है। इस प्रकार निवेशकों को इस शेयर में करीब 12000 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न दिया है। निवेशकों के रिटर्न की वैल्यू आज 80,000 रुपये के हिसाब से सवा करोड़ रुपये है, लेकिन एमआरएफ के शेयर ने फरवरी 2021 में अपना ऑल टाइम हाई 98,575 रुपये का बनाया था। इस रेट के हिसाब से देखा जाए तो निवेशकों की वैल्यू फरवरी के आसपास करीब डेढ़ करोड़ रुपये तक पहुंच गई थी।
जानिए एमआरएफ का 5 साल का रिटर्न
मद्रास रबड़ फैक्ट्री (एमआरएफ) का शेयर लगातार ही अच्छा रिटर्न दे रहा है। इस शेयर ने जहां 20 साल में 1 लाख को सवा करोड़ रुपये बना दिया है, वहीं अगर 5 साल का रिटर्न देखें तो भी निवेशकों का पैसा लगभग दोगुना कर दिया है। 5 साल में मद्रास रबड़ फैक्ट्री (एमआरएफ) के शेयर ने करीब 180 फीसदी का रिटर्न दिया है। आज से 5 साल पहले कंपनी का शेयर करीब 34,383 रुपये के स्तर पर था, जो इस वक्त 80,000 रुपये से ज्यादा का हो गया है। इस प्रकार से देखा जाए तो 5 साल में 35,000 रुपये 80,000 रुपये बन गए हैं।
1946 में बनी थी मद्रास रबड़ फैक्ट्री (एमआरएफ)
मद्रास रबड़ फैक्ट्री (एमआरएफ) की स्थापना 1946 में हुई थी। कंपनी उस वक्त टॉय बैलून बनाती थी। बाद में धीरे-धीरे इसका विस्तार हुआ। आज यह देश में लगभग सभी वाहनों के लिए टॉयर और ट्यूब बनाती है। एक जगह से शुरू हुई इस कपंनी की आज देश में 9 उत्पादन इकाईयां हैं।
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