RBI: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने इस बार रेपो रेट को 5.5% पर बनाए रखने का फैसला किया है। RBI के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को इस फैसले की जानकारी दी।
तीन दिन की बैठक के बाद, आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने गवर्नर संजय मल्होत्रा की अगुवाई में फैसला लिया कि रेपो रेट को 5.50% पर ही रखा जाएगा। इससे पहले जून महीने में हुई बैठक में रेपो रेट में 0.50% (50 बेसिस पॉइंट) की कटौती की गई थी।

2025 की शुरुआत से ही मिल चुकी है बड़ी राहत
इस साल जनवरी से लेकर अब तक RBI पहले ही कुल 100 बेसिस पॉइंट (1%) की कटौती कर चुका है। इसलिए इस बार कोई बदलाव न करना, एक संतुलित कदम माना जा रहा है।
अधिकतर जानकारों ने लगाया था सही अनुमान
GoodReturns द्वारा कराए गए एक पोल में शामिल 62 अर्थशास्त्रियों में से 39 से ज्यादा ने पहले ही अनुमान लगा लिया था कि अगस्त की बैठक में RBI रेपो रेट को नहीं बदलेगा।
महंगाई दर में भारी गिरावट, जून में रही सिर्फ 2.1%
जून महीने में खुदरा महंगाई दर (CPI) घटकर 2.1% पर पहुंच गई है, जो हाल के वर्षों में सबसे कम मानी जा रही है। इससे साफ है कि खाद्य और रोजमर्रा की चीजों की कीमतों में राहत मिल रही है।
महंगाई के लक्ष्य को लेकर RBI आश्वस्त
RBI ने जून में अपने महंगाई के अनुमान को पहले ही घटाकर 3.7% कर दिया था। ये बताता है कि केंद्रीय बैंक को अब महंगाई को लेकर ज्यादा चिंता नहीं है। वहीं अब इसे 3.7% घटाकर 3.1% कर दिया है।
अब नजर अगले फैसले पर
इस बार RBI ने रेट में बदलाव नहीं किया, ताकि पहले किए गए फैसलों का असर पूरी तरह से दिख सके। आगे महंगाई अगर काबू में रही, तो आम लोगों और कारोबारियों को और राहत मिल सकती है।
RBI का यह कदम बताता है कि वह जल्दबाज़ी नहीं करना चाहता और अब तक की नीतियों का असर देखने को प्राथमिकता दे रहा है। कम महंगाई और स्थिर दरें भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक अच्छा संकेत हैं।
INVasset PMS के पार्टनर और फंड मैनेजर अनिरुद्ध गर्ग ने बताया कि यह फैसला उस समय लिया गया है जब इस साल की शुरुआत में रेपो रेट में कुल 100 बेसिस पॉइंट की कटौती की जा चुकी है। इसके साथ ही, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय निर्यात पर 25% टैरिफ लगाने की धमकी दी है। जानकारों का मानना है कि अगर ऐसा हुआ, तो भारत के लगभग 100 अरब डॉलर के निर्यात पर असर पड़ेगा और इससे वित्त वर्ष 2025-26 की जीडीपी ग्रोथ में 0.30% की गिरावट आ सकती है।
देश की जीडीपी के लिए कही ये बात
आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि इस बार मॉनसून की स्थिति अच्छी बनी हुई है, जो देश की अर्थव्यवस्था के लिए एक अच्छा संकेत है। अच्छी बारिश से खेती में सुधार होगा, जिससे ग्रामीण मांग बढ़ेगी। इसका असर बाकी सेक्टर्स पर भी पड़ेगा और आर्थिक विकास को मजबूती मिलेगी।
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