नई दिल्ली। चीन के चलते भारत और नेपाल के बीच चह रहे तनाव को लेकर नेपाल के सीनियर इकोनॉमिस्ट डॉ. पोश राज पांडे ने अपने देश को चेतावनी जारी की है। उन्होंने आंकड़े देकर साबित करने की कोशिश की है कि नेपाल का भविष्य भारत है, चीन नहीं। इस समय चल रहे तनाव के बीच उनकी इस चेतावनी के कई मतलब निकाले जा रहे हैं। उनका कहना है कि नेपाल को भारत से अपने रिश्ते बिगाड़ने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। नेपाल के सीनियर इकोनॉमिस्ट डॉ. पोश राज पांडे के अनुसार नेपाल अपने सभी जरूरी सामानों के लिए भारत पर निर्भर है। इसलिए नेपाल को कभी भी यह नहीं सोचना चाहिए कि भारत का विकल्प चीन हो सकता है।
इस मामले को लेकर चल रहा है विवाद
दरअसल नेपाल अपना नया नक्शा जारी करना चाहता है। इस नक्शे में वह भारत में उत्तराखंड के कुछ हिस्से जैसे, लिपुलेख, कालापानी और लिमपियाधुरा को अपने क्षेत्र में शामिल कर रहा है। हालांकि भारत ने नेपाल के इस कदम को आधारहीन बताते हुए इस मामले का खारिज कर दिया है।
इसी मामले पर सीनियर इकोनॉमिस्ट डॉ. पोश राज पांडे ने की है टिप्पणी
नेपाल के सीनियर इकोनॉमिस्ट डॉ. पोश राज पांडे ने इसी मामले पर कहा है कि इस कदम का आर्थिक प्रभाव इस बात पर निर्भर करता है कि भारत किस तरह की प्रतिक्रिया देता है। पांडे ने कहा है कि नेपाल तीन तरफ से भारत से घिरा हुआ है। अगर भारत ने जवाबी कार्रवाई कर दी तो स्थिति खराब हो जाएगी। इसका असर देश की अर्थव्वस्था पर काफी खराब पड़ेगा।
नेपाल के लिए कितना जरूरी है भारत
पांडे ने अपने बयान में आगे कहा है कि इस मामले को बातचीत से सुलझाने की जरूरत है। नेपाल आज भी जरूरी सामानों के लिए भारत पर निर्भर है। पांडे के अनुसार भारत से हमारा आयात दो तिहाई है। जबकि चीन की हिस्सेदारी सिर्फ 14 फीसदी है। लिहाजा चीन भारत का विकल्प कभी नहीं हो सकता। पांडे ने निर्यात के मामले में भी पक्ष रखा और कहा कि भारत को हम कुल निर्यात का 60 फीसदी करते हैं, जबकि चीन की हिस्सेदारी सिर्फ 2 फीसदी है।


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